मेरी हिंदू माँ दुर्गा बसु ने हमारे कट्टर मुसलमान मकान मालिक ख़ालेद मुजाहिद के साथ सेक्स किया और उसकी रखैल बनी

sexy hindu aunty

Submitted Story

He writes:
Based on true incident narrated by one of my friend. I’ve added some pictures for readers to have better reading experience. hope you will post it on your site while keeping all the pictures I added.

ये सच्ची घटना है, मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ दुर्गा बसु और हमारे मकान मालिक, एक कट्टर मुसलमान ख़ालेद मुजाहिद, के बीच हुए सेक्स की.
मेरा नाम अरिंदम बसु है. मैं पहले अपने माँ, दुर्गा बसु और बाप, शंकर बसु के साथ कोलकाता में रहता था. मेरा बाप RSS का कार्यकर्ता था, और माँ State Bank of India में काम करती थी. मेरी माँ एक बेहद खूबसूरत बंगाली हिंदू ब्राह्मण औरत थी, उसका कद लगभग 5’5” था, फिगर 37D-31-38 थी. उसके लंबे बाल थे जो उसकी कमर तक पहुँचते थे, वो गोरे गदराए बदन, सुडोल बाहों और वक्ष की मालकिन थी.
सेक्स में मेरी रूचि तब हुई जब मैं 11 साल का था. स्कूल में दोस्त लोग सेक्स की बातें करते और मस्तराम जैसी किताबें पढ़ते. कुछ दोस्त अपने माँ-बाप के सेक्स की बातें करते, मैं भी अपने माँ-बाप के सेक्स देखने की कोशिश करता, पर मेरे माँ-बाप के बीच सेक्स बहुत ही कम होता था. कभी कभी महीने में एक दो बार वो लोग सेक्स करते, उसमें भी उनका सेक्स कभी 5-7 मिनिट से ज़्यादा नही चलता था. मेरा एक दोस्त था मंसूर, वो अक्सर अपने बाप ज़ुबैर और उसकी हिंदू सेक्रेटरी रूपा गांगुली के सेक्स के किस्से सुनाता. मेरी भी बहुत इच्छा होती अपनी माँ को सेक्स करते देखने की. पर मेरे बाप को सेक्स में कोई रूचि नहीं थी, वो अक्सर RSS के प्रचार में ही लगा रहता.
बात तब की हैं जब में 12 साल का था, माँ की उम्र तब 39 साल थी. RSS के चक्कर में मेरे बाप का एक लोकल नेता से झगड़ा हो गया. वो नेता वेस्ट बंगाल सुन्नत-अल-जमात कमिटी का मेंबर था, और उसकी पहुँच बहुत उपर तक थी. बदला लेने के लिए उसने माँ का ट्रान्स्फर मुर्शीदाबाद के Domkal इलाक़े में करा  दिया. अब माँ के पास और कोई चारा नहीं था, वैसे भी घर उसी की salary से चलता था, इसलिए वो नौकरी भी नहीं छोड़ सकती थी. बाप ने कोशिश की ट्रान्स्फर रुकवाने की, पर कुछ ना हुआ. फिर उन्होने फ़ैसला किया मैं और मेरी माँ Domkal चले जाएँगे, क्यूंकी यही एक रास्ता बचा था.
Domkal बांग्लादेश की सीमा से बस 5 km दूर था, ये पूरा मुहम्मडन इलाक़ा था, यहाँ की 95% जनसंख्या मुसलमान थी, 5% हिंदू थे, जो की सब दलित थे. हम Domkal के एकमात्र ब्राह्मण थे.
यहाँ माहौल बहुत conservative था. कोलकाता में तो माँ Sleeveless  blouse  वाली transparent साड़ियाँ पहनती थी.
यहाँ वो साड़ियाँ नही पहन सकती थी, ऐसे माहौल में साड़ी पहनती तो पूरा बाज़ार पागल हो जाता. इसलिए माँ अब सलवार कमीज़ पहनने लगी, पर उसके टाइट सलवार कमीज़ में भी उसके गदराए बदन को देख के लोग उसको घूरते थे.
यहाँ घर ढूँढने में भी दिक्कत थी, माँ के Bank Manager ने Bank के पास ही अज़ीम गंज इलाक़े में एक घर ढूँढ दिया. घर का मालिक एक कसाई था, उसकी Domkal में बहुत बड़ी मीट की दुकान थी, सभी होटेलों में उसी की दुकान से मीट जाता था. उसकी दुकान भी घर के पास ही थी. उसका नाम ख़ालेद मुजाहिद था, वो एकदम कट्टर मुसलमान जैसा दिखता था, उसका कद 6 फुट, बदन हटटा-कॅटा, चौड़ी छाती, थोड़ा काला रंग था. उसने मूछें नहीं रखी थीं, पर वो लंबी दाढ़ी का मालिक था. वो हमेशा पठानी कुर्ता पाजामा या कुर्ता लुंगी पहनता था. कभी कभी सर पे मुसलमानी टोपी भी पहन लेता था. मीट की दुकान चलाने के साथ साथ वो पहलवानी भी करता था, और अखाड़े में कुश्ती करता था, इसलिए वो सांड जैसा दिखता था. वो एक कट्टर मुसलमान था और हर रोज़ 5 बार नमाज़ भी पढ़ता था.
उसका घर काफ़ी बड़ा था, नीचे वो खुद रहता था, उपर का floor हमें किराए पर दे दिया. उसने शादी नहीं की थी, उसकी उम्र लगभग 42 साल की थी. वो लोकल Municipal Council का Councillor भी था, इसलिए थोड़ी गुंडागर्दी भी करता था, मैने कई बार उसे फोन पे गाली गलोच करते सुना था, पर माँ और मेरे साथ बहुत प्यार से बात करता था. मुझे खिलोने या चॉक्लेट देता, माँ को हसाने की कोशिश करता. इसका एक कारण था, मैने देखा वो माँ को बहुत अजीब नज़र से घूरता था, माँ के बदन और उसकी मटकती गाँड को निहारता. वो उसको उसी नज़र से देखता जिस नज़र से एक ठरकी आदमी एक खूबसूरत औरत को देखता है. शायद माँ को भी ये बात पता थी, इसलिए वो उससे ज़्यादा बात नहीं करती थी, हालाँकि वो कभी कभी अपनी बातों से माँ को हंसा देता था. उसे शायरी भी आती थी, इसलिए वो उसको गालिब के शेर सुनाता. धीरे-धीरे मैने देखा माँ की झिझक कम होने लगी थी, वो भी अब उसे खुल के बात करती. बातों बातों में कभी कभी ख़ालेद दुर्गा के बदन को छू देता. अब तो वो कभी कभी हमारे साथ ही रात का खाना ख़ाता.
एक महीने के बाद सब नॉर्मल सा लगने लगा था. जो डर था की हम एक मोहम्मडन इलाक़े में जा रहे हैं वो कम हो गया था. माँ अब ख़ालेद के साथ घुल मिल गयी थी, मुझे भी वो अच्छा लगने लगा था.

तकरीबन एक महीने बाद की बात है, रविवार का दिन था. मैं उपर अपने कमरे में बैठ के होमवर्क कर रहा था. मैने देखा माँ मेरे कमरे के बाहर खड़ी छुप के नीचे आँगन के तरफ देख रही थी. काफ़ी देर तक नीचे देखने के बाद वो अंदर आ गयी. मैं बाहर गया और आँगन की तरफ़ देखा, वहाँ dumb-bell और कुछ physical exercise का सामान पड़ा था. मैं समझ नहीं पाया माँ क्या देख रही थी. जैसे ही मैं अंदर आने लगा, नीचे ख़ालेद आँगन में आया. वो केवल एक छोटे से लंगोट में था, उसका पूरा बदन पसीने से भीगा हुआ था. क्या बदन था उसका, एकदम WWF के पहलवानों जैसा, पर उसके बाल बहुत थे. पूरा बदन और पीठ बालों से भरी हुई थी.
मुझे समझने में देर ना लगी, माँ ख़ालेद को कसरत करते हुए देख रही थी. ऐसे मर्दाना बदन को देख के कोई भी औरत गर्म हो जाए. मैने सोचा माँ ख़ालेद के पसीने से भरे मर्दाना जिस्म को देख रही थी. एक महीने से वो अपने पति से दूर थी. वैसे भी उसका पति सेक्स में कम ही रूचि रखता था, उसकी शारीरिक ज़रूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं थी. वो तो बस ऐसे ही एक नंगे मुसलमान पहलवान को देख के नयनसुख प्राप्त कर रही थी, और अपने अंदर की आग को तृप्त कर रही थी.
मुझे भी अजीब सी उत्तेजना हुई, मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ एक ग़ैर मुसलमान मर्द की तरफ़ आकर्षित थी, क्या वो इससे ज़्यादा कुछ करेगी, या बस ऐसे ही मुजाहिद को नंगा देख के अपनी आप को शांत करेगी?
अगले ही दिन एक और घटना हुई. मैं उपर अपने कमरे में बैठ के होमवर्क कर रहा था. तभी मुझे माँ और मुजाहिद की हँसने की आवाज़ सुनाई पड़ी. मैं बाहर आ के देखने लगा. वो दोनों नीचे आँगन में खड़े थे. माँ ने काले रंग का टाइट सलवार सूट पहना था, वो एकदम बला सी सुंदर लग रही थी. मुजाहिद एक कुर्ते और लुँगी में था. वो उसको शायरी सुना रहा था, और उसके खूबसूरत गोरे बदन की तारीफ कर रहा था. माँ भी मुस्कुरा रही थी.

तभी अचानक मुजाहिद ने दुर्गा को अपनी बाहों में भर लिया, और उसे चूमने की कोशिश करने लगा. माँ एकदम से चौंक गयी, उसने अपने आप को मुजाहिद की बाहों से छुड़ाने की कोशिश की और अपना मुँह फेर लिया ताकि मुजाहिद उसको kiss ना कर सके.
वो बोली, “क्या कर रहें हैं आप?”
मुजाहिद बोला, “दुर्गा जी आपको प्यार करने की कोशिश कर रहा हूँ.”
दुर्गा, “छोड़िए मुझे please, मैं शादीशुदा हूँ, ऐसी हरकत मत कीजिए मेरे साथ.”
मुजाहिद, “आप भी तो मुझे चाहती हो!”
दुर्गा, “क्या कह रहे हैं आप?”
मुजाहिद, “कल आप मुझे छुप-छुप के देख रही थीं, सच बताइए!”
दुर्गा के पास कोई जवाब नहीं था, मुजाहिद ने उसकी चोरी पकड़ ली थी.
मुजाहिद, “देखिए मुझे आप बहुत अच्छी लगती हैं, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ. आप मुझसे प्यार नहीं करती?”
दुर्गा, “पर मैं शादीशुदा हूँ, मेरा 12 साल का बच्चा है, मैं आपके साथ रिश्ता नहीं बना सकती.”
मैने सोचा माँ ने साफ मना नहीं किया बल्कि अपने शादीशुदा होने का बहाना लगाया.
मुजाहिद, “अगर मैं आपको पसंद हूँ तो इसमें बुरा क्या है? आपको किसी से डर लगता है?”
दुर्गा, “नही ये रिश्ता नहीं बन सकता, मैं एक हिंदू ब्राह्मण औरत हूँ, और आप मुसलमान, ये रिश्ता समाज को मंज़ूर नहीं होगा.”
मुजाहिद, “तो हम किसी को पता नहीं चलने देंगे. आपकी बातों से मुझे लगा था आपके और आपके पति में प्यार नहीं है, मैं आपको वो प्यार दे सकता हूँ जो आप ढूँढ रही हो. मान जाइए दुर्गा जी प्लीज़, मैं आपको बहुत प्यार करूँगा, मुझसे अब आपसे दूर नही रहा जाता.”
दुर्गा, “नहीं ये ग़लत है.”

मुजाहिद, “कुछ ग़लत नहीं है, आपको प्यार का पूरा हक़ है, अगर आपका पति अपना फ़र्ज़ नही निभा रहा तो आपको हक़ है की आप बाहर से वो प्यार पायें जो हर औरत की चाहत होती है.”
माँ चुप रही. मुजाहिद ने अभी भी दुर्गा को अपनी मज़बूत बाहों में जकड़ा हुआ था. मुझे बहुत उत्तेजना हो रही थी, मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ दुर्गा बसु को एक लंबी दाढ़ी और बिना मूछों वाले कट्टर मुसलमान मर्द ने अपनी मज़बूत बाहों में जकड़ा हुआ था, और वो बेबस छटपटा रही थी.
मुजाहिद बोला, “मैं चाहता तो आपके साथ ज़बरदस्ती भी कर सकता था, पर उससे आपको दुख होता. और वैसे भी मर्ज़ी में जो मज़ा है वो ज़बरदस्ती में नहीं. मैं चाहता हूँ कि आप अपनी मर्ज़ी से मेरे साथ सेक्स करें मैं आपको जाने देता हूँ, पर मैं तब तक कोशिश करूँगा जब तक आप खुद चलके मेरी बाहों में नहीं आतीं.”

माँ उपर आ गयी, मैने नाटक किया जैसे मैने कुछ सुना या देखा नहीं. रात भर मुझे नींद नहीं आई, मेरी आखों में वही दृश्य घूम रहा था, मेरे हिंदू माँ दुर्गा बसु एक ग़ैर मुसलमान मर्द, ख़ालेद मुजाहिद की बाहों में.
मैं यही सोच रहा था क्या मेरी हिंदू माँ हिंदू समाज की मर्यादाओं को तोड़ते हुए शादीशुदा होते हुए भी एक ग़ैर मुसलमान मर्द से शारीरिक रिश्ता बनाएगी और क्या वो उसके साथ सेक्स करेगी? वैसे भी वो प्यासी है, कब से उसने सेक्स नही किया है.
मुझे मंसूर के किस्से याद आए, कैसे एक शादीशुदा हिंदू ब्राह्मण औरत रूपा गांगुली मंसूर के मुसलमान बाप ज़ुबैर के साथ सेक्स करती थी. मंसूर बताता था, ज़ुबैर ऑफीस में या अपने घर में दिन रात रूपा के साथ सेक्स करता था, और रूपा भी ज़ुबैर के प्यार में पागल थी. मैं तो पहले ही अपनी माँ को सेक्स करते देखना चाहता था. क्या मेरी हिंदू माँ एक मुसलमान मर्द से सेक्स करेगी? ये ख्याल ही मेरे लिए बहुत exciting था.
रात के सन्नाटे में मुझे माँ के कमरे से गरम आहें सुनाई दे रही थी, मैं समझ गया, शाम की घटना के बाद माँ भी गर्म थी. माँ मुजाहिद से शारीरिक रिश्ता बनाने से डर रही थी, क्यूंकी, एक तो वो शादीशुदा थी, और दूसरा, मुजाहिद एक मुसलमान था. कहाँ एक शुद्ध हिंदू पंडित औरत, दुर्गा, और कहाँ एक कट्टर कसाई मुसलमान मर्द ख़ालेद. एक हिंदू ब्राह्मण औरत होते हुए वो एक कट्टर मुसलमान के साथ सेक्स करने के बारे में सोच भी कैसे सकती थी. कहाँ उसका पति RSS का कार्यकर्ता था और हिंदू धर्म का प्रचार करता था, और कहाँ वो एक कसाई मुसलमान मर्द से सेक्स का सपना देख रही थी.

पर क्या वो अपनी सेक्स की आग को भुजाने के लिए अपनी शादी और धर्म को भुला के एक मुसलमान मर्द की बाहों में जाएगी? पता नहीं क्यों, मैं चाहता था कि ऐसा ही हो, मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ, दुर्गा बसु, सब कुछ भुला के उस मुसलमान मर्द के बिस्तर में जाए और उस मुसलमान मर्द से वो प्यार पाए जो हर औरत का हक़ होता है, और जिस प्यार को वो अपने हिंदू पति से नहीं प्राप्त कर पाई थी.
अगले 2-3 दिनों तक मुजाहिद ने दुर्गा से बात नहीं की, पर वो दुर्गा को अपना मर्दाना जिस्म दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ता था. वो सिर्फ़ एक लुंगी में घूमता, उसकी बालों वाली चौड़ी छाती देख के दुर्गा के जिस्म में आग लग जाती थी. माँ भी मौका ढूँढती रहती मुजाहिद के आधे नंगे शरीर को देखने की. 2 दिन यही चलता रहा. मुजाहिद जान भूझ कर दुर्गा के सामने सिर्फ़ लंगोट या लुंगी में घूमता. दुर्गा का धैर्य टूट रहा था, उसका दिमाग़ मना कर रहा था एक मुसलमान मर्द से शारीरिक रिश्ता बनाने को, पर उसका दिल नहीं मान रहा था, वो भूखी थी एक मर्द के प्यार के लिए.
और आख़िर वही हुआ, दुर्गा के सब्र का बाँध टूट गया, ये बात भुलाते हुए की वो एक हिंदू ब्राह्मण औरत है और मुजाहिद एक कट्टर मुसलमान, वो अब उसके साथ सेक्स करने के लिए पागल थी.
उस घटना के बाद तीसरे दिन मैं घर पे बैठा पढ़ रहा था. माँ Bank से 3 बजे ही वापिस आ गयी, वैसे 5:30 बजे तक आती थी. आते ही अपने कमरे में घुस गयी, कहते हुए की मेरी तबीयत ठीक नहीं है. कुछ देर बाद मुझे उसके कमरे से आवाज़ आई. मैं कान लगा के सुनने लगा.
वो फोन पर मुजाहिद के साथ बात कर रही थी,.
दुर्गा, “…..मुझसे भी अब रहा नहीं जाता, आपके बिना.”
….
दुर्गा, “पर अरिंदम को पता नहीं चलना चाहिए.”
…..
दुर्गा, “नींद की गोलियाँ, दूध में?”
……
दुर्गा, “ठीक है. पर शॉपिंग किस लिए?”
…..
दुर्गा, “हिंदू दुल्हन जैसे सजके? पर किस लिए?”
…..
दुर्गा, “ठीक है, जैसे आप कहो.”
और उसने फोन रख दिया. मैं समझ गया मेरी हिंदू माँ उस मुसलमान मर्द से शारीरिक रिश्ता बनाने के लिए तैयार हो गयी है. आज रात ही उनका सेक्स का प्लान है, तभी वो दूध में नींद की गोलियाँ मिलाने की बात कर रही थी, ताकि में पूरी रात बेहोश रहूं. तब दुर्गा और ख़ालेद निश्चिंत होकर अपने सेक्स का आनंद उठा सकते हैं. कितनी प्यास भारी थी मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ में उस कट्टर मुसलमान के लिए.
थोड़ी देर में मुजाहिद भी घर आ गया. माँ बोली की मुजाहिद उसको डॉक्टर के पास लेकर जा रहा है. करीब दो घंटे बाद वो लौटे. लग रहा था जैसे दुर्गा ब्यूटी पार्लर जा के आई है, उसने हाथों और कलाइओं में मेहन्दी लगा रखी थी. उसके पास एक बड़ा सा शॉपिंग bag था, जिसे उसने झट से अपने कमरे में छुपा दिया. डॉक्टर तो बहाना था, मुजाहिद तो उसे शॉपिंग ले के गया था, जैसे मैने दुर्गा के बातों से सुना था. वो ब्यूटी पार्लर भी गयी थी अपने नये मुसलमान प्रेमी के लिए सजने. Bag में क्या था ये मुझे पता नहीं चला उस वक़्त.
रात 8 बजे खाना खाया. फिर माँ ने मुझे दूध का गिलास दिया, मुझे पता था इसमें नींद की गोलियाँ हैं, मैं दूध का गिलास लेकर अपने कमरे में आ गया और पीछे की खिड़की से बाहर फेंक दिया. अब माँ निश्चिंत थी. 9 बजे मैंने सोने का नाटक किया, जबकि वैसे मैं आम तौर पर 10 बजे सोता था. माँ एक बार मेरे कमरे में आई और मुझे हल्के से हिलाया. मैने सोने का नाटक किया. फिर वो चली गयी और मेरे कमरे को बाहर से बंद कर दिया. मैं झट से उपर रोशनदान की तरफ बढ़ा जहाँ से उसके कमरा के अंदर सब साफ़ दिखाई देता था.
माँ ने Bag खोला और उसमें से नयी लाल रंग की साड़ी निकाली. और उसके बाद नयी काले रंग की Bra और panty निकाली. फ़िर वो नहाने चली गयी. 20 मिनिट बाद वो बाहर आई. उसके बाल भीगे हुए थे. उसने लाल रंग का ब्लाउस और पेटीकोट पहना था. ब्लाउस sleeveless, backless और बेहद छोटा था, अंदर से काली Bra दिखाई दे रही थी, उसका पूरा mid-riff भी दिखाई दे रहा था, उसने पेटीकोट अपनी नाभि से 2 इंच नीचे पहना था.

फिर दुर्गा आईने के सामने बैठ के शिंगार करने लगी. नयी लाल रंग की चूड़ीयाँ पहनी, जैसे एक नयी नवेली हिंदू दुल्हन पहनती है, फिर आँखों में काजल लगाया, होठों पे लाल लिपस्टिक और लिपलाइनर, हल्का मेक-उप भी लगाया. उसने अपना मंगलसूत्र अपने सुडोल वक्षों के बीच रखा. आख़िर में उसने उठ के साड़ी पहनी, साड़ी पूरी Transparent थी, नीचे से उसका छोटा Sleeveless ब्लाउस, mid-riff, और पेटीकोट साफ़ दिखाई दे रहे थे. वो बिल्कुल एक नयी नवेली हिंदू ब्राह्मण दुल्हन लग रही थी, जैसे तैयार हो अपनी सुहाग रात मनाने के लिए. पर ये सुहाग रात वो अपने हिंदू पति के साथ नहीं बल्कि एक ग़ैर कट्टर मुसलमान मर्द के साथ मनाने जा रही थी. मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ, दुर्गा बसु, सजी सँवरी हुई थी एक नयी हिंदू दुल्हन की तरह, सिर्फ़ उस कट्टर मुल्ले ख़ालेद मुजाहिद के साथ सेक्स करने के लिए.

और फिर वो उठ के चल दी, नीचे जाने के लिए, मुजाहिद के कमरे में. मैं झट से रोशनदान से नीचे उतरा और पीछे की खिड़की से बाहर terrace पर आ गया. मुजाहिद के कमरे में छत के पास एक रोशनदान था जो terrace में खुलता था. मैं दौड़ता हुआ वहाँ पहुँचा. अंदर लाइट जल रही थी और सब साफ़ दिखाई दे रहा था.
मुजाहिद भी बिस्तर पर तैयार बैठा था. उसने गहरे हरे रंग का पठानी कुर्ता-पजमा पहना हुआ था. सर पे मुसलमानी टोपी भी पहनी थी. बिना मूछों और लंबी दाढ़ी के साथ, और सर पर मुसलमानी टोपी पहने हुए वो बिल्कुल एक कट्टर मुसलमान मर्द जैसा दिख रहा था, जैसे आम तौर पर पाकिस्तानी मुल्ले दिखते हैं. और मेरी हिंदू माँ इसी कट्टर मुसलमान के साथ सेक्स करने के लिए बेताब थी.

दुर्गा ने दरवाज़ा खटखटाया, दरवाज़ा खुला था, दुर्गा अंदर आ गयी. मुजाहिद उसे देख के बिस्तर से उठा. दुर्गा ने दरवाज़ा अंदर से बंद किया. मुजाहिद और दुर्गा दोनों एक दूसरे की तरफ बढ़े. दोनों एक दूसरे के सामने खड़े थे, और एकदम शांत खड़े एक दूसरे की आँखों में झाँक रहे थे. दुर्गा आगे बढ़ी और मुजाहिद से लिपट गयी. सिर्फ़ एक महीने में ही मेरी शुद्ध पवित्र हिंदू ब्राह्मण माँ को उस कट्टर मुल्ले ने पटा लिया था, और आज वो हिंदू ब्राह्मण औरत खुद चलके उस मुल्ले की बाहों में आई थी, ताकि उस मुल्ले के साथ उसके बिस्तर पर सेक्स कर सके.
मुजाहिद ने भी दुर्गा को अपनी बाहों में भर किया और कस के जकड़ लिया. दुर्गा ने अपनी बाहें मुजाहिद के गले में डालीं और उससे चिपक गयी. दुर्गा ने अपना सर मुजाहिद की मर्दाना चौड़ी छाती में छुपा लिया. मुजाहिद के हाथ दुर्गा की कमर और गाँड को सहला रहे थे. 1-2 मिनिट तक दुर्गा और मुजाहिद ऐसे ही एक दूसरे के बदन से लिपटे रहे. फिर मुजाहिद ने एक हाथ से दुर्गा के चेहरे को अपनी छाती से हटाया, और उपर की तरफ किया. मुजाहिद ने आगे की तरफ झुक के अपने होंठ दुर्गा के लाल होठों पर लगा दिए.
जैसे ही उस मुसलमान मर्द ख़ालेद के होंठ मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ दुर्गा के लाल होठों पर पड़े, दुर्गा के बदन में जैसे करंट दौड़ गया हो. उसको झटका लगा और उसने मुजाहिद को और कस के पकड़ लिया. और वो भी पूरी तमक से मुजाहिद को चूमने लगी. मुजाहिद ने सिर्फ़ अपने होंठ दुर्गा के होठों से छूहाए थे, पर दुर्गा ने तो मुजाहिद के होठों को ऐसे चूसना शुरू किया जैसे आज क़यामत की रात हो और मुजाहिद से सेक्स करने का बस यही एक मौका हो उसके पास.

क्या मादक दृश्य था. मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ एक नयी नवेली हिंदू दुल्हन की तरह सजी हुई एक बिना मूछों और लंबी दाढ़ी वाले कट्टर मुसलमान से लिपटी हुई थी और उसके गरम होठों को अपने लाल होठों से चूस रही थी. क्या किस्मत थी मुजाहिद की, उस मादक खूबसूरत हिंदू पंडित औरत के लाल होठों के शहद का मज़ा वो मुल्ला मुजाहिद ले रहा था, नाकि दुर्गा का हिंदू ब्राह्मण पति.
दुर्गा अपनी एडियाँ उठाए मुजाहिद को चूम रही थी और मुजाहिद ने अपना मुँह आगे झुकाया हुआ था, क्यूंकी मुजाहिद 6 फुट लंबा था और दुर्गा 5 फुट 5 इंच. फिर मुजाहिद ने दुर्गा को अपनी मज़बूत बाहों में उठा लिया. अब उनके मुँह एक दूसरे के सामने थे, उनका kiss और passionate हो गया. अब तो दुर्गा और मुजाहिद एक दूसरे के जीभ भी चाटने लग गये थे. दुर्गा के हाथ अब मुजाहिद के कुर्ते के अंदर थे और कुर्ते के अंदर से मुजाहिद के पीठ को सहला रहे थे. मुजाहिद ज़ोर ज़ोर से दुर्गा की गाँड को मसल रहा था.
10 मिनिट तक दोनों एक दूसरे के होठों का स्वाद चखा, बिना रुके. ऐसा तगड़ा Kiss तो मैने हॉलीवुड मूवीस में भी नहीं देखा था. क्या मस्त हो के Kiss कर रही थी मेरी हिंदू माँ उस कट्टर मुसलमान को.. फिर मुजाहिद ने दुर्गा को छोड़ दिया और अपने पैरों के सहारे खड़ी हुई. दुर्गा ने मुजाहिद के कुर्ते के बटन खोलने शुरू किए. मुजाहिद ने कुर्ता निकालने में दुर्गा की मदद की. फिर मुजाहिद ने दुर्गा के पल्लू को हटाया और उसकी साड़ी का पल्लू नीचे ज़मीन पर गिरा दिया. दुर्गा ने खुद अपनी साड़ी अपने पेटीकोट से निकाली और नीचे फेंक दी, ख़ालेद के कुर्ते के उपर. अब दुर्गा मुजाहिद के सामने सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज पहने खड़ी थी.

फिर दुर्गा मुजाहिद के छाती के बालों के साथ खेलने लगी, उसके Nipples को अपने होठों में लेके चूसने और दाँतों में लेके काटने लगी. वो अपनी जीभ से मुजाहिद की छाती को चाट रही थी.
दुर्गा, “तेरे बड़े बाल हैं, बहुत इच्छा थी बालों वाली छाती चाटने की, आज पूरी हुई.”
मुजाहिद, “तेरे पति की छाती पर बाल नहीं हैं?”
दुर्गा, “नहीं.”

3-4 मिनिट तक दुर्गा ऐसे ही मुजाहिद की छाती से खेलती रही. मुजाहिद धीरे धीरे दुर्गा के बदन को सहलाता रहा.
फिर दुर्गा ने मुजाहिद के पाजामे का नाडा खोल दिया. मुजाहिद ने सफेद रंग का Frenchie UNDERWEAR पहना हुआ था, जिसमें बहुत बड़ा तंबू बना हुआ था. मैं सोच रहा था, कितना बड़ा होगा मुजाहिद का लोड़ा. दुर्गा UNDERWEAR के उपर से ही मुजाहिद के लॅंड को सहलाने लगी. फिर से दोनों का Kiss शुरू हो गया.

कुछ देर बाद मुजाहिद ने दुर्गा के ब्लाउस के बटन खोलने शुरू किए. दुर्गा ने अपनी दोनों बाहों को खोल कर अपने ब्लाउस को अपने शरीर से अलग कर दिया और नीचे फेंक दिया, अपनी साड़ी और मुजाहिद के कुर्ते के उपर. मुजाहिद ने उसकी Bra की हुक खोल दी. दुर्गा ने Bra निकाल के अपने ब्लाउस के उपर फेंक दी. अब वो उपर से नंगी थी.

क्या मस्त दूध थे दुर्गा के, एकदम सफेद, और बीच में Pinkish Brown Nipples (चुचियाँ) एकदम तने हुए थे, मतलब ये था दुर्गा पूरी गरम हो चुकी थी. मुजाहिद ने आगे झुक के Left दूध की Nipple को चूसना चालू किया और right को अपने हाथ में लेके दबाना शुरू किया. वो दुर्गा के Nipple पे अपनी जीभ फिराता, और दाँत से काटता. दो-तीन बार मुजाहिद ने दुर्गा के Nipple पर थूका और फिट अपनी जीभ से चाटा. वो दूसरे दूध की निपल को अपने अंगूठे और उंगली में लेके ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था.
क्या गर्म सीन था, मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ आधी नंगी खड़ी थी, और एक नंगे बिना मूछों और लंबी दाढ़ी वाले कट्टर मुसलमान मर्द के सामने और वो उसके दूध चूस रहा था.
मुजाहिद, “क्या गोरे और शहद जैसे मीठे हैं तेरे दूध.”
जिस दूध को चूसने का हक़ सिर्फ़ उसके हिंदू पति का था, उनको मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ एक कट्टर मुल्ले को चुस्वा रही थी. दुर्गा के पंडित उबारों का रस उसका हिंदू पति नही बल्कि उसका कट्टर मुसलमान मकान मालिक ले रहा था. दुर्गा का एक हाथ मुजाहिद के सर में था, और अपने हाथ से उसके मुँह को अपने उबारों पर दबा रही थी, और कह रही थी, “और ज़ोर से चूस, खा जा इनको, तेरे लिए हैं अब मेरे ये दूध, जितना रस पीना है पी ले, रुक मत, दबा और ज़ोर से.”
दूसरे हाथ से दुर्गा मुजाहिद के लॅंड को सहला रही थी. मैने देखा अब दुर्गा का हाथ मुजाहिद के UNDERWEAR के अंदर था और अब वो उसके लॅंड को अपने हाथ में लेके सहला रही थी.

फिर दुर्गा ने अपने हाथ से मुजाहिद का UNDERWEAR निकाल दिया. मुजाहिद अब पूरा नंगा खड़ा था दुर्गा के सामने. दुर्गा पीछे हटी, मुजाहिद के मुँह से उसके Nipple छूट गये.
दुर्गा ने मुजाहिद के लॅंड की तरफ़ देखा.
वो थोड़ी सी चौंकी हुई बोली, “क्या बड़ा लॅंड है तेरा! कितना बड़ा है ये?”
मुजाहिद, “10” का है. तेरे हिंदू पति का कितना बड़ा था?”
दुर्गा, “अरे उसका तो 4.5” का ही था, लगता था जैसे 10 साल के किसी बच्चे का हो. तेरा कितना कसा हुआ है. Circumcised है ना तेरा.”
मुजाहिद, “पहले कभी देखा नही तूने मुसलमानी लॅंड?”
दुर्गा, “नहीं आज पहली बार देखा है. जो सुना था वैसा ही है.”
मुजाहिद, “क्या सुना था?”
दुर्गा, “वही, बहुत बड़े और कसे हुए होते हैं मुसलमानी लॅंड. सुपाड़ा भी कितना बड़ा है तेरे लॅंड का.”
मुजाहिद, “तो चूस ना अपने लाल लाल होठों में लेके.”
दुर्गा, “मैने पहले कभी चूसा नही है अपने पति का, उसको पसंद नहीं था, वो सेक्स से थोड़ा घबराता था, कहता था सेक्स करने से पाप लगता है.”
मुजाहिद, “चूसना आता है?”
दुर्गा, “नहीं.”
मुजाहिद, “कोई बात नहीं, Lollypop तो चूसा होगा ना बचपन में, बस वैसे ही समझ ले, मेरा लॅंड एक Lollypop है.”
दुर्गा मुजाहिद के आगे बैठ गयी अपने घुटनों के सहारे, और मुजाहिद के 10” कसे हुए मुसलमानी लॅंड को अपने दोनों हाथों में लेके सहलाने लगी. फिर धीरे से उसने अपनी जीभ से उसके सुपाड़े को चाटना शुरू किया.
मुजाहिद बोला, “अब अपनी जीभ से पूरे लॅंड को चाट सुपाड़े से लेके गेंद तक.”
दुर्गा ने वैसा ही किया. 1-2 मिनिट तक वो ऐसे ही करती रही.
मुजाहिद, “अब थूक और अपने हाथ से थूक को मेरे लॅंड पे रगड़.”
दुर्गा ने वैसा ही किया. मुजाहिद का मुसलमानी लॅंड अब दुर्गा के थूक से चमक रहा था.
मुजाहिद, “अब धीरे धीरे इसको अपने मुँह में ले, और अपने मुँह को आगे पीछे कर. मेरे लॅंड को अपने होठों में जकड़ ले कस के और अपने मुँह हिला जैसे मैने बताया.”

दुर्गा एक स्कूल की छात्रा के तरह मुजाहिद की हर एक instruction को मान रही थी.
मुजाहिद, “अब मेरी गेंद को अपने होठों में ले, और अपनी तरफ खींच. हाँ ऐसे ही.”
मुजाहिद, “अब सब बारी बारी से repeat कर, कभी सुपाड़े को चाट, कभी लॅंड को जीभ से सहला, कभी थूक के रगड़, कभी अपने होठों में लेके चूस और कभी गेंद के साथ खेल. समझा गयी?”
दुर्गा ऐसे ही कर रही थी. मुजाहिद का लॅंड चूस्ते वक़्त वो बहुत ही मादक अंदाज़ से मुजाहिद की आँखों में झाँक रही थी.
मुजाहिद बोला, “रुक”

दुर्गा ने उसका लॅंड छोड़ दिया. मुजाहिद table की तरफ गया और वहाँ से digi-cam उठाया. फिर वो दुर्गा के सामने आ के खड़ा हो गया. दुर्गा ने फिर से उसका लॅंड चूसना शुरू किया, मुजाहिद दुर्गा को अपने cam में record करने लग गया.
मुझे यकीन नहीं हो रहा था. हर रोज़ मंदिर जाने वाली मेरी पवित्र हिंदू ब्राह्मण माँ आधी नंगी बैठी थी, सिर्फ़ एक लाल पेटीकोट में, एक नंगे बिना मूछों पर लंबी दाढ़ी वाले, गाय का मीट खाने वाले कट्टर कसाई मुसलमान मर्द के सामने और पूरी मस्ती में उसका 10” लंबा मुसलमानी लोड़ा चूस रही थी. दुर्गा ने ज़रा भी ना सोचा उसका पति RSS का कार्यकर्ता है, और गौ हत्या की विरुद्ध आंदोलन चला रहा है, और यहाँ वो एक शुद्ध हिंदू पंडित परिवार से होते हुए भी गाय का मीट खाने वाले एक कट्टर मुसलमान के सामने आधी नंगी बैठी हुई उसका मुसलमानी लोड़ा चूस रही थी.

15 मिनिट तक दुर्गा मुजाहिद के कसे हुए मुसलमानी लॅंड को चूस्ती रही.
मुजाहिद, “मेरा निकलने वाला है.”
दुर्गा, “क्या करना है अब?”
मुजाहिद, ‘रुक मत, चूस्ती रह, और बीज को अपने मुँह पर गिरा देना या मुँह में अंदर ले लेना.”
दुर्गा चूस्ती रही, पर इसके पहले की मुजाहिद का निकलता उसने अपना लोड़ा दुर्गा के मुँह से निकाल लिया.
दुर्गा, “क्या हुआ?”
मुजाहिद, “ऐसे ही बैठी रह.”
मुजाहिद ने अपना लोड़ा हाथ में पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से हिलाना शुरू किया. दूसरे हाथ से वो अभी भी वीडियो बना रहा था.
2 मिनिट बाद मुजाहिद का छूट गया. मुजाहिद ने अपने लोड़ा पकड़ के दुर्गा के मुँह पे रख दिया. मुजाहिद के लॅंड से Thick Semen का पहला Shot दुर्गा की आँखों पर पड़ा. मुजाहिद ने लोड़ा घुमा के सुपाड़ा दुर्गा के माथे पे लगाया, जहाँ उसने लाल सिंदूर पहना था. दूसरा Shot उसकी माँग में पड़ा, जहाँ दुर्गा ने अपने हिंदू सुहाग के निशानी लाल सिंदूर को पहना था, अब वहाँ एक कट्टर मुसलमान के कसे हुए मुसलमानी लॅंड की गाढ़ी मलाई पड़ी थी.
फिर मुजाहिद ने अपना लॅंड घुमा के दुर्गा के लाल होठों पर लगाया और बाकी का Semen छोड़ दिया. दुर्गा के लाल होंठ अब मुजाहिद के Semen से सफेद हो गये थे.

1-1.5 मिनिट तक मुजाहिद के लॅंड से thick Semen का ejaculation हुआ. दुर्गा का पूरा चेहरा, उसकी माँग, माथा, आँखें, नाक, होंठ मुजाहिद के thick मुसलमानी Semen से चमक रहे थे.
मुजाहिद, “अब इसको होठों पर लगी मलाई को चूस ले और निगल जा.”
दुर्गा, “hmmmmm, मस्त टेस्टी है तेरी मलाई.”
फिर मुजाहिद ने Cam बेड की तरफ़ फेंक दिया और दुर्गा को अपनी बाहों में उठाया. और कस के जकड़ लिया. फिर दुर्गा के होठों को अपने होठों में लेके चूसा. दुर्गा भी मुजाहिद से कस के चिपक गयी और उसके दूध मुजाहिद की बालों वाली छाती से दबे हुए थे.
मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ आधी नंगी एक नंगे कट्टर मुसलमान मर्द से लिपटी हुई थी. उसके हिंदू माँग में लाल सिंदूर की जगह एक मुसलमानी लॅंड की मलाई थी, और वो पूरे मज़े से उस मुसलमान मर्द को अपने लाल होठों का रस चखा रही थी.
मुजाहिद, “जा धो ले, फिर बिस्तर पर करते हैं प्यार.”
दुर्गा Bathroom की तरफ चल दी. मुजाहिद पूरा नंगा बिस्तर पर आकर लेट गया.
मुजाहिद ने digi-cam table पर रख दिया और उसका focus adjust किया ताकि पूरा कमरा उसके digi-cam के focus में आ जाए.
दुर्गा अपना मुँह साफ करके बाहर आई. उसके बाल खुले थे, और अभी भी थोड़े गीले थे. जब वो बाहर आई और बिस्तर की तरफ़ जा रही थी, तो उसने अपने दोनों हाथ अपने बालों में फिराए. एकदम मस्त लग रही थी इस वक़्त वो. उपर से नंगी, नीचे सिर्क एक लाल पेटीकोट, आँखों में काजल, गले में हिंदू मंगलसूत्र, और बाहों में लाल चूड़ियाँ. उसका मंगलसूत्र उसके दूधों के बीच पड़ा था, जब वो अपनी बाहें उठा के अपने बाल सहला रही थी तो उसके armpits दिखाई दिए, एक भी बाल नही था वहाँ, और क्या गोरे armpits थे उसके.
दुर्गा मुजाहिद की बगल में आकर लेट गयी. मुजाहिद टांगे फैलाए नंगा लेटा हुआ था. उसका मुसलमानी लॅंड थोड़ा मुरझा गया था, पर अब भी वो कम से कम 6 इंच लंबा था. दुर्गा ने अपना सर मुजाहिद की छाती पर रखा और एक हाथ से उसकी छाती और Nipples को सहलाने लगी. बीच बीच में अपने होठों और जीभ से मुजाहिद की छाती और NIPPLES को चाटती. फिर अपने हाथ से हल्के हल्के उसके मुसलमानी लॅंड को सहलाना शुरू किया.

फिर दुर्गा उठी और पूरी तरह मुजाहिद के उपर लेट गई, और धीरे से मुजाहिद के होठों को अपने होठों से चूमा. दोनों ने एक दूसरे के हाथों को कस के पकड़ लिया. फिर से उनका ज़बरदस्त Kiss शुरू हो गया. वो अपनी कमर हिला रही थी धीरे धीरे, मुजाहिद के मुसलमानी लॅंड को अपनी चूत पर रगड़ रही थी, पेटीकोट के उपर से ही. क्या मादक नज़ारा था, मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ आधी नंगी लेटी हुई थी एक नंगे मुसलमान मर्द के उपर, और पूरे ज़ोर से उस मुसलमान मर्द के होठों को चूस रही थी. 5 मिनिट तक दोनों ने ज़बदस्त Smooch किया.
फिर मुजाहिद ने दुर्गा को अपने उपर से हटाया और उठ के बैठ गया. फिर उसने दुर्गा को अपने उपर लेटाया, दुर्गा की पीठ मुजाहिद के छाती पर थी, और उसका सर मुजाहिद के कंधे और सर के बीच था. मुजाहिद ने दोनों हाथों से दुर्गा के उबारों को अपने मज़बूत हाथों में लेकर दबाना शुरू किया.
दुर्गा सिसकियाँ लेने लगी, “आइईईईई….और ज़ोर से दबा, कितने सख़्त मर्दाना हाथ हैं तेरे. इन पर अब सिर्फ़ तेरा हक़ है. निकाल दे जितना दूध हैं इनमें और पी ले उस दूध को.”

मुजाहिद अब दुर्गा की NIPPLES को भी ज़ोर ज़ोर से भींच रहा था.
4-5 मिनिट तक दुर्गा के दूध रगड़ने के बाद मुजाहिद ने एक हाथ उसके पेटीकोट के अंदर डाल दिया. मुजाहिद अब दुर्गा की चूत में उंगली करने लगा. दुर्गा ऐसे छटपटाने लगी जैसे एक मछली छटपटाती है पानी के बिना. मुजाहिद एक हाथ से दुर्गा के दूध कस के दबा रहा था और दूसरे हाथ से दुर्गा की हिंदू चूत में ज़ोर ज़ोर से उंगली कर रहा था. बीच बीच में मुजाहिद दुर्गा की चुचियों को अपनी उंगलियों में लेकर खींच रहा था. दुर्गा बहुत गर्म हो गयी थी अब, वो अपने होंठ अपने दाँतों में भींच रही थी. दुर्गा की सिसकियों से पूरा कमरा गूँज रहा था. दुर्गा ने अपना एक हाथ मुजाहिद के उस हाथ पर रखा जिससे वो उसकी चूत दबा रहा था और उसके हाथ को दबाया ताकि मुजाहिद और ज़ोर से उसकी हिंदू चूत में उंगली करे. फिर दुर्गा ने खुद अपने हाथ से अपने पेटीकोट का नाडा खोला ताकि मुजाहिद को उंगली करने में दिक्कत ना हो.
दूसरा हाथ दुर्गा ने मुजाहिद के सर के पीछे रखा और उसके सर को अपनी तरफ़ घुमाया. फिर दुर्गा ने अपना सर घुमाया और अपनी जीभ निकाल के मुजाहिद के होंठ चाटने लगी. वो मुजाहिद के सर को अपने हाथ से अपनी ओर खींच रही थी और पूरे तगड़े तरीके से मुजाहिद के होठों को चाट रही थी. मुजाहिद ने भी दुर्गा की जीभ को अपने मुँह मे लेके चूसना शुरू किया. अपनी हिंदू माँ को ऐसी आधी नंगी अवस्था में एक नंगे कट्टर मुसलमान मर्द को ऐसे चूमते देख मैंने भी अपना लॅंड हिलाना शुरू कर किया.
मुजाहिद अब बहुत तेज़ी से दुर्गा की पंडित चूत में उंगली कर रहा था. 5 मिनिट बाद वो रुका, और अपना हाथ दुर्गा के पेटीकोट से निकाला. उसकी उंगलियाँ दुर्गा के चूत की मलाई से भीगी हुई थी, मुजाहिद ने अपनी उंगलियाँ अपने मुँह में लेके चाटी, और फिर दुर्गा को चटाई.
मुजाहिद बोला, “तेरा दूध जितना मीठा है, तेरी चूत उतनी ही नमकीन है, मज़ा आ गया.”
और फिर से मुजाहिद और दुर्गा ने एक तगड़ा Kiss किया.

अब मुजाहिद ने दुर्गा को लेटा दिया और ख़ुद उठ के दुर्गा की टाँगों के पास आ गया. उसने दुर्गा के पेटीकोट निकाल दिया. दुर्गा ने नीचे काले रंग की Lace Panty पहनी हुई थी. मुजाहिद ने दुर्गा के Panty भी निकाल दी. दुर्गा ने खुद अपने चूतड़ उठा कर मुजाहिद को अपनी Panty निकालने में मदद की. अब दुर्गा पूरी तरह नंगी हो गयी थी. पहली बार मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ एक ग़ैर मर्द के आगे नंगी हुई थी, और ये ग़ैर मर्द एक 42 साल का काला, बिना मूछों वाला और लंबी दाढ़ी वाला एक कट्टर मुसलमान मर्द था. मुजाहिद दुर्गा की टाँगों के बीच लेट गया. दुर्गा ने भी अपनी टाँगें फैला के मुजाहिद को अपनी गोरी चिकनी पंडित चूत के दर्शन कराए. एक महीना में ही मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ को अपनी टाँगें फैला दी एक कट्टर मुसलमान के आगे.

मुजाहिद जीभ निकाल के दुर्गा की हिंदू ब्राह्मण चूत को चाटने लगा. जैसे एक कुत्ता एक कुतिया की चूत चाट कर उस कुतिया को गर्म कर देता है, वैसे ही मुजाहिद दुर्गा की चूत चाट कर उसको गर्म कर रहा था.
मुजाहिद पूरे ज़ोरों से दुर्गा की चूत के दाने को अपनी जीभ से रगड़ रहा था, दुर्गा तो जैसे जन्नत में पहुँच गयी थी, वो पूरे ज़ोर से सिसकियाँ के रही थी, वो भूल गयी थी की उसका 12 बरस का बेटा उपर सो रहा है, अब बस वो मुजाहिद के साथ सेक्स में पागल हो गयी थी. दुर्गा के दोनों हाथ मुजाहिद के सर पर थे और वो ज़ोर से उसके सर को अपनी चूत की तरफ़ धकेल रही थी, और मुजाहिद को और ज़ोर से अपनी पंडित चूत चाटने का इशारा कर रही थी. दुर्गा नीचे से अपने चूतड़ भी उपर को उठा रही थी.



“हे भगवान, क्या कर रहा है मुजाहिद तू मेरी चूत के साथ, रुक मत अब, खा जा मेरे दाने को तू, और ज़ोर से……और ज़ोर से….आइईईईई….हिस्स्स्स्स्सस्स”
वो अपने दाँतों से अपने होठों को भींच रही थी, कभी कभी अपने एक हाथ से अपने दूध और nipples भी दबाती. दुर्गा ने अपनी दोनों टाँगों से मुजाहिद के सर को कसा हुआ था. आख़िर 10 मिनिट बाद दुर्गा ने अपनी चूत की मलाई मुजाहिद के मुँह में छोड़ दी और वो वहीं निढाल हो के लेट गयी. मुजाहिद उठा, उसका मुँह दुर्गा की पंडित चूत की मलाई से भीगा हुआ था. वो दुर्गा की पूरी मलाई को निगल गया. फिर वो दुर्गा की बगल में लेट गया. दोनों एक दूसरे से लिपट गये. मेरी हिंदू माँ पूरी तरह नंगी एक नंगे मुसलमान मर्द के साथ लिपटी हुई थी उसके बिस्तर पर. दोनों एक दूसरे की नंगी कमर को अपने हाथों से हल्के हल्के सहला रहे थे. दोनों की आँख लग गयी.

10 मिनिट बाद मुजाहिद उठा. वो bathroom में गया. जब वो बाहर आया तो मैने देखा उसका 10” का मुसलमानी लोड़ा अभी भी पूरी तरह अकड़ा हुआ था. हो भी कैसे ना, एक बेहद ख़ूबसूरत और गदराए बदन वाली हिंदू पंडित औरत उसके सामने नंगी लेटी हुई थी, सिर्फ़ अपना मंगलसूत्र और चूड़ियाँ पहने. ऐसे में गाय का मीट खाने वाले एक कट्टर मुसलमान का कसा हुआ लॅंड कैसे शांत रह सकता था.

मुजाहिद के उठने से दुर्गा की आँख भी खुल गयी. उसने मुजाहिद को bathroom से बिस्तर की तरफ आते देखा, जब उसने उसका 10” लंबा कसा हुआ मुसलमानी लॅंड अकड़ा देखा तो वो मुस्कुराई. मुजाहिद बिस्तर की बगल में आकर खड़ा हो गया. मुजाहिद के बिना कुछ कहे ही दुर्गा अपने आप मुजाहिद के सामने आकर लेट गयी, और अपने दोनों हाथों से उसके लॅंड को सहलाने लगी और उसके सुपाड़े को अपनी जीभ से चाटने लगी.

मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ दीवानी हो गयी थी उस कट्टर मुसलमान मुजाहिद के 10” लंबे कसे हुए कटुए मुसलमानी लॅंड की. 5 मिनिट तक दुर्गा ऐसे ही बिस्तर पर लेटे हुए मुजाहिद के लॅंड को चूसती रही.
फिर मुजाहिद ने कुछ ऐसा किया जिससे मैं चौंक गया. मुजाहिद ने अपने दोनों हाथ दुर्गा के armpits के नीचे डाले, और एक झटके से दुर्गा को अपनी बाहों में उठा लिया. मुजाहिद में बहुत ताक़त थी, मेरी 60 किलो की माँ को उसने ऐसे उठाया अपनी मज़बूत बाहों में जैसे कोई 7 साल की एक छोटी बच्ची को उठाता है. उसने दोनों हाथ दुर्गा की मांसल जांघों के नीचे डाले और उसे अपने मर्दाना जिस्म से चिपका लिया. दुर्गा ने अपनी टाँगों को मुजाहिद की कमर के गिर्द लपेट लिया, और अपनी बाहें उसके गले के. और उनका ज़बरदस्त kiss शुरू हो गया. मैं अब बहुत उत्तेजित हो गया था, मेरी शादीशुदा हिंदू ब्राह्मण माँ को एक काले बिना मूछों और लंबी दाढ़ी वाले कट्टर मुसलमान ने अपनी मज़बूत बाहों में उठाया हुआ था और वो पूरी नंगी उस नंगे मुसलमान मर्द से लिपटी हुई थी., मेरी माँ के गोरे दूध, मुजाहिद के बालों वाली छाती से चिपके हुए थे, और मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ पूरी तबीयत से उस कट्टर मुल्ले के होठों को अपने लाल लाल होठों में लेकर चूस रही थी. 5 मिनिट तक दोनों ने ऐसे ही ज़बरदस्त तरीके से एक दूसरे के होंठ और जीभ चाटे. फिर मुजाहिद ने दुर्गा को नीचे रखा और अब वो दोनों बिस्तर के बगल में नंगे एक दूसरे से लिपटे खड़े थे.

दुर्गा ने झट से मुजाहिद के कसे हुए अकड़े लॅंड को अपने हाथ में कस के पकड़ किया और उस पर अपना मेहन्दी लगा हाथ रगड़ने लगी. उनके होंठ अभी भी चिपके हुए थे. उसकी चूड़ियों की ख़न- ख़न की आवाज़ और उसकी मादक सिसकियाँ बहुत मधुर लग रहीं थी. फिर दुर्गा ने Kiss तोड़ा और मुजाहिद के लॅंड की तरफ़ देखा. दुर्गा ने अपनी एडियाँ उठाईं और मुजाहिद के मुसलमानी लॅंड का सुपाड़ा अपनी हिंदू ब्राह्मण चूत पर रगड़ा. पहली बार एक मुसलमानी लॅंड का सुपाड़ा मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ के पंडित चूत को छुआ था, और इतने में ही दुर्गा का पूरा बदन सिहर उठा, उसने बहुत ज़ोर से सिसकी ली, ऐसे जैसे किसी ने गरम लोहा उसके बदन से छुआ दिया हो. वो ऐसे ही मुजाहिद के मुसलमानी लॅंड के सुपाड़े को अपनी हिंदू चूत पर रगड़ती रही.
फिर मुजाहिद अपने मुसलमानी लॅंड अपने हाथ में पकड़ा और दुर्गा की चूत पर ज़ोर से रगड़ा, मुजाहिद ने अपनी टाँगें थोड़ी मोड़ीं और झुक के अपने कूल्हे से आगे की ओर एक झटका मारा. उसका मुसलमानी लॅंड का चौड़ा सुपाड़ा दुर्गा की हिंदू ब्राह्मण चूत को भेदता हुआ ऐसे अंदर घुसा जैसे गर्म छुरी मक्खन के अंदर घुसती है. दुर्गा की हल्की चीख निकल गयी. पर मुजाहिद ने झुक के उसके होंठों को अपने होठों में भर लिया, और उसकी चीख बीच में ही दबा दी. एक और ज़ोर के झटके से मुजाहिद का मुसलमानी लॅंड लगभग पूरा मेरी हिंदू माँ की पंडित चूत में घुस गया.

एक शुद्ध पवित्र हिंदू ब्राह्मण परिवार की ब्राह्मण औरत के बदन के साथ गाय का मीट खाने वाला एक कट्टर कसाई मुसलमान मर्द खिलवाड़ कर रहा था, और उसकी पवित्र पंडित चूत में अपना मुसलमानी लोड़ा रगड़ रहा था.

पर सच तो ये था, मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ ने ख़ुद सब मान मर्यादा भुला के उस कट्टर मुसलमान मर्द से शारीरिक रिश्ता बनाया था, और वो खुद चल के आई थी इस मुसलमान मर्द के बिस्तर में उसके साथ सेक्स करने.
मुजाहिद अब ज़ोर ज़ोर से धक्के दे रहा था, दुर्गा का पूरा बदन हिल रहा था, और उसने मुजाहिद को कस कर पकड़ा हुआ था. दुर्गा अपने गोरे मखमली बदन को मुजाहिद के बालों वाले काले गठीले बदन पर रगड़ रही थी.
10 मिनिट तक दुर्गा और मुजाहिद ऐसे ही बिस्तर के पास खड़े खड़े प्यार करते रहे. मुजाहिद ज़ोर ज़ोर से धक्के दे रहा था, दुर्गा मदहोश होकर मुजाहिद के होठों को चूमे जा रही थी. दुर्गा के हाथ मुजाहिद के चूतड़ों पर थे, और वो आवने नाख़ून उसके चूतड़ों में घुसा रही थी जैसे इशारा कर रही हो की और ज़ोर से धक्के मार अपने मुसलमानी लॅंड से मेरी हिंदू चूत में.
बहुत ही गर्म सेक्स हो रहा था मेरी पवित्र हिंदू ब्राह्मण माँ और उस कट्टर मुसलमान मर्द के बीच.
फिर मुजाहिद बिस्तर पर बैठ गया, दुर्गा उसकी तरफ बढ़ी और इसकी गोद में बैठ गयी. और अपने हाथ से मुजाहिद का मुसलमानी लोड़ा पकड़ के एक बार फिर अपनी हिंदू चूत में घुसाया. अब दुर्गा अपने कूल्हे हिला हिला कर अपनी पवित्र हिंदू चूत को मुजाहिद के मुसलमानी लॅंड पर रगड़ने लगी. दुर्गा और मुजाहिद के बदन चिपके हुए थे, मुजाहिद ने दुर्गा को अपनी मज़बूत बाहों में जकड़ा हुआ था, दुर्गा के गोरे दूध मुजाहिद की बालों वाली छाती में घुसे होने के कारण बाहर के तरफ़ फैले हुए थे. और दुर्गा और मुजाहिद फिर से तगड़े kiss करने में लगे हुए थे. अपनी हिंदू ब्राह्मण माँ को एक नंगे कट्टर मुसलमान की गोद में पूरी नंगी बैठी देख और अपनी हिंदू माँ का एक कसाई मुसलमान मर्द के

साथ ऐसा गर्मा-गर्म सेक्स करता देख मेरा भी बुरा हाल हो रहा था.
फिर मुजाहिद लेट गया और दुर्गा उसके उपर लेट गयी. मुजाहिद नीचे से अपने चूतड़ हिला के धक्के दे रहा था, और दुर्गा उपर से अपने चूतड़ हिला हिला के मुजाहिद के मुसलमानी लॅंड पर नाच रही थी. मुजाहिद पलटा और अब दुर्गा उसके नीचे थी, और वो दुर्गा के उपर. वो एक बार फिर पलटे और फिर से दुर्गा मुजाहिद के उपर आ गयी. वो दोनों बिस्तर पर लोट-पोट हो रहे थे. कुछ देर ऐसे ही लोट-पोट होने के बाद मुजाहिद दुर्गा के उपर आ गया. अब वो जैसे पागल हो गया था, वो पूरे ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे आज दुर्गा को हिंदू चूत को फाड़ ही डालेगा. दुर्गा भी कस के मुजाहिद से लिपटी हुई थी, और अपने हाथों से मुजाहिद के चूतड़ दबा रही थी.

पिछले 40 मिनिट से मुजाहिद का मुसलमानी लोड़ा दुर्गा की हिंदू चूत को रगड़ रहा था. दुर्गा और मुजाहिद के बदन पसीने से भीग गये थे. ऐसा लग रहा था जैसे दोनों नहा के आए हों, इतने चमक रहे थे उनके बदन पसीने से. बहुत ही गर्म सेक्स हो रहा था मेरी हिंदू माँ दुर्गा और उस मुसलमान मर्द मुजाहिद के बीच.

40 मिनिट तक दुर्गा और मुजाहिद ने जानवरों की तरह सेक्स किया. फिर मुजाहिद ने अपना मुसलमानी बीज दुर्गा की हिंदू बच्चेदानी में गिरा दिया. दुर्गा की हिंदू कोख में पहली बार एक मुसलमाई बीज गया था. 2 मिनिट तक मुजाहिद का मुसलमानी लॅंड दुर्गा के हिंदू गर्भाशय में अपना मुसलमानी बीज बोता रहा. मेरी हिंदू माँ उस मुसलमान मर्द के साथ सेक्स करने में इतनी बेधड़क हो गयी थी की उसने उस मुसलमान मर्द को condom पहनने के लिए भी नही कहा. मैने सोचा शायद अब उसके हिंदू गर्भ में एक कट्टर मुसलमान का बच्चा पले, पर मेरी हिंदू माँ को कोई परवाह नहीं थी, वो मदहोश थी उस मुसलमान मर्द के साथ सेक्स करने में. मैं सोच भी नहीं सकता था की 40 की उम्र में भी मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ अपने हिंदू ब्राह्मण पति को भुला कर एक कट्टर मुल्ले के साथ इतना गरमा-गर्म सेक्स कर सकती है.
दुर्गा की हिंदू कोख में अपना मुसलमानी बीज बोने के बाद 2 मिनिट तक मुजाहिद दुर्गा के उपर ही लेटा रहा. दुर्गा हल्के हल्के अपने हाथों से मुजाहिद के बालों वाली पीठ को सहला रही थी. फिर मुजाहिद दुर्गा के उपर से हटा और उसकी बगल में लेट गया. दोनों बुरी तरह हाँफ रहे थे, और दोनों के बदन पसीने से भीगे हुए चमक रहे थे. दुर्गा की हिंदू योनि में मुजाहिद का गाढ़ा मुसलमानी वीर्य पड़ा हुआ था. थोड़ा सा निकल कर दुर्गा के जांघों पर भी बह गया था. मुजाहिद का मुसलमानी लोड़ा उसके और दुर्गा की योनि की मलाई से चमक रहा था.
हाँफते हाँफते मुजाहिद और दुर्गा बातें करने लगे.
मुजाहिद, “कैसा लगा दुर्गा, इस मुस्लिम बंदे का सेक्स?”
दुर्गा, “आज पहली बार औरत होने का एहसास हुआ है. आज पता चला कैसे होता है असली सेक्स और कितना मज़ा आता है सेक्स करने में.”
मुजाहिद, “तेरे हिंदू पति के साथ सेक्स नही करती थी तू?”
दुर्गा, “हाँ करती थी, पर महीने में 1-2 बार. उसे सेक्स करने में शर्म आती थी, वो सेक्स को ग़लत मानता था, कई बार सन्यास लेने की बात की थी उसने.”
मुजाहिद, “तो अब मेरे साथ और सेक्स करेगी?”
दुर्गा, “अब तो मैं तेरे सेक्स के बिना पागल हो जाऊंगी, अब तो मुझे हमेशा चाहिए तेरा सेक्स.”
मुजाहिद, “तू तो हिंदू पंडित औरत है, एक कसाई मुस्लिम बंदे के साथ बार-बार सेक्स करेगी?”
दुर्गा, “अब एक बार कर लिया तो फ़िर कैसे परहेज़? अब तो कोई परवाह नही, अब तो हज़ार बार तेरे कसे हुए मुसलमानी लॅंड को अपने पंडित चूत में डालूंगी. रोक सको तो रोक लो!”

ऐसा कहते हुए दुर्गा ने मुजाहिद के होठों को हल्के से चूमा और उसके साथ लिपट गयी. मुजाहिद ने दुर्गा को अपनी बाहों में ले लिया. मेरी हिंदू पंडित माँ दुर्गा भी नंगी ही उस नंगे मुसलमान मर्द की बाहों में बाहें डाले और टाँगों में टाँगें डाले लिपट कर सो गयी.
मैं कभी सपने में भी नही सोचा था की ऐसा दृश्य देखूँगा. मेरी माँ एक धर्म-कर्म वाली औरत थी. पति के RSS में होने के कारण और भी पूजा-पाठ करती थी. मंदिर जाती थी, माँस को कभी छुआ तक नही था. पर आज, इस मुहम्मडन इलाक़े में आने के बाद एक महीने में ही मेरी हिंदू माँ का रूप बदल गया था. आज मेरी ब्राह्मण माँ पूरी नंगी लेटी हुई थी, एक बिना मूछों और लंबी दाढ़ी वाले कट्टर मुसलमान के बाहों में. ये मुसलमान मर्द एक कसाई था, मीट का धन्दा करता था और गाय का मीट ख़ाता था. और क्या गर्म सेक्स किया था मेरी हिंदू माँ ने उस मुसलमान मर्द के साथ. कितनी तबीयत से उसने उस मुसलमान मर्द के होठों और मुसलमानी लॅंड को चूसा था. और अब कैसे मदहोश हो के उस मुसलमान मर्द की बाहों में नंगी सो रही थी. किसी की परवाह नहीं थी उसको, जैसे अब उसकी ज़िंदगी का एक ही मक़सद था, उस मुसलमान मर्द के साथ सेक्स करना. इन सब ख्यालों में खोए हुए, और अपनी हिंदू माँ को एक मुसलमान मर्द की बाहों में नंगी लेटे देख मैं भी ज़ोर ज़ोर से अपना 5” का लोड़ा रगड़ रहा था, और अपना पानी छोड़ दिया. रात के 3 बाज चुके थे. पिछले 5 घंटों में मेरी हिंदू माँ ने उस मुसलमान मर्द के साथ बिना रुके लगातार सेक्स किया था. मैं भी वहीं terrace पर ही सो गया.

6:30 बजे मेरी आँख खुली. दुर्गा और मुजाहिद अभी भी नंगे ही एक दूसरे से लिपटे सोए हुए थे. अपनी हिंदू माँ को एक मुसलमान मर्द के साथ नंगी देख मेरा फ़िर से खड़ा हो गया, पर अब मुठ मारने का समय नहीं था. मैं झाँक ही रहा था की अंदर दुर्गा भी नींद से जागी. वो बिस्तर से उठी और ज़मीन पर पड़े अपने कपड़े उठाए, Black Bra, Panty, पेटीकोट ब्लाउस और साड़ी. उसने बस अपने बदन पर अपनी transparent साड़ी लपेटी और कमरे से बाहर निकल गयी. मुजाहिद अभी भी पूरी नंगा अपने बिस्तर पर सो रहा था. मैं फटाफट भाग के अपने कमरे में आ गया और अपने बिस्तर पर लेट गया. माँ उपर आई और मेरे कमरे में झाँका. मैने सोने का नाटक किया. उसने मेरे कमरे का दरवाज़ा खोला और नहाने चली गयी.
मैं भी 7 बजे उठ के नहा धो कर स्कूल छाला गया. पर स्कूल में पूरे वक़्त मेरी आँखों के आगे मेरी हिंदू माँ और उस कट्टर मुसलमान मर्द के बीच रात भर हुए गर्म सेक्स के दृश्य घूमते रहे. मेरा मन कर रहा था फ़िर से अपनी गोरी हिंदू ब्राह्मण माँ दुर्गा बसु को उस काले बिना मूछों और लंबी दाढ़ी वाले कट्टर मुसलमान मर्द ख़ालेद मुजाहिद की बाहों में नंगी देखने का. मेरा बस चलता तो स्कूल में ही दुर्गा और मुजाहिद के सेक्स के बारे में सोच कर मुठ मार लेता. शनिवार का दिन होने के कारण 12 बजे ही छुट्टी हो गयी. घर आते ही मैने रात के दृश्यों के बारे में सोचा, कैसे मेरी हिंदू माँ दुर्गा उस कट्टर मुल्ले मुजाहिद के बाहों में नंगी हो कर पूरी रात उसके साथ सेक्स करती रही, यही सोच सोच मैने ज़ोर ज़ोर से दो बार मुठ मारी.

शनिवार होने के कारण माँ भी bank से जल्दी वापिस आ गयी. आते ही अपने कमरे में सोने के लिए चली गयी. मुझे पता था, कल रात वो ठीक से नही सोई थी, वो मुल्ला रगड़ रगड़ के चोद जो रहा था उसकी हिंदू चूत को रात भर. शाम 6 बजे वो अपने कमरे से निकली और रसोई में खाना बनाने लगी. रात का खाना खाने के बाद मैने कल रात की ही तरह दूध खिड़की से बाहर गिरा दिया. कल रात की ही तरह आज भी दुर्गा मेरे कमरे को बाहर से बंद करके नहाने चली गयी. फिर से नहा धो कर नयी साड़ी पहनी, आज साड़ी भगवे रंग की थी, जैसी कोई हिंदू साध्वी पहनती हैं.

इसका ब्लाउस भी बेहद छोटा Sleeveless और Backless था. और आज फिर मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ सजी थी एक नयी नवेली हिंदू दुल्हन के तरह अपनी सुहाग रात मानने के लिए एक कसाई कट्टर मुल्ले के साथ. कितनी खूबसूरत थी मेरी हिंदू बंगाली ब्राह्मण माँ, और उसके इस खूबसूरत बदन का मज़ा उसका ब्राह्मण पति नहीं बल्कि एक कट्टर कसाई मुसलमान मर्द लूट लूट के ले रहा था.
मुजाहिद भी गहरे हरे रंगे के पठानी कुर्ते पाजामे में अपनी हिंदू प्रेमिका का इंतज़ार कर रहा था. जैसे ही दुर्गा मुजाहिद के कमरे में घुसी, दोनों एक दूसरे से लिपट गये, और फिर पागलों की तरह एक दूसरे के होठों को चूसने लगे. मैं भी कल की तरह रोशनदान से सब देख रहा था और बहुत उत्तेजित था, कि आज फिर अपनी हिंदू माँ का एक मुसलमान मर्द के साथ गरमा-गर्म सेक्स देख पाऊँगा.
और वही हो रहा था, क्या गर्म सेक्स चल रहा था दुर्गा और मुजाहिद के बीच. कल की तरह आज भी दुर्गा ने मुजाहिद को पूरा नंगा करके उसका 10” लंबा कसा हुआ मुसलमानी लोड़ा अपने मुँह में लेकर चूसा, और मुजाहिद ने अपना गाढ़ा वीर्य दुर्गा की हिंदू सिंदूर से भरी माँग में छोड़ा, फिर मुजाहिद ने दुर्गा को पूरी नंगी करके उसकी हिंदू चूत को चाटा और उसकी छूट के दाने के साथ खिलवाड़ किया, फिर दुर्गा ने अपनी चूत का पानी मुजाहिद के मुँह में छोड़ दिया.

फिर दोनों नहाने चले गये. मुजाहिद ने Shower on किया और दुर्गा उसके नंगे मर्दाना शरीर से लिपट गयी और अपने गोरे मखमली नंगे बदन को मुजाहिद के काले बालों वाले गठीले बदन के साथ रगड़ने लगी. दोनों पानी में भीगे हुए थे, और एक दुसरे के मुंह में मुंह डाले ज़बरदस्त Kiss कर रहे थे. दुर्गा के लम्बे बाल पूरी तरह भीगे हुए उसकी कमर के साथ चिपक गए थे. दुर्गा ने अपनी एक टांग उठाई और मुजाहिद के कमर के गिर्द लपेट ली. मुजाहिद थोड़ा झुका और अपने मुसलमानी लोड़े को दुर्गा की हिंदू चूत में घुसा दिया. और ऐसे खड़े खड़े ही मेरी हिंदू माँ और वह मुसलमान मर्द एक दुसरे के साथ गरमा-गर्म सेक्स करने लगे. 10 मिनट तक ऐसे ही उसका सेक्स चलता रहा. पानी से भीगे उसके बदन चमक रहे थे. फिर मुजाहिद नीचे फर्श पर लेट गया, और दुर्गा वहीँ Shower के पानी के नीचे उसका 10” लम्बा मुसलमानी लोड़ा चूसने लगी. 3-4 मिनट तक दुर्गा ऐसे ही मुजाहिद का लोड़ा चूसती रही.
फिर मुजाहिद ने दुर्गा के कान में कुछ कहा. दुर्गा ने अपने गले से अपना मंगलसूत्र निकाला और और उसको मुजाहिद के 10” लम्बे कैसे हुए मुसलमानी लोड़े पर बाँध दिया. और फ़िर से ज़ोर-ज़ोर से अपने मंगलसूत्र में बंधे मुजाहिद के मुसलमानी लोड़े को चूसना शुरू कर दिया. क्या हो गया था मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ को, वो अपने हिंदू सुहाग की सबसे अनमोल निशानी, अपने मंगलसूत्र, को एक कट्टर मुल्ले के कटुए मुसलमानी लोड़े पर बाँध के चूस रही थी. उस मुल्ले के साथ सेक्स करने की इतनी हवस भरी थी मेरी हिंदू माँ में कि उस मुल्ले के कहने पर उसने अपने हिंदू सुहाग कि अनमोल निशानी, अपने मंगलसूत्र, को उसके मुसलमानी लोड़े पर बाँधने में ज़रा भी शर्म न आई. वो ऐसे ही मादक तरीके से मुजाहिद का लोड़ा चूसे जा रही थी.

कुछ देर बाद मुजाहिद फ़िर से खड़ा हुआ और दुर्गा को अपनी मज़बूत मर्दाना बाहों में उठा लिया. वो अभी भी Shower के नीचे ही थे. मुजाहिद ने अपना लोड़ा दुर्गा कि चूत में घुसाया और उसे पेलना शुरू किया. बहुत ही मादक दृश्य था, मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ पूरी नंगी थी. उसको एक नंगे कट्टर मुल्ले ने अपनी मज़बूत बाहों में उठाया हुआ था, और मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ अपने बदन को उस मुल्ले के बदन से चिपकाये, उसके गले में अपनी बाहें डाले बेतहाशा उस मुल्ले के होठों को चूस रही थी. 15 मिनट तक मुजाहिद ने ऐसे ही दुर्गा के हिंदू मंगलसूत्र को अपने मुसलमानी लोड़े पर बाँध कर दुर्गा को साथ खड़े खड़े Shower के पानी के नीचे गरमा-गर्म सेक्स किया. और एक बार फ़िर दुर्गा कि हिंदू कोख़ में अपना मुसलमानी बीज बो दिया. मुझे लग रहा था मुजाहिद ज़रूर दुर्गा को अपने बच्चे कि माँ बना देगा. मैं सोच रहा था दुर्गा इतनी बेफिक्र कैसे हो गयी थी, एक हिंदू ब्राह्मण औरत होते हुए वो एक कट्टर मुल्ले का बच्चा अपनी हिंदू कोख़ में कैसे पाल सकती थी. वो मुजाहिद के साथ सेक्स करने कि हवस में अंधी हो गयी थी. उसे तो बस मुजाहिद के साथ सेक्स चाहिए था, उस सेक्स का नतीजा क्या होगा उसको परवाह नहीं थी इस बात की.

Bathroom में सेक्स करने के बाद दुर्गा और मुजाहिद बहार बिस्तर पर आकर लेट गए.
दुर्गा, “भूख़ लग रही है, कुछ खाने को है?”
मुजाहिद, “मुझे भी, पर खाने के लिए Fridge में सिर्फ गाय का मीट पड़ा है. खायेगी?”
दुर्गा, “मीट कभी खाया नहीं है पहले. और गाय का तो कभी नहीं.”
मुजाहिद, “रात के 1 बजे तो कहीं बाहर से भी नहीं मंगा सकते.”
दुर्गा, “चल मीट ही खा लेते हैं.”
मुजाहिद अपनी रसोई में गया और 2 प्लेट में गाय का मीट भर के ले आया. फ़िर दोनों एक साथ सोफे पर बैठ कर खाने लगे. वो लोग अभी भी नंगे ही थे. मुझे यकीन नहीं हो रहा था. रात के 1 बजे शुद्ध हिंदू ब्राह्मण परिवार में पाली बढ़ी मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ पूरी नंगी बैठी थी, एक बिना मूछों लम्बी दाढ़ी वाले कसाई कट्टर ग़ैर मुसलमान मर्द के साथ और उसके साथ मिल कर गाय का मीट खा रही थी. कहाँ उसका हिंदू पति RSS के तरफ से गौ हत्या के विरुद्ध आंदोलन चला रहा था, और कहाँ मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ एक कट्टर मुल्ले के साथ गरमा गर्म सेक्स करने के बाद उसके सामने नंगी बैठ गाय का मीट खा रही थी.
दुर्गा, “अम्म्म्म्म्म, बहुत स्वाद है ये तो, मुझे पता नहीं था मीट इतना Tasty हो सकता है. ”
मुजाहिद ने आगे झुक कर दुर्गा के लाल लाल होठों पर चुम्बन लिया.
मीट खाने के बाद दोनों बिस्तर पर आ कर एक दुसरे से लिपट कर सो गए. मैं भी उनके गरमा-गर्म सेक्स को देख के मुठ मारी और सो गया.
अगला दिन रविवार था. सब लोग घर पर थे. मुजाहिद भी अपनी मीट की दुकान पर नहीं गया. सुबह 9 बजे उठने के बाद मैंने माँ को देखा तो थोड़ा झटका लगा. माँ ने Sleeveless ब्लाउज वाली transparent साड़ी पहनी थी जैसी वो कोलकाता में पहनती थी. इसका एक ही कारण था, अब वो उस कट्टर मुल्ले मुजाहिद के आगे अपने गदराए गोरे जिस्म की नुमाइश कर रही थी. मुजाहिद भी केवल एक लुंगी में घूम रहा था. उसका बालों से भरा गठीला मर्दाना बदन देख के मेरी हिंदू माँ गर्म हो थी. पर मेरे घर पर होने की वजह से दोनों कुछ कर नहीं पा रहे थे. फ़िर भी मौका देख कर उन दोनों ने 3-4 बार तगड़ा kiss किया. पर इससे ज़्यादा वो कुछ कर न पाये. माँ के बेताबी देख के लग रहा था वो बेसब्री से रात होने का इंतज़ार कर रही है ताकि रात होते ही अपने मुसलमान प्रेमी की बाहों में जा सके और उसके साथ गरमा-गर्म सेक्स कर सके.
रात में फ़िर दुर्गा ने मुजाहिद के साथ 4 बार धमाकेदार सेक्स किया और एक बार फ़िर उसके साथ गाय का मीट खाया. ऐसे ही चलता रहा कुछ दिनों तक.

फ़िर एक दिन माँ सुबह-सुबह बोली उसकी तबियत ठीक नहीं है, वो बैंक नहीं जाएगी. मुझे शक हुआ. मैं स्कूल की तरफ निकला पर आधे रास्ते से ही वापस आ गया. और चुप के घर के अंदर घुस गया. और मेरा शक ठीक था. दुर्गा की सेहत को कुछ नहीं हुआ था, उसको तो बस उस कट्टर मुल्ले का सेक्स चाहिए था. क्या जानवरों की तरह सेक्स किया दुर्गा और मुजाहिद ने दिन भर. रसोई में, बहार आँगन में, बाथरूम में, मुजाहिद के बिस्तर पर… पूरा दिन एक भी कपडा नहीं पहना उन्होंने. दिन भर में 6 बार सेक्स किया दुर्गा ने मुजाहिद के साथ. एक बार तो अपने मंगलसूत्र को मुजाहिद के मुसलमानी लोड़े पर बांधकर उसके लोड़े को अपने मम्मों के बीच में लेकर boobjob भी दी. और मुजाहिद ने अपने मुसलमानी लोड़े पर दुर्गा के हिंदू सुहाग की निशानी, उसके मंगलसूत्र, को लपेटकर 6 बार दुर्गा की हिंदू बच्चेदानी में अपना मुसलमानी बीज छोड़ा. पर अभी भी मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ की उस लम्बी दाढ़ी बिना मूछों वाले कसाई कट्टर मुसलमान मर्द के साथ सेक्स करने की हवस शांत नहीं हुई थी क्यूंकि रात में फ़िर से दुर्गा ने मुजाहिद के साथ 4 बार सेक्स किया.
रात में सेक्स करने के बाद मुजाहिद हाँफते हुए बोला, “मैंने बहुत सुना था कि बंगाली हिंदू औरतों, खासकर ब्राह्मण औरतों में बड़ी गर्मी होती है सेक्स करने की, बिलकुल सच बात निकली. बड़ी गर्मी है तुझमें दुर्गा. आज दिन भर में ये 10वीं बार सेक्स किया है हमने. क्या मस्त होकर सेक्स करती है तू, सुबान-अल्लाह मैंने कभी सोचा नहीं था एक औरत भी इतनी मस्त होकर सेक्स कर सकती है.”
पसीने से भीगी दुर्गा भी हांफती हुए बोली , “मैंने भी मुसलमान मर्दों के बारे में जो सुना था वो ठीक निकला.”
मुजाहिद, “क्या सुना था?”
दुर्गा, “यही कि बहुत मर्दाना ताकत होती है मुसलमान मर्दों में, गाय का मीट खा खा के उनका खून बहुत गर्म हो जाता है, और सेक्स करने में उनका मुक़ाबला कोई नहीं कर सकता. क्या दम है तुझमें मुजाहिद, आज 10वीं बार सेक्स किया तूने मेरे साथ, इतना सेक्स तो मैं अपने पति के साथ एक साल में करती थी, जितना तेरे साथ एक दिन में कर किया. सच में तेरे साथ सेक्स करने के बाद ही मुझे औरत होने का पूरा एहसास हुआ. तू जब अपनी मर्दाना बाहों में जकड़ता है या मेरे होठों को चूमता है या अपने लोड़े से मुझे पेलता है तब लगता है कि किसी असली मर्द को प्यार कर रही हूँ. अब लगता है कितना मज़ा आता है सेक्स करने में. पहले कितना दबी हुई थी मैं, बहुत झिझक होती थी, और अब उतना ही आनंद आता है.”

मुजाहिद, “तेरे ब्राह्मण पति के साथ भी ऐसे ही सेक्स करती थी?”
दुर्गा, “नहीं ना, बताया तो कितनी बार, महीने में १-२ बार ही सेक्स होता था हमारा.”
मुजाहिद, “मुझसे सेक्स करती रहेगी ना, आगे भी.”
दुर्गा, “कितनी बार पूछोगे यही सवाल? और जितनी बार पूछोगे मैं यही जवाब दूंगी, मुझे अब सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम्हारा ही सेक्स चाहिए.”
क्या विडंबना थी, मेरी गोरी हिंदू ब्राह्मण माँ के साथ सेक्स का मज़ा एक कट्टर मुसलमान मर्द ले रहा था. मुजाहिद की तो जैसे लाटरी लग गयी थी, एक हिंदू ब्राह्मण औरत ख़ुद चल के आई थी उसके साथ सेक्स करने के लिए, और अब वो मुल्ला लूट लूट के खा रहा था मेरी हिंदू माँ को.
दुर्गा और मुजाहिद के सेक्स का खेल ऐसे ही चलता रहा, कभी कभी वो रात में मुजाहिद के कंप्यूटर पर ब्लू मूवीज़ भी देखते. वो अक्सर interracial मूवीज देखते जिसमें गोरी-गोरी blonde लड़कियां काले अफ़्रीकी हब्शियों (नीग्रो) के 10-12 इंच लम्बे लौड़ों को चूसती और उनके साथ सेक्स करतीं. दुर्गा और मुजाहिद भी वैसे ही लगते थे. दुर्गा एकदम गोरी मखमली बदन वाली, जिस पर एक भी बाल नहीं था, एक गोरी मेम लगती. और मुजाहिद एकदम काला, बिना मूछों और लम्बी दाढ़ी वाला, बालों से भरे शरीर में एकदम हब्शी लगता.

कभी कभी वो अपने सेक्स के वीडियो भी देखते जो मुजाहिद अपने digi -cam में बनाता था. ये वीडियो देख कर मैं भी कभी कभी मुठ मार लेता था जब मैं घर में अकेला होता था.
और एक महीने बाद तो दुर्गा में जो बची शर्म थी, वो भी जाती रही. अब वो घर में सिर्फ बेहद छोटे Sleeveless ब्लाउज और पेटीकोट में घूमती थी, और पेटीकोट के ऊपर साड़ी पहनना बंद कर दिया था. मुजाहिद उसको मेरे सामने ही अपनी मज़बूत बाहों में जकड़ लेता और उसके लाल लाल होठों के रस का स्वाद लेता, मुझे दिखाते हुए कि जिन होठों का स्वाद चखने का हक़ मेरे हिंदू ब्राह्मण बाप का था, उसका मज़ा वो कट्टर मुसलमान ले रहा था. मुजाहिद और दुर्गा अब पति-पत्नी कि तरह रहने लग गए थे. मेरे सामने भी वो दोनों आधे नंगे ही रहते और मेरे सामने ही वो एक दूसरे से लिपट कर एक दूसरे के बदन को सहलाते. मेरी हिंदू माँ को उस मुसलमान मर्द के साथ सेक्स करने की इतनी लत लग गयी थी की उसने सब शर्म- हया भुलाते हुए मेरे सामने ही उस मुसलमान मर्द से शारीरिक रिश्ता बना लिए था. उसको ज़रा भी ख्याल नहीं था कि उसके 12 साल के बेटे को इतनी समझ तो होगी ही कि उसके और मुजाहिद के बीच क्या चल रहा है. उसको इतनी भी चिंता नहीं थी कि मैं उसके और मुजाहिद के प्यार के खेल के बारे में अपने बाप को बता सकता हूँ.
नवरात्रों और दुर्गा पूजा में तो मेरी हिंदू माँ ने दुर्गा ने सारी हदें लांघ दीं. पहले वो नवरात्रों में व्रत रखती थी और दुर्गा माता की आराधना करती. अब उस कट्टर मुल्ले के साथ सेक्स करने की हवस में इतनी पागल हो गयी थी की व्रत तो दूर, रोज़ उस कटुए मुल्ले के साथ रात में सेक्स करने के बाद नंगी हो के उसके साथ गाय का मीट खाती थी. और नवरात्रों में दुर्गा माता की आराधना करने की बजाये एक कट्टर मुसलमान मर्द के कटुए 10” लम्बे कसे हुए मुसलमानी लोड़े की दिन-रात पूजा कर रही थी.

करवाचौथ वाले दिन वो एक हिंदू सुहागन की तरह सजी हुई थी, लाल sleevless, backless ब्लाउज वाली transparent साड़ी, लाल चूड़ियाँ, आखों में काजल, गले में मंगलसूत्र, पर मेरी हिंदू माँ अपने हिंदू ब्राह्मण पति के लिए नहीं सजी सवंरी थी, बल्कि अपने मुसलमान प्रेमी के साथ रात भर सेक्स करने के लिए सजी थी. करवाचौथ का व्रत भी उसने गाय का मीट और मुजाहिद के कसे हुए मुसलमानी लोड़े के गाढ़ी मलाई खा कर तोड़ा.

मुजाहिद को जब भी दुर्गा के साथ सेक्स करना होता वो उसके हिंदू सुहाग की निशानी उसके हिंदू मंगलसूत्र को अपने कसे हुए मुसलमानी लोड़े पर बाँध लेता और दुर्गा झट से उस कट्टर मुल्ले के सामने नंगी होकर उसका कसा हुआ मुसलमानी लोड़ा अपने मुंह में लेकर चूसने लगती.
2 महीने हो गए थे दुर्गा और मुजाहिद को ऐसे सेक्स करते हुए. फ़िर एक दिन वो बैंक से थोड़ी परेशान सी लौटी. रात को मुजाहिद के साथ सेक्स करने के बाद दोनों नंगे लेटे हुए थे एक दुसरे की बाहों में.
दुर्गा बोली, “आज मेरे पति का फ़ोन आया था, वो कह रहा था मेरा ट्रासंफर हो जायेगा 1-2 दिन में, कोलकाता वापस.”
मुजाहिद, “अब, तू वापस चली जाएगी.”
दुर्गा, “नहीं, मैं अब तुझे नहीं छोड़ सकती. फ़िर कहाँ से मिलेगा ऐसा सेक्स. इतना गर्म सेक्स तो तू ही मुझे दे सकता है ”
मुजाहिद, “तो क्या हल है?”
दुर्गा, “सोच रही हूँ नौकरी छोड़ दूँ, पर घर कैसे चलेगा?”
मुजाहिद, “तेरा हिंदू पति छोड़ने देगा नौकरी?”
दुर्गा, “उसको तो तलाक़ देने का सोच रही हूँ, वैसे भी वो तो संन्यास लेने की बातें करता था, बोल दूँगी दे दे मुझे तलाक़ और ले ले संन्यास.”
मुजाहिद, “तो हमेशा मेरे साथ रहेगी तू?”
दुर्गा, “तू रखेगा तो रह लूंगी.”
मुजाहिद ने उसको अपनी बाहों में भर लिया और उन दोनों के बीच एक तगड़ा Kiss शुरू हो गया. मैं भौचक्का रह गया. उस कट्टर मुल्ले के साथ सेक्स करने कि हवस में मेरी माँ अपने हिंदू पति को छोड़ने के लिए तैयार थी.
कुछ देर ऐसे ही दोनों नंगे लिपटे रहे और चूमा चाटी करने के बाद दुर्गा फ़िर बोली.
दुर्गा, “मेरे पेट में तेरा बच्चा पल रहा है.”
मुजाहिद, “सच में?”
दुर्गा, “हाँ.”
मुजाहिद चुप हो गया और सोचने लगा.
दुर्गा, “तुझे चाहिए ये बच्चा?”
मुजाहिद, “अरे हां, मैं बहुत खुश हूँ, मुझे चाहिए ये बच्चा, तुझे चाहिए?”
दुर्गा, “हाँ मैं भी चाहती हूँ कि तेरे बच्चे कि माँ बनूँ,”
मुजाहिद ने दुर्गा को अपनी बाहों में भर लिया और ज़ोर ज़ोर से चूमने लगा. दोनों ने एक बार फ़िर गरमा-गर्म सेक्स किया अगले 40 मिनट तक.
दो दिन बाद मेरी माँ ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया. अब वो मुजाहिद के साथ उसकी दुकान का हिसाब देखने लगी. एक महीने में उसने अपने हिंदू पति को भी तलाक़ दे दिया. अब कोई काँटा नहीं था उसके और मुजाहिद के सेक्स के बीच.
मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ को एक कटुए मुल्ले ने 3 महीने में ही प्रेग्नेंट कर दिया था. उसने उस मुल्ले से शादी नहीं की थी, पर फिर भी अपने हिंदू गर्भ में एक ग़ैर मुसलमान मर्द का बच्चा पाल रही थी. दुनिया और हिंदू समाज की नज़र में वो अपनी हिंदू बच्चेदानी में एक मुल्ले का पाप पाल रही थी, पर मेरी हिंदू माँ को कोई परवाह नहीं थी, उसको उस मुल्ले के 10” लम्बे कटुए मुसलमानी लोड़े का चस्का लग गया था. उसक मुल्ले के कटुए लोड़े को ना खोने के लिए वो किसी भी हद तक जा सकती थी.
जब मेरी हिंदू माँ 8 महीने पेट से थी, तब भी वो और मुजाहिद रोज़ रात सेक्स करते थे. उसका पेट निकला हुआ था, पर फिर भी वो एक दूसरे की बगल में लेट कर सेक्स करते.
9 महीने बाद मेरी माँ ने एक बच्ची को जन्म दिया जिसका नाम उन्होंने ज़ोया रखा.
बच्चा होने के 10 दिन में ही दुर्गा और मुजाहिद फिर से सेक्स करने लग गए. उनसे रहा नहीं गया सेक्स किये बिना..
बच्चे को जन्म देने के बाद मेरी माँ के स्तन अब दूध से भरे हुए थे. मुजाहिद भी हर रोज़ इस दूध को पीता था.
बहुत मस्त नज़ारा होता था जब मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ पूरी नंगी हो के, उस कट्टर मुल्ले का सर अपनी गोद में रख के उसको अपनी पंडित चुच्चियों का दूध पिलाती. क्या किस्मत थी उस काले मुसलमान मर्द ख़ालेद मुजाहिद की, मेरी गोरी बंगाली हिंदू ब्राह्मण माँ के गोद में सर रख के उसके Pinkish चुच्चियों को चूसते हुए उसका मीठा मीठा दूध पीता. मुजाहिद को अपना दूध पिलाते वक़्त माँ मुजाहिद के मुंह को अपने हाथों से प्यार से सहलाती, उसके सर और दाढ़ी के बालों में प्यार से अपना हाथ फिराती.

आज 6 बरस हो गए हैं. दुर्गा ने मुजाहिद से शादी नहीं की, और वो उस कट्टर मुल्ले की नाजायज़ हिंदू रखैल बन कर रह रही है. दुर्गा और मुजाहिद आज भी उतनी ही गर्मी के साथ सेक्स करते हैं. आज भी वो हर रात उस कटुए मुल्ले के साथ सेक्स करने के पहले एक नयी नवेली हिंदू दुल्हन की तरह सजती सवंरती है
आज भी वो अपने गले में अपने हिंदू सुहाग की निशानी अपना मंगलसूत्र पहनती है, और अपनी मांग में लाल सिन्दूर लगाती है. पर जब मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ उस काले लम्बी दाढ़ी बिना मूछों वाले कट्टर कसाई मुसलमान मर्द के साथ सेक्स करती है तो अपने हिंदू सुहाग की निशानी अपने मंगलसूत्र को मुजाहिद के 10” लम्बे कसे हुए मुसलमानी लोड़े पर बाँध कर ही अपनी हिंदू योनि में वो कसा हुआ मुसलमानी लोड़ा लेती है. और सेक्स करते वक़्त वो अपनी मांग को फ़िर से मुजाहिद के मुसलानी लोड़े की गाढ़ी मलाई से भरती है.
मैं आज भी सोचता हूँ क्यों मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ, दुर्गा बसु, अपने हिंदू पति को छोड़ कर उस कट्टर मुसलमान मर्द, ख़ालेद मुजाहिद, की रखैल बनी और उसकी नाजायज़ औलाद को जन्म दिया. इसका एक ही कारण था, मेरी हिंदू ब्राह्मण माँ दुर्गा की उस कट्टर मुसलमान मर्द मुजाहिद से सेक्स करने की हवस.
और आज 6 साल से मेरी हिंदू माँ उस मुल्ले से सेक्स करके अपनी इस हवस को भुजा रही है, और आगे भी भुजाती रहेगी. और वो कट्टर मुसलमान मर्द भी मेरी हिंदू माँ के गोरे बदन के मज़े लूट लूट कर ले रहा है. और मैं आज भी अपनी गोरी बंगाली हिंदू ब्राह्मण माँ, दुर्गा बसु, और उस काले बिना मूछों और लम्बी दाढ़ी वाले कसाई कट्टर मुसलमान मर्द, ख़ालेद मुजाहिद, के गरमा-गर्म सेक्स को देखकर मुठ मरता हूँ और आगे भी मारता रहूँगा.

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29 Comments

  1. Aaah, agar ye sachi ghatna hai to main aaj hi kolkata ja raha hun, koi hindu bengali aurat dhoondne.
    wakai pichle 3 ghante mein mein 3 baar hila chuka hun, bahut hi hot description hai. THE BEST so far.

  2. Mujahid to yahan hai, meri Durga kahan hai?

  3. Aishwarya, kya tum bhi rizwan ke sath aise hi sex karti thi, jaise durga ne mujahid ke saath kiya?

  4. WOW..Kaash mujhe bhi koi Mujahid aise apni rakhail bananata

    • Nidhi,tujhe to rakhel hone ke liye paida kiya hai.Waise to tera bhaiya US me hai na..hoti rehti hai uske saath baat..wo bhi jaane kaise randi hai tu aur uske samne chod dunga teri hindu chut ko

  5. meri maa ko RAPE Kiya gaya PAKISTANI MUSALMAANON Ne Dubai mei, aur meri maa Unki rakhel /raand ban kar khush hai aur mai Unka gulaam 🙂

  6. Mithali Nandgaonkar March 22, 2015 at 7:51 am

    Dekhiye is hijde pandit ke lund ka size isliye mazboori me hame mullo se chudwana padta hai…
    http://www.xnxx.com/video8362561/hindu_pandit_masterbates_after_puja

  7. anyone in rajarhat, 4 girls are here for a week long fun

  8. hi Arvindam gandu tu bhi kyu nahi apni maa ki ggand mari
    apni randi maa ki air apni bhi GAAND marwa let’s us musalman se

  9. insan toh insan hota hai chahe hindu mard ho ya musalman .or pyar yeh nahi dekhta..durga or mujahid apas mein pyar karte the bas..yeh kahani sex se bhar di gayi.

    • ji manisha tu kya sex piyar nahi hota hay. tum log bi tu mard say pyar kam aur aus kay lund say piyar jiadha karti hoo. kya galat bola ? tum log bi tu eus mard ki jiadha respect aur seva karti hay jis ka lund aur achi chudai karta hooo.

  10. mere khyal se muslim mardo se chudwane me kuch bhi bura nahi hai.. aap pyar apne husband se karo apne bhagwan ki poja karo wo tumhe kabhi rokenge nahi ye sab karne se.. woto bas hamari chut ko shant karna chahte hain aur iske wo kabil bhi hain.. hame khul k unke sath chudai ka maza lena chahiye

  11. Ritu Sen meri randi banogi.

  12. I wish I was Durga

  13. main compleetly agree with ritu sen .jo ki main kar raha hun aab tak.and mare bhiya and mom jante hain.

  14. alisha hamare bi mere bhaiya aur family sab jante hki mera muslim boy se love h par ab wovham hindu ladkiyo k lie common ho gya h ab….ab hindu samaj ko muslim o k sath shadi ke liye manjuri kar dni chahiye khushi k sath…akhir kab tak e hindu samaj ham hindu betiyo ladkiyo ki khushi 6inta rhega hame andolan karna chahie…aaj ki educated generatn me agar ladke apni soch jaher kar sakte hto ham kyu ni…hindu ladke aajkal kitnebi ugly ho par khwaish beuty girl ki rakhte h..to ham hindu girl bi handsome boy ko chose krne m kya prblm h…hamne mark kiya h muslim boy alwayz gud looking gore smart handsome hote h..aur sharab cigaret bi ni pite aur hamne jana h musalman apni biwi ko pyar se rakhta h…aur sambhal bi sakta h..ek hoya char ho…hambi chahte h ham beutifull h to hame bi smart mile taki jodi bne ..naki kale ugly hindu boy jo apne swarth k lie shadi kre…islie hame ladna chahye…aur muslim ladkiya aapne kabi dkha kisi hindu se shadi ki ho…ya kisi hindu ladke me fansi ho ku kyuki muslim girl janti h muslim boy se shadi me kitna maja milta h zindagi ka…aur ham hindu ladkiya jaha dkho muslim boy k chakkar m hi gumti h..yahi reason h hindu boy ki chamar jesi pehchan aur luk kabi hmari hindu girl ko majburan shadi krni padti h..izzat k lie is chamar jese hindu o se shadi…kar jivan barbad karna…ab vi wakht h sudhar jao…e chamar jese hindu aaj kal binashadi kehi gumte h apne dkha hoga aur musalman 4 biwiya aesa kyu….

  15. islie meto tay kar diya huki meto shadi muslim ladke se hu krunga…hmare family wale bi man gye he..aur mera bf yasir bi man gya he shadi ke lie…yasir k gar pehle se hi do biwiya h ek muslim ..aur ek patel hindu aur me dusri hindu brahmin yani tisri biwi…me khush hu yasir k sath ham tino yasir ki raniya ban ke sewa krte h maje se yasir miya ki sewa k liye ham pyari ladai krte h aur yasir hme rat ko tino ko enjoy dta h..i love maa jaan yasir realy…..kya jeevan h hamara swarg h…muslim se shadi krneka alag hi life h..zindagi ka…mere garwale bi khush h…mene yasir ko shadi k lie propose kiya tha..jab mene ise raste m dkha tha…tab malum padatha ki wo do biwiyo ko allready pati tha …thankx ki isne mujhe acpt kiya…meri alpa didi k lie bi me koi muslim ladka hi dhundh rha hu…taki wobi asli mard aur jeevan ka ahsas kre naki chamaro wali zindagi…ab hmara adha se jyada family muslim bnte ja rha h…me muslim se shadi ..meri didi muslim se shadi…ham dono beutifull behne muslim se shadi ki mera bhaiya ki muskil se achi ladki mili achi job ki wajah se…priyanka kar ke…wo bi mere jiju yani meri didi ke husband irfan jiju ne pata liya…

  16. ji ha meri alpadidi ke husband irfan jiju ne hmare bhaiya ki biwi priyanka ko pata liya ..aur wo bat bhaiyo ko bi malum pad gai…aur bhaiya bi irfan jiju ko man gye ki wo inki biwi ko maje aur khushi dte h…aur aaj priyanka bhabhi ki pet me irfan jiju ka bacha pal rha h…

  17. Mai bhi chahta hu koi musalmaan admi ya ladka meri hindu mom bahan ko chode. Meri mom gaand utha utha kar chudwaye. Pr mai apna lund sorry nunni hilau

  18. very hot story and pictures too!!!! har hindu ladke ki zindagi mein aisa mujhahid jaisa chacha aana chahiye!

  19. ufff yeh muslim mard, kik me muslim boys priya.24f

  20. meri married hindu bahan ko bhi koi muzahid apni rand bana le mumbai me?

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