निहारिका की नथ फहीम ने उतारी

मैं निहारिका सिंह यूपी की रहनेवाली हूं। मैं राजपूत फैमिली से बिलॉन्ग करती हूं। मैं ज्योग्राफी में पोस्टग्रेजुएट हूं। स्कूल के समय से ही मेरी बेस्ट फ्रेंड है पूनम। कॉलेज में भी हम साथ थे। उन दिनों की जब मैं और पूनम स्कूल में थे। हम दोनों स्पोर्टस में काफी एक्टिव थे। इसलिए स्कूल-कॉलेज में हम दोनों बास्केटबॉल और बॉलीबॉल के खिलाड़ी रहे हैं। बात उन दिनों की है जब हम दोनों कॉलेज बॉस्केटबॉल टीम में खेलते थे।
एक दिन हम प्रैक्टिस कर घर लौट रहे थे। बरसात के दिन थे सो अंधेरा जल्द हो गया था। मैं और पूनम देखने में जितनी सुंदर थे हम दोनों की फीगर भी उतनी ही स्पोर्टी थी। लिहाजा कई लड़के हम दोनों के चक्कर लगाते थे। हम बीच रास्ते में थे कि बारिश शुरु हो गई। छिपने की कोई जगह नहीं थी। इसलिए मैं और पूनम एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। बारिश तेज हो रही थी। हमलोग जल्दी ही भींगने लगे। इसबीच एक कार आकर रुकी। उसमें दो लड़के बैठे थे। उन्होंने पूनम का नाम लेकर पुकारा। अंधेरा था इसलिए उनका चेहरे हमें नहीं दिख रहा था। एक लड़के ने पूनम के भाई प्रशांत का नाम लिया…और कहा कि मैं आबिद हूं। पूनम आबिद को अपने भाई के साथ कई बार देख चुकी थी। 6 फीट हाईट जिम टोन्ड बॉडी थी उसकी। गोरा हैंडसम। उसने कहा पूनम आ जाओ बारिश हो रही है भींग जाओगी। घर छोड़ देता हूं। लेकिन मैंने पूनम से कहा मैं नहीं जाऊंगी। पूनम ने आबिद को कहा…आप जाओ हमलोग चले जाएंगे। इसबीच आबिद छाता लेकर हमारे पास आ चुका था। बारिश की वजह से उसने हमारी बात शायद नहीं सुनी थी। उसके आ जाने की वजह से हमें चाहते हुए भी उसकी कार में बैठना पड़ा। कार की ड्राइविंग सीट पर दूसरा लड़का बैठा था। वो भी डेडली हैंडसम और उसकी भी बॉडी वेलबिल्ड थी। मैं और पूनम पीछे की सीट पर बैठ गए। और आबिद आगे बैठ गया। कार में आबिद ने ड्राइविंग सीट पर बैठे लड़के को इंट्रडयूज कराते हुए उसका नाम फहीम बताया। फिर पूनम ने मुझे आबिद और फहीम से इंट्रड्यूज करवाया। इस दौरान आबिद ने पूनम से प्रैक्टिस वगैरह की बात की। और उन दोनों ने पहले पूनम को और फिर मुझे ड्राप कर दिया। बात आ गई हो गई।

फिर, मेरी आबिद और फहीम से मुलाकात, पूनम की दीदी की इंगेजमेंट पर हुई। दिसंबर का महीना था। वो दोनों सूट में डेडली हैंडसम लग रहे थे। मैं और पूनम भी पूरे सजे-धजे थे। लिहाजा वहां उन दोनों के साथ कई दूसरे लड़के भी हमलोगों को ताड़ रहे थे। वैसे पहली और दूसरी मुलाकात के बीच मैं कई बार पूनम को आबिद का नाम लेकर छेड़ चुकी थी।आबिद का नाम सुनते ही उसके चेहरे का रंग बदल जाता था। लेकिन चिढ़ने का नाटक करती थी। इंगेजमेंटवाले दिन मैं और पूनम ने नोटिस किया कि आबिद हमदोनों खासकर पूनम से बातचीत के बहाने ढूंढ रहा है। मैंने पूनम से कहा कि…आबिद तुझे बहुत नोटिस कर रहा है। कुछ गड़बड़ है क्या? पूनम भी देखी और सडेनली उसके मुंह से दिल की बात निकल गई….साला प्रपोज तो करता नहीं है सिर्फ देखता या बात ही करता है। इडियट कहीं का !

इसी बीच पूनम ने मुझे भी छेड़ते हुए कहा कि…निहारिका सिंह को भी तो फहीम मियां निहार रहे हैं। मैं चौंक गई। सच कहूं तो फहीम ऐसा था कि…उसे देखते ही कोई भी उसे दिल दे देता। मैं अनजान बनती हुई बोली की चल झूठी…वो मुझे क्यों देखेगा?
उस दिन एक और वाक्या हुआ। जिससे कंन्फर्म हो गया कि…आबिद और फहीम के दिल में मेरे और पूनम के लिए कुछ है। रिंग सेरेमनी के दौरान दोनों हम दोनों पर चोरी छिपे फूल फेंक रहे थे। और उसके बाद खाने के समय आबिद हम दोनों का कुछ ज्यादा ही ख्याल रख रहा था। उस दिन जाने के समय फहीम मुझे अपनी कार से घर छोड़ने आया। कार में पहली बात फहीम ने मुझे नाम से पुकारा। निहारिका कैसी रही पार्टी। मैंने कहा बहुत अच्छी। दीदी और जीजू की जोड़ी कितनी अच्छी लग रही थी। अभी मेरी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि…तपाक से फहीम ने कहा कि….मेरी और तुम्हारी जोड़ी कैसी लगेगी? ये सुनकर सडेनली मेरे मुंह से निकला….व्हाट ? क्या मतलब है तुम्हारा। मेरे एक्सप्रेशन देखकर फहीम बात को संभालते हुए कहा कि…अरे यार मैं तो मजाक कर रहा था। फिर उसने मुझे ड्राप किया। और फिर मैं उसे बाय कहकर चली गई।
दूसरी दिन मैं अपनी और फहीम की बात कहती…इससे पहले ही पूनम ने कहा कि…कल आबिद ने उसे प्रपोज किया है। जाते समय आबिद ने पूनम को प्रपोज किया था। फिर मैंने पूनम को फहीम की बात बताई। दोनों की बातों पर हमने गौर किया तो ये बात क्लीयर हो गई कि…दोनों ने हमदोनों को प्रपोज करने का साथ-साथ प्लान किया था।

इसके बाद आबिद और फहीम हमारे ग्राउंड पर आने लगे थे। हमें प्रैक्टिस करते देखते…आपस में बात करते और फिर चले जाते। सच कहूं तो उन दोनों का आना मुझे और पूनम को अच्छा लगने लगा था। क्योंकि दोनों थे डेडली हैंडसम ड्यूड।
इस बीच आबिद ने अपने बर्थ डे की पार्टी दी। प्रशांत से पूनम को पार्टी में हुई धमाचौकड़ी मालूम हुई। जब आबिद पूनम के घर आया तो…पूनम ने यूं ही उससे कहा कि…बर्थ डे पार्टी अकेले अकेले हो गई। ये सुनकर तो मानों आबिद को मन की मुराद मिल गई। उसके बिना मौका गंवाए पूनम और साथ में मुझे भी दूसरे ही दिन पार्टी देने का वादा कर दिया। हमलोगों को लगा कि…आबिद ने बस यूं ही दिल रखने के लिए पार्टी देने की बात कही है। लेकिन दूसरे दिन उसने पूनम को फोन कर शाम को रेस्टूरेंट में आने का इंविटेशन दे दिया। पूनम ने मुझे बताया तो…एक तरफ मैं खुश हुई। लेकिन डर था कि अगर किसी को पता चला या रेस्टूरेंट में किसी ने देख लिया तो, गड़बड हो जाएगी। इसलिए पूनम ने फोन कर रेस्टूरेंट में आने से मना कर दिया। हमारे मना करने पर आबिद ने फहीम के घर आने का ऑफर दिया। क्योंकि उन दिनों फहीम के घर कोई नहीं था। इसके बाद मैंने और पूनम ने तय किया कि आज प्रैक्टिस ना जाकर फहीम के घर चला जाएगा।

शाम को हम दोनों को आबिद ने ग्राउंड से पिक किया। और हम फहीम के फ्लैट पर पहुंचे। फहीम ने पार्टी के लिए बड़ा रोमांटिक सा माहौल बना रखा था। रुम फ्रेशनर और धीमी लाइट्स के बीच ….तुम को देखा तो ये ख्याल गजल चल रहा था।
मैंने नोटिस किया कि, मुझे देखते ही फहीम का चेहरा खिल गया। इस बीच आबिद ने उसे आंख भी मारी। उस दिन मैं ब्राउन लैंग्गिंस और शॉर्ट व्हाइट कुर्ती पहनी थी। जबकि पूनम ने ब्लू जींस और टॉप पहना था। हम दोनों स्पोर्टस वूमेन थीं इसलिए हमारी फीगर बहुत अट्रैक्टिव थी। आबिद और फहीम भी उस दिन पठान शूट में बहुत हैंडसम लग रहे थे। कोल्ड ड्रिंक्स और स्नैक्स के बीच हमलोगों की बातचीत शुरु हुई।

बातचीत के दौरान कई बार मेरी फहीम से और पूनम की आबिद से नजरें चार हुईं। इस बीच अचानक आबिद ने पूनम से अपना बर्थ डे गिफ्ट मांगा। पूनम ने उसके लिए एक टी-शर्ट खरीदा था। और मैंने सन ग्लासेस। हमदोनों ने अपना-अपना गिफ्ट दिया। लेकिन आबिद ने कहा कि उसे कुछ प्रीसियस सा गिफ्ट चाहिए। हमें थोड़ा बुरा लगा। लेकिन हम चुप रहे। फिर आबिद ने पूनम से कहा कि…पूनम इंगेजमेंट वाले दिन मैंने तुमसे कुछ कहा था…उसका तुमने अब तक जवाब नहीं दिया। उसका जवाब ही दे दो…वहीं मेरे लिए प्रीसियस बर्थ डे गिफ्ट हो जाएगा। पूनम ने मेरी ओर देखा और आबिद से कहा कि…मेरा यहां आना जवाब नहीं है क्या ? इतना सुनते ही आबिद ने पूनम का हाथ पकड़ लिया। इस बीच फहीम लगातार मुझे देख रहा था और मैं उसे। आबिद और पूनम एक दूसरे का हाथ पकड़े बैठे हुए थे इस बीच फहीम ने झिझकते हुए मुझसे कहा कि….निहारिका तुम भी अब अपना रिपलाइ दे दो प्लीज…..। फहीम का जादू मुझ पर चल चुका था सो मैंने भी हंसकर उसके प्रपोज पर मुहर लगा दी। फिर उसके बाद आबिद और फहीम ने रेस्टोरेंट से खाना ऑर्डर किया। इस बीच मैं फहीम के साथ और पूनम आबिद के साथ बात करने में मशगुल हो गए।

बातों बातों में कई बार फहीम और मैंने एक दूसरे को छूआ। सच कहूं तो दोनों एक दूसरे को छूने का बहाना ढूंढते रहे। हालांकि दूसरी ओर आबिद और पूनम इस मामले में फास्ट थे। वो दोनों एक दूसरे को हग कर किस का आदान प्रदान शुरु कर चुके थे। इस बीच मैं टॉयलेट गई। बाहर आई तो देखी की फहीम किचन मे है। उसके पास चली गई। फहीम ने वहां पहली बार ओपेनली मेरा हाथ पकड़ा और खींचकर अपने सीने से लगा लिया। यकीन मानिए जिंदगी में पहली बार किसी मर्द से इस तरह से मैं सटी थी। फहीम की मजबूत बांहों में मैं पिघलने लगी। इस बीच फहीम ने मेरे लिप्स पर किस किया। कहा—निहारिका आई लव यू। उसके किस से मैं सिहर गई। उसके आंखों में झांकते हुए मैंने कहा कि…तुम्हें तो मैंने पहली बार देखने के बाद ही दिल दे दिया था। ये सुनते ही फहीम ने मेरे होंठ अपने होंठ में दबा लिए। नाउ वी इंगेज ने लिव लॉक। इस दौरान फहीम के हाथ मेरे हिप्स पर आ चुके थे। और वो उन्हें सहलाने लगा था। हिप्स पर फहीम की मजबूत हथेलियों के स्पर्श ने मेरे पूरे शरीर में बिजली दौड़ा दी थी। मैं और कस कर उसे किस करने लगी। मुझे किचन सेल्फ से सटा कर फहीम मेरे पीछे आ गया। और मेरे चेहरे और पीठ पर ताबड़तोड़ किस करने लगा। उसके लगातार किस करने से मैं धीरे धीरे सुधबुध खोने लगी। मुझे महसूस हुआ कि इस बीच फहीम मेरे बुब्स को सहलाने लगा है।

मन में एक डर और झिझक भी हो रही थी कि मैं राजपूत होकर एक मुस्लिम लड़के की बांहों मे हूं। लेकिन सच कहूं तो फहीम के किस मेरी इस डर और झिझक पर भारी पड़ रहे थे। अब मैं फहीम के साथ किस एपीसोड में ज्यादा ओपन हो चुकी थी। वो लगातार मेरे प्राइवेट पार्टस को सहला और चूम रहा था। उसके शरीर से चिपके होने के दौरान मुझे उसके ह्यूज मैनहुड का एहसास हो चुका था। फहीम से चुममाचाटी के दौरान मेरी ब्रा खिसक कर ऊपर आ गई थी। इसलिए फहीम अब मेरे निप्लस को कुर्ती के ऊपर से ही अपनी ऊंगलियों में फंसाकर खेल रहा था। इसी बीच डोरबेल बजी। मैं हड़बड़ा कर वहां से भागी। लेकिन ड्राइंग रुम में तो आबिद और पूनम बहुत आगे जा चुके थे। आबिद की गोद में बैठी पूनम की टी शर्ट ऊपर खिसकी हुई थी। और आबिद मियां मेरी बेस्ट फ्रेंड के ब्रेस्ट से बच्चों की तरह चिपके हुए थे। मैं शर्माकर पीछे हट गई। इसबीच फहीम दरवाजा खोलकर कर ऑर्डर का खाना ले लिया।
किचन में आकर फहीम ने फिर मुझे पकड़ा और किस करना शुरु कर दिया। उसने मुझसे कहा कि निहारिका देखो….पूनम तो नहीं शर्मा रही। कम ऑन स्वीट हार्ट ।और उसने फिर मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया। और चुम्माचाटी फिर शुरु कर दिया। अब मैं भी अपनी शर्म हया छोड़ने लगी थी। मैंने भी बदले में पूरी शिद्दत से उसका साथ देने लगी। मैं सोची भी नहीं सकती थी कि अपना राजपूत जिस्म किसी मुस्लिम को दूंगी। लेकिन आज हकीकत कुछ यहीं थी।

इस बीच मैं और फहीम अर्धनग्न हो चुके थे। मेरी कुर्ती और उसका कुर्ती जिस्म से उतर चुका था। ब्लैक ब्रा में मेरे 34 डी बूब्स को फहीम एकटक देख रहा था। मैं उसके सीने से चिपक गई। और वो मेरी पीठ सहलाने लगा। फिर फहीम ने धीरे से मेरी ब्रा की हुक खोल दी। और ब्रा निकाल कर नीचे गिरा दिया। अब मैं ऊपर पूरी तरह नंगी हो चुकी थी।फहीम ने मेरे बुब्स को मुंह में ले लिया और चूसने लगा। मैं सिर से लेकर पांव तक सिहर गई। बूब्स चूसते हुए फहीम के हाथ मेरी लैग्गिंस के अंदर पहुंच गए। वो पैंटी के अंदर हाथ डालकर मेरे हिप्स के क्रैक को सहलाने लगा। इस बीच मैं भी उसके फौलादी मुस्लिम लंड को हाथ में ले चुकी थी। सलवार के ऊपर से ही उसका साइज नाप ले रही थी। बहुत ह्यूज था उसका लंड। ऑलमोस्ट 9 इंच।
फहीम ताबड़तोड़ मेरे बुब्स को चूस और मसल रहा था। उसकी मजबूत हथेलियों के बीच मेरे बुब्स दब दब कर लाल हो चुकी थी। फिर उसने बड़े ही इरोटिक्ली मेरे नेवल को लिक किया और अपनी जीभ गोल गोल उसके चारो ओर घुमाने लगा। इस दौरान मैं अपनी जांघों को आपस में रगड़ रही थी। मेरी तड़प को देखते हुए…फहीम ने मेरी लैंगिग्स को नीचे सरकाना शुरु किया। जैसे जैसे मेरी पैंटी और गोरी जांघे अनविल होती गईं….वैसे वैसे फहीम की किस और मेरे हिप्स को दबाने का सिलसिला तेज होता गया। मेरी लैंगिग्स को निकालने के बाद फहीम मुझे ऑरेंज कलर के ब्वॉय शॉर्ट पैंटी में खड़े होकर गौर से देखने लगा। मेरी 36 हिप्स और गोरी जांघें ब्वॉय शॉर्ट पैंटी में और सेक्सी लग रही थी। आजाद बुब्स और पैंटी में कैद चूत के साथ मैं चुपचाप फहीम के सामने खड़ी थी। मेरे लिप्स को अपने होंठो में दबाते हुए फहीम ने कहा कि….निहारिका तुम वाकई जबरदस्त माल हो…..मस्त हो जान
और फिर उसने मेरे बुब्स को चूसना शुरु कर दिया। उसके हाथ फिर मेरे अगले और पिछले दरवाजे को छेड़ने लगे। मैं पूरी तरह गीली हो चुकी थी। फहीम के फौलादी मुस्लिम जिस्म को देखकर….उसके छूकर और उसे चाट कर। फहीम पैंटी के ऊपर से ही चूत में ऊंगलियां डालने लगा। मेरी पैंटी अब आगे से पूरी गीली हो चुकी थी। फिर फहीम एक झटके से अलग होकर अपनी सलवार को नीचे कर दिया। काले अंडरवियर में उसके जिम टोन्ड थाइज मेरी चूत में और गुदगुदी मचाने लगे। अंडरवियर के अंदर उसका ह्यूज मैनहुड….जिसे मैं फील कर चुकी थी। बेकाबू दिख रहा था।
फहीम ने मुझसे कहा….निहारिका प्लीज इस बच्चे को आजाद कर दो। मैंने फहीम को हग करके उसके लिप्स को किस किया। और कहा कि…बदमाश हो तुम। मैं ऑरेंज शॉर्ट पैंटी में…और फहीम ब्लैक अंडरवियर में पूरे इरोटिक और सेक्सी कपल लग रहे थे। मैं उसके मैनहुड को रब करने लगी। और वो मेरी चूत को सहलाने लगा। मैंने उसके अंडरवियर को आगे की तरफ खींचकर…जिंदगी में पहली बार किसी लंड के दर्शन किए….वो भी फौलादी मुस्लिम लंड के। फहीम का लंड देखकर सडेनली मेरे मुंह से निकला….ओ माई गॉड….इटस टी बिग फहीम। मेरी राजपूत चूत और गांड तो डर से सिकुड़ ही गए। मैं समझ गई कि…मैंने अपनी ओपनिंग के लिए गलत प्लेयर चूज कर लिया है।

खैर…मैंने उसके अंडरवियर को नीचे कर फहीम के डरावने लंड को आजाद किया। फहीम का लंड अंडरवियर से ऐसे निकला…जैसे किसी कोबरा को छेड़ दिया गया हो। बिल्कुल टाइट 9 इंच का लंड। पर सच कहूं तो…फहीम का लंड फिलहाल टेकेबल ना भी तो…लवेबल जरुर लग रह था। मैं उसे हाथ में लेकर देखने लगी….और फिर धीरे से उसे किस कर लिया। मेरे होंठ सटते ही फहीम का लंड बेकाबू होने लगा।
फहीम ने कहा निहारिका प्लीज बेचारे को और मत तड़पाओ। पुट इन योर माउथ बेबी…..प्लीज। सच कहूं तो उसके मुस्लिम लंड को देखकर मैं डर गई थी। मैंने कहा फहीम….आई एम वर्जिन, सो आई कान्ट टेक इट। बिकॉज आई थिंक इज विल हर्ट मी बैडली। मेरी बात सुनकर वो हंसने लगा। कहा डोन्ट वरी जान….सब आराम से हो जाएगा और तुम्हें कुछ नहीं होग। ट्रस्ट मी।

मरता क्या ना करता। डरते डरते मैंने उसके लंड को मुंह में लेने की कोशिश की। लेकिन वो जितना लंबा था उतना ही मोटा भी। उसके लंड का हेड मेरे मुंह में आ ही नहीं रहा था। इस बीच फहीम झुककर लगातार मेरी बुब्स की मालिश कर रहा था। जैसे तैसे मैंने अपने मुंह में उसका लंड लिया। और धीरे धीरे चूसना शुरु की।
वैसे तो पहली बार मैं लंड चूस रही थी। लेकिन पॉर्न फिल्मों में देख चुकी थी कॉक सकिंग ….इसलिए मेंटली कोई प्रॉब्लम नहीं हुई। 10 से 15 मिनट तक मैं उसके लंड और बॉल्स को सहलाती-चूसती रही। उसके बाद मेरे होंठो ने जवाब दे दिया। 9 इंच के लंबे मोटे लंड को चूसने से मेरे होंठ और गाल दुखने लगे थे।
फिर फहीम ने सेक्सी अंदाज में दांत से खींचकर मेरी पैंटी उतारी। और मेरी नाजुक, कमसिन चूत पर ताबड़तोड़ चुम्मी लेने लगा। जांघों के पास से पकड़कर उसने मेरे पैर फैला दिए थे…और खुली चूत पर लगातार चुम्मी लिए जा रहा था। चूम्मी लेने के बाद फहीम ने मेरी चूत में अपनी जीभ डाल दी। चूत के अंदर उसके जीभ के जाते ही मैं पूरी तरह मदहोश हो गई। फहीम……..क्या कर रहे हो जान…….पागल हो जाउंगी मैं। चूत का स्वाद लेने के बाद फहीम ने मुझे टर्न कर दिया। और मेरी गांडों पर हाथ फेरते हुए….अपनी हथेलियों से मेरी ऐस होल को फैला दिया। गनीमत रही की उसने मेरी गांड में अपनी उंगली या कोई दूसरी चीज नहीं डाली।

30-35 मिनट तक चले इस फोरप्ले के बाद…हम दोनों पूरी तरह गर्म हो चुके थे। और मैं अपना अनछुआ राजपूत जिस्म और चूत…फहीम के मुस्लिम लंड के आगे समर्पित करने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी थी।
फहीम मेरी दोनों गोरी जांघों के बीच आ चुका था। और उसके लंड के सीधे निशाने पर थी मेरी वर्जिन चूत। मेरे बूब्स को चूसते हुए…फहीम ने जैसे ही अपना लंड मेरी चूत के मुहाने पर रखा। मुझे लगा जैसे कोई गरम रॉड मेरी चूत पर रख दी गई है। मैंने कहा….फहीम कितना गरम है जान तुम्हारा मैनहुड। फहीम ने कहा—-सब्र रख जान….अभी सब ठीक हो जाएगा। और उसने मेरी चूत पर लंड रखकर बिल्कुल हल्का सा धक्का दिया। जैसे उसका लंड मेरी चूत को नॉक कर रहा हो। लेकिन उसके फौलादी लंड के हल्के से नॉक ने…मेरी चूत को झन्ना दिया। मेरे मुंह से निकला……..मम्मी।

उधर ड्राइंड रुम में पूनम की आवाज सुनाई दी…..जो लगभग रुआसी होकर कह रही थी………आबिद प्लीजजजजजज…….ओ माई गॉड प्लीज आबिद….फॉर गॉड शेक नहीं बर्दाश्त कर पाउंगी। छोड़ दो। और आबिद सिर्फ वेट बेबी…वेट बेबी कह रहा था।
ये सुनकर फहीम मुस्कुराने लगा….लेकिन मैं समझ गई कि थोड़ी देर बात मेरी भी यही गत होने जा रही है। फहीम ने बिना देर किए एक बुब्स को मुंह में दबाकर…नीचे कमर का धक्का मारा। चूंकि मेरी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी। लिहाजा उसके लंड का अगला हिस्सा एक झटके में मेरी चूत को चीरते हुए अंदर आ गया। मेरी चीख निकल गई……आईईईईईई…….मम्मीमीमीमी। फहीम ने अपनी मजबूत हथेलियों से मेरा मुंह दबा दिया। डोन्ट शाउट निहारिका प्लीजजजजजजजजजजज।

फहीम के फौलादी बेदर्द मुस्लिम लंड के पहले ही झटके से मेरी चूत लाल आंसू और मेरी आंख पानी सा आंसू निकालने लगी। फहीम ने कहा कि….तुम दोनों राजपूत लड़कियां बहादुर नहीं हो क्या। जो इतना सा दर्द में चिल्लाने लगी। बुब्स की चुसाई और हिप्स की हथेलियों से घिसाई के बीच…फहीम ने फिर झटका मारा….लेकिन ये झटका पहले वाले झटके से चार गुना तेज था। लिहाजा उसका रॉड जैसा लंड मेरी नाजुक राजपूत चूत के चिथड़े उड़ाता हुआ…आधे से ज्यादा अंदर दाखिल हो गया। फहीम ने मेरा मुंह दबाया हुआ था इसलिए मैं चिल्ला नहीं सकी। लेकिन मेरी चूत से खून के फव्वारे निकलने लगे। मेरी राजपूत चूत….एक मुस्लिम लूट चुका था। मैं दर्द से हिल भी नहीं पा रही थी। कि अचानक फहीम ने तीसरा और आखिरी झटका मारा….और मेरी चूत की सभी चूलों को हिलाता हुआ उसका लंड एकदम भीतर तक आ गया। लगा जैसे चूत को चीरकर पेट में पहुंच गया हो।
उधर ड्राइंड रुम से पूनम की चीख अब….आबिद मेरी जान….मेरा सोना….मेरा बाबू….में बदल चुकी थी। कम ऑन आबिद….आहहहहहहहह मस्त आबिद…..मेक मी…….इज मी….किल मी……..यू लवली फकककककररररररर
इधर मेरे बूब्स को चूसने और मसलने के बीच फहीम का स्ट्रोक भी तेज हो चला था। मेरा दर्द थोड़ा कम हुआ था…जिससे मेरे चेहरे के भाव बदलने लगे थे। और मैं मुस्लिम लंड की मस्ती में खोने लगी थी। लगभग आधे घंटे तक मेरे राजपूत जिस्म को रौंदने के बाद फहीम ने एक झटके के साथ मेरी चूत में से अपना हथौड़े जैसा लंड बाहर खींच लिया। मैं कुछ समझ पाती इससे पहले ही…उसके 9 इंच के फौलादी लंड से एक सफेद फव्वारा निकला। गरम मुस्लिम वीर्य का फव्वारा इतना जोरदार था कि….उसके झींटे मेरे बूब्स और चेहरे पर गिरते हुए सिर के बाल तक को गीला कर गया। उसके बाद बचा खुचा लावे की उल्टी फहीम ने मेरी नाभि और पेट पर कर दी। मुस्लिम लंड से अपनी राजपूत चूत की चुदाई करवाने के बाद अगले 10 मिनट तक मैं वैसे ही लेटी रही।

उधर पूनम ड्राइंड रुम में आबिद के फकिंग सेशन से फ्री होकर फ्रेश हो चुकी थी। मैंने भी जल्दी से कपड़े पहले और ड्राइंग रुम में आ गई। मैं और पूनम अपनी जिंदगी की पहली चुदाई वो भी मुस्लिम लंड से कराने के बाद एक अजीब सी खुशी महसूस कर रहे थे। डिफेनेटली….असहनीय दर्द के बावजूद फहीम के लंड ने मुझे और आबिद के लंड ने पूनम को ऐसा सुखद एहसास दिया। जिसकी खुमारी आज चार साल बाद भी हम दोनों पर छाई हुई है।
अगले एपिसोड में होली के दिन हुई चुदाई का किस्सा सुनाउंगी।

आपकी निहारिका

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12 Comments

  1. Ufff bahut hi mast chudai ki h muslim lund neee meri chut bhi bahut gilii ho gaii

  2. kash. meri married elder bahan ko bhi koi fahim musalman mil jaye? mai v rajput hu.meri rajput bahan ki gori chut me v kisi fahim musalman ka lund jaye?

  3. When I was reading your narration Niharika, I just drifted inside and took you and fahim as” Akbar the Great and Jodha “and I am standing like your Dasi witnessing Great muslim cock conquering Rajputi Indian Rasilliii Pussy.

  4. Saali Akbar jodha ki baat krti h jodha tum jaisi Randi nhi thi kattar Hindu thi but humare badshah k lode k aage khud ko rok nhi paayi tum toh Randi hi hoti ho kaise rok skti ho humare more lode dekhkr khud ko

  5. supper story niharika.weldone.aur chudwao apni rajput chut ko faheem musalman k laude se.bahut maza aata h jab hamari rajput bahan chudwati h faheem jaise musalmano se.man karta h faheem jaise musalman ko aur help karu jisase aur bhi hamari rajput bahane chude us se

  6. Raj tumari Bahan bhi musalmani Lund apni rajput chut me leti hogi

  7. raees yar abhi nahi nahi leti h lekin apni rajput bahan ko musalman ka lund dilwana chahta hu

  8. update soon…..

  9. any girl want to do real sex can call 9170150293

  10. Good muslim maliko. Aise hi hamari izzat lutate raho. Sach bat to yeh he ki hindu k ghar me sirf ladkiya paida honi chahiye aur muslimo k ghar me sirf mard. Mera manana he ki har ek hindu larki ko kam se kam 3-4 muslim mardo ko khush karana chahiye aur meri bari di b yahi kehati he
    Kyoki hum dono behano ki verginity humare papa k ek muslim dost ne jisaki age 47 he. Pahle to usane di ki virginity li aur 2 salo tak use rakhail ki tarah chodata raha. Aur jab use mai mil gayi to usane di ko dosto k sath sulane laga aur muze rakhail bana diya.

  11. Very well composed story. Appreciate your fantasy. If its fact then I wish u both get married.

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