Neha ki jordar judayi

कुंवारी नेहा की चुदाई , मेरा नाम अयाज़ खान हैं मे एक मुस्लिम फैमिली से हूँ , मेरी ऐज ३० साल हैं। अब आप लोगो को बोर न करते हुए मे स्टोरी पर आता हूँ , हमारा घर एक ब्राह्मण इलाके मे हैं वहा हमको छोड़कर सभी ब्रहिमीन फैमिलीज़ रहती हैं। मेरे पापा के अच्छे सवभाव के कारन हमारी सब फैमिलीज़ से अछि बनती हे और हमारा सब फैमिलीज़ के घर आना जाना रहता हे , हमारे घर के बिलकुल बगल मे ४ लोगो की एक फैमिली रहती हे जिसमे मोहन मिश्रा (६५ साल के एक अंकल ), उनकी वाइफ शिखा मिश्रा (55 ), उनका बेटा और मेरा बचपन का जिगरी दोस्त शिवम मिश्रा (३३) , उनकी बेटी शिवानी मिश्रा(27 )।

शिवम और मे बचपन के दोस्त थे, साथ -साथ बड़े हुए व् पढ़ाई की , शिवम पढ़ने मे अछा था इसलिए उसको अच्छे कॉलेज मे एडमिशन मिल गया और ग्रेजुएशन के बाद विदेश मे एक अछि जॉब , पांच साल विदेश मे जॉब करने के बाद वो वापस आ गया और एक छोटी सी कंपनी खोल ली, सुरु मे कपनी छोटी थी तो उसको कोई एम्प्लोयी नहीं मिला इसलिए उसने मुझको ३०% का पार्टनर रख लिया।

एक साल के बाद हमरी कंपनी ठीक ठाक चल निकली तो हमने एक्सपैंड करने की सोची और लोकल लोगो को जॉब देना स्टार्ट कर दिया तो बहुत सारे हिन्दू लड़को को शिवम ने जॉब पर रखा लिया । हमको कस्टमर सपोर्ट के लिए एक इंग्लिश बोलने वाली लड़की की जरुरत थी तो शिवम ने अपनी कजिन(मौसी की लड़की ) नेहा पाण्डेय (21 साल ) को जॉब पर रख लिया नेहा ने अभी कुछ दिन पहले ही एक लोकल कॉलेज से बीकॉम कम्पलीट किया था और उसकी इंग्लिश बहुत ही अछि थी । मे नेहा को बचपन से ही थोड़ा बहुत जानता था क्योंकि वो कभी न कभी शिवम के घर आती रहती थी। १५ साल की उम्र से ही उसके छोटे -२ चुचे आने स्टार्ट हो गए थे और मे तभी से उसको सोचके मुठ मारा करता था (तब मेरी उम्र २४ साल थी )

। हमारा ऑफिस एक छोटे से रूम मे हे और थोड़ी ही दूर पर शिवम और मेने अपने लिए एक रूम ले रखा हे जिसमे हम कभी कभी ओवरटाइम वाले दिनों मे रुख जाते थे। ऑफिस मे नेहा ने अपनी चेयर और टेबल मेरे बगल मे लगा ली थी क्यूंकि वो ऑफिस मे अपने भाई के बाद सबसे ज्यादा मुझको जानती थी , उसका भाई उसको मजाक -२ मे मार देता था इसलिए उसने अपनी टेबल उससे दूर रखी।

अब हमारी टेबल ऑफिस के कोने मे थी , मे उससे खाफी बाते करने लगा था और वो मेरे से पहले से भी ज्यादा ओपन हो गयी थी मे उसको खाली टाइम मे इधर -उधर घुमा भी दिया करता था , फ्री खाफी पिला दिया करता था और जब तो वो ऑफिस मे रहती तब तक उसके सात हसी मजाक किया करता था और रात को अपना काम फिनिश किया करता था , मेरे इतना बाते करने से हम बहुत ही करीब आते चले गए , मैं नेहा को बातो मे इतना बीजी रखता था की उसको बॉयफ्रेंड से भी बात करने का टाइम नहीं मिलता था जिससे उसका ब्रेकअप हो गया और वो बहुत रोई , बुरे टाइम मे मेने उसका बहुत सात दिया और उसका मन हल्का करने के लिए उसको ऑफिस से बंक मरवाकर एक दो बार मूवी दिखाने ले गया।

अब जब भी उसका भाई ऑफिस नहीं आता था हम खूब इधर -उधर घूमते थे, मेने उसको अपना रूम भी दिखाया और खाफी टाइम उसके सात स्पेंट किया , जब -२ उसका भाई ऑफिस नहीं आता था हम दोनों भी बंक मारके मूवी देखने निकल जाये करते थेय , जिसको देख कर बाकि हिन्दू लड़को की बहुत गांड जलती थी की उनकी ऐज की माल हिन्दू लड़की अपने से 9 साल बड़े मुस्लिम अंकल के सात घूमती हे।

अब आप लोगो को ज्यादा बोर न करते हुए मे नेहा की चुदाई के बारे मे बताता हूँ , शिवम को किसी काम की वजह से १५ दिन के लिए सिटी से बहार जाना पड़ा इसलिए वो ऑफिस की पूरी जिमेदारी मुज पर छोड़कर निकल गया। उसके जाते ही मेने नेहा को अपने घर न रुककर उसकी मौसी के यहाँ रुकने के लिए राजी कर लिया(उसका घर ऑफिस से खाफी दूर हे)।

अब पहले ही दिन मे नेहा को उसकी मौसी के घर से बाइक पर लेके ऑफिस के लिए निकल पड़ा और रास्ते मे एक मेडिकल स्टोर से नेहा की नज़रे बचाके कंडोम और आईपिल के कुछ पैकेट खरीद लिया , क्यूंकि आज मे उसको चोदने का पक्का मन बना चूका था , मेने उसको रस्ते मे चाय -काफी पिलाई और ऑफिस न लेजाकर सीधा अपने रूम ले आया वो पहले भी ऑफिस टाइम मे वहां आ चुकी थी इसलिए उसको कुछ भी ओड नहीं लगा।

मेने रूम का दरवाजा अंडर से लोक कर दिया , फिर वो और मे बैठके टीवी देखने लगे और इधर उधर की बाते करने लगे , आज उसने रेड टी-शर्ट और ब्लू जीन्स पहन राखी थी जिसमे वो खाफी लग रही थी , मे उससे बिलकुल सत्कार बैठा था , थोड़ी देर टीवी देखने के बाद मेने उसको कहा की नेहा चलो न आज कुछ तूफानी करते हैं , तो उसने कहा की आपका इरादा क्या हैं , तो मेने उसके कान मे आराम से कहा की नेहा मे तुम्हारे सात सेक्स करना चाहता हूँ, उसने कुछ बोलने के लिए अपने होंट खोले ही थे की मे तुरंत उनको अपने होंटो मे जकड लिया उसने जैसे ही विरोध जताने के लिए पीछे हटने की कोसिस की मेने उसको तुरंत कंधो से पकड़र बीएड पर लेता दिया , इस बीच मेने उसके रसीले होटो चूसना चालू रखा , अब वो पूरी तरह से मेरे निचे थी और बिलकुल भी हिलडुल नहीं सकती थी (नेहा मेरे सामने बिलकुल बची लगती हे , उसकी हाइट 5 फ़ीट और वजन 45 किलो हे , जबकि मेरी हाइट 6 .10 और वजन 85 किलो हे ), मुझको चुदाई का खाफी एक्सपीरियंस था और अच्छे से मालूम था की ऐसी जवान लड़की को कैसे काबू मे किया जाता हे।

मेने उसके होंटो को चूसना चालू रखा और टी-शर्ट के ऊपर से उसके छोटे-2 बूब्स दबाने लगा थोड़े देर में वो भी लम्बी -२ सांसे लेने लगी तो मेने किसिंग बंद करके तुरंत उसके होटो पेय हाथ रखा और कहा की नेहा मे तुमको खाफी समय से पसंद करता हूँ , और हमेशा से तुम्हे अपना बनाना चाहता हूँ , प्लीज आज मुझको रोकना मत , आज मे तुम्हारे सरीर को बिना कपड़ो के देखना चाहता हूँ आज मे तुम्हे भोग़ना चाहता हूँ , मेरे इतना बोलते ही उसने आँखे चुखा ली , जिसको मेने उसकी हाँ समझा और मेने फिर से उसके गुलाबी होतो को चूसना चालू कर दिया , उसके होटो को चूसते -२ ही मेने अपना एक हाथ उसकी टी-शर्ट मे दाल दिया , उसने नीच ब्रा पहन राखी थी इसलिए उसके बूब्स का ज्यादा मजा नहीं ले पा रहा तो मेने उसके हॉट छोड़ दिए और मे बैठकर उसकी टी-शर्ट उतरने लगा तो उसने मेरे हाथ पकड़ लिए और बोलने लगी की अयाज़ सर रहने दीजिये न मेने ये सब पहले कभी नहीं किया, मेरी फ्रेंड बोलती हैं की पहली बार बहुत दर्द होता हे , मेने पूछा की अपने बॉयफ्रेंड के सात कुछ नहीं की हो, तो नेहा बोली की सर किसिंग के अलावा कुछ करने का मोखा ही नहीं मिला , मेरी तो बांछे ही खिल गयी की बेहेनचोद आज तो बड़े दिनों मे कुंवारा माल मिला हैं चोदने के लिए , मेने उसे समझया की मे बहुत ही एक्सपेरिएनसेड बंदा हूँ और बड़े प्यार से करूँगा और तुमको थोड़ा सा भी दर्द नहीं होने दूंगा , थोड़ी देर सोचने के बाद उसने कहा की चलो सर जैसी आपकी इच्छा , कभी न कभी तो करना ही हे तो आज क्यों नहीं , उसका इतना बोलना था की मेने उसको कमर से पकड़कर गोद मे उठा लिया और जोरदार किश करने लगा वो मेरे से काफी छोटी थी इसलिए वो आराम से मेरी कमर मे पैर डालके लटकी हुयी थी और मे उसके रसिल होंट चूसे जा रहा था , फिर मेने उसको उसको दिवार से सटाकर उसके होंट चूसने लगा और उसकी टी-शर्ट को अपने हाथो से पकड़कर उतरने लगा , वो भी अब काफी खुल गयी थी इसलिए उसने भी अपने हाथ ऊपर उठकर टी-शर्ट निकलने मे मेरी मदद की अब वो ब्लैक कलर की ब्रा मे बड़ी सुन्दर लग रही थी , अब मे उसके गले से किस करते हुए निचे की और आने लगा और , उसकी ब्रा खाफी टाइट थी तो मेने उसका मुह दिवार की तरफ घुमा की खड़ा कर दिया और उसकी सुडोल कमर को चाटने लगा , उसकी कमर पेय किस करते-करते मेने उसकी ब्रा को झटके से खोल दिया और उसको अपनी तरफ गुम दिया वो अपने हाथो से अपने बूब्स को छुपाने की नाकाम कोसिस कर रही थी , मेने पड़े प्यार से उसके हाथो को उसके बूब्स से हटाया तो उसने शर्म के मर अपनी आँखे झुका ली , उसकी इस कातिल अदा ने मुझको घायल कर दिया , वो टॉपलेस बड़ी होंट लग रही थी उसके बूब्स बहुत अचे से मैंटैनेड थेय , और उसके सरीर पर एक भी बाल नहीं था , अपनी किस्मत पेय मे अंडर-ही -अंडर बड़ा खुश हो रहा था मेने ज्यादा टाइम वास्ते न करते हुए तुरंत उसके होंटो को फिर से चूसना स्टार्ट कर दिया और हाथ से उसके बूब्स भी प्रेस करने लगा अब मेरे से ज्यादा वेट नहीं किया जा रहा था तो मे उसको उठा के बीएड पेय ले आया और बड़े प्यार से बीएड पर लेटा दिया और फिर से उसके बूब्स चूसने लगा वो भी मेरे सर मे हाथ फेरकर मेरा साथ देने लगी।

अब मे उसको धीरे -धीरे किस करते हुए निचे की और आने लगा और उसकी जीन का बटन खोलके उसकी टाइट जीन्स उतरने लगा उसने अपनी गांड ऊपर उठाकर मेरा सात दिया अब एक 21 साल की जवान लड़की मेरे सामने पैन्टी मे लेटी हुयी थी तो मेने ज्यादा टाइम न वास्ते करते हुयी पेंटी के ऊपर से ही उसकी उभरी हुयी चूत पर अपना हथेली रखकर प्रेस किया , मेरा ऐसे करते ही वो थरथरा उठी(सायद पहली बार किसी मर्द ने उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से छुआ था ), अब मेने उसकी पतली सी पेंटी को पकड़कर उसके घुटनो तक उतार दिया , उसकी जवान बिना बालो वाली उभरी हुयी गुलाबी चूत की फांको को देखकर मे अपने आप को रोक नहीं पाया और उसकी कमर को अच्छे से पकड़कर उसकी चूत पर अपने होंट टिका दिया , मेरे ऐसा करने से उसने बहुत जोर से अपनी गांड उछाली , मे उसकी चूत मे को बहुत जोर से चूस रहा था , इसलिए वो बहुत ज्यादा मचल रही थी , मेने जैसे ही अपनी चीभ उसकी टाइट चूत की फांको मे डालके चाटने सुरु किया उसने मेरा सर उधर ही दबा लिया , और तुरंत ही ये बोलते हुए चढ़ गयी की सर और जोर से और जोर से चाटिये , कुछ हो रहा हे सर, झड़ने के तुरंत बाद वो तुरंत सांत पद गयी , अब थोड़ा रुका और जल्दी से अपना शर्ट , पेंट और बनयान उतरके सिर्फ़ अंडरवियर मे उसके ऊपर आके फिरसे उसके होंट चूसने लगा अब मेने उसके होंट चूसते -चूसते उसका एक हाथ पकड़कर अपने अंडरवियर मे डाल दिया , उसके कोमल हाथो का स्पर्श पाते ही मेरा लौड़ा पूरी तरह तनके खड़ा हो गया , अब मे अपना ज्यादा टाइम वास्ते न करते हुयी उसके होंटो को चूसना छोड़कर धीरे-धीरे निचे आना स्टार्ट कर दिया थोड़ी देर उसके बूब्स चुसके , उसकी नाभि चूसते हुए निचे आया और उसकी चूत का मुवावजा करने लगा मेने उसकी चूत की फांको को अलग करते हुए ऊँगली डालने का प्रयास किया तो वो चिहुक गयी तो मे ऊँगली करना बंद कर दिया , और फिर उसके ऊपर से उठकर से देसी तेल उठा लाया , वो देसी तेल थोड़ा मेने अपने लोडे पेय लगाया और थोड़ा उसकी चूत पेय लगाया , थोड़ा उसकी चुत मे भी लगाया पर ऊँगली ज्यादा अंडर तक नहीं डाली क्यूंकि मे उसकी चूत को अपनी ऊँगली से नहीं मुस्लिम लंड से खोलने की ठान चुका था , ओ भी खाफी देर से मुझको अपनी चूत पेय तेल लगते हुए देख रही थी और खाफी गरम हो चुकी थी , इसलिए जोर -2 सी बोल रही थी की अयाज़ सर जल्दी कुछ करोना अंडर बहुत आग लगी हे , अब मेने अपना लौड़ा उसकी चूत पेय टिकाया और थोड़ा रगड़ने लगा पांच मिनट तक रगड़ने के बाद जैसे ही झटका मारा वो तुरंत पीछे हो गयी और मेरा लौड़ा साइड मे फिसल गया ,मेने उससे कहा की नेहा डार्लिंग डरो मत मे तुमको कुछ नही होने दूंगा , फिर मेने साइड से एक तकिया उठा कर उसकी गांड के निचे लगा दिया जिससे उसकी चूत थोड़ी ऊपर आ गयी और थोड़ी सी खुल गयी , अब मे फिर से उसके ऊपर आ गया , इस बार मे चुकना नहीं चाहता था , तो मेने उसकी टांगो को मोड़के , उसके घुटनो के निचे से अपने हाथ निकालकर उसके ऊपर आ गया और उसकी चूत पर अपना लंड सेट करके उसके दोनों कंधो को पकड़ लिया अब वो बिलकुल भी नहीं हिल सकती थी , अब मेने अपना ८ इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा लंड उसकी चूत के अंडर सरकाना सुरु कर दियामेरा लंड आगे की साइड थोड़ा पतला हे तो सुपाड़ा आराम से अंदर जाना स्टार्ट हो गया वो अपना सर हिलता हुए बोली की सर रुक जाइए दर्द हो रहा हे , तो मे रुक गया और मेने उसको किश करना स्टार्ट कर दिया , जैसे ही वो थोड़ा नार्मल हुयी मेने उसके होटोंको कसके जकड लिया और जोर से एक धक्का मारा तो मेरा आधा लंड उसकी कुंवारी टाइट चूत को चीरता हुआ अंदर किसी चीज से टकराकर रुक गया , और वो ऐसे उछली जैसे कोई बिन पानी की मछली , उसकी आँखों से आंसुओ की धाराएँ बाह रही थी और वो छूटने के लिए पूरा हाथ – पैर मार रही थी पर वो छोटी सी लड़की के लिए एक मुस्लिम मर्द के निचे से छूट पाना बिलकुल मुस्किल था , उसकी लम्बी -लम्बी सांसे चल रही थी, उसका पूरा शरीर पसीने मे भीगा हुआ था, मेने उसके रसीले होटों को चुसना चालू रखा और थोड़ी देर ऐसे ही लेटा रहा , मेरा 2.5 इंच मोटा लुंड उसकी टाइट छुट मे पिस्टन की तरह फसा हुआ था, मैं थोड़ी देर ऐसे ही रुका रहा और उसके टाइट बूब्स को अपने एक हाथ से सहलाना स्टार्ट कर दिया , अब मैं उसके होटों को आज़ाद कर दिया और उसके गुलाबी गालो से आंसू चाटकर साफ़ करने लगा , हॉट आज़ाद होते ही वो बुरी तरह रोते और करहाते हुयी गिडगिडाने लगी की अयाज़ सर प्लीज निकाल लो आपका बहुत मोटा हे मे मर जाउंगी , मेने उसके होटो को किस किया और उसको बोला की नेहा डार्लिंग मे तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगा , तुम दरो मत पहली बार मे थोडा दर्द होता हे उसके बाद मजा ही मजा, वो बार -२ प्लीज़ -२ बोलने लगी तो मे फिर से उसके होंटो को अपने होंटो मे जकड लिया और जोर से चूसने लगा , मेरा लुंड अभी भी उसकी छुट मे था , अब उसके हॉट छोड़कर निचे की तरफ देखा तो अभी मेरा आधा ही लोडा उंदर गया था , ४ इच अभी भी बहार था , मुजको पता था की इसकी चुत मेरा लोडा इतनी आसानी से अंडर नहीं जाने देगी सो मेने फिरसे उसके होंटो को जकड लिया और धीरे -२ उतने ही लुंड को उंदर बहार करने लगा , जब उसको थोडा आराम मिल गया तो मेने अपना लगभग पूरा लुंड बहार निकाल लिया( बस थोडा सा लुंड उसकी छुट मे रखा ), और साथ ही उसको किसिंग करता रहा और एक हाथ से बारी -२ से उसके बूब्स प्रेस करता रहा , अब उसका ध्यान चुत के दर्द पर बिलकुल नहीं था और वो किस्सिंग मे मेरा पूरा साथ दे रही थी , उसका ध्यान किस्सिंग मे लगाकर मेने एक बहुत ही तेज झटका मारा , जबतक नेहा को कुछ समझ मे आता मेरा 8 इंच का लोडा उसकी कुंवारी चुत की झिल्ली को फाड़ते हुए उसके बचेदानी के मुह से जा टकराया , उसने बहुत जोर से अपनी गांड उछाली , दर्द मे बहुत जोरसे चीखने की कोसिस भी कर पर उसकी चीख अंडर ही घुटकर रह गयी , वो दर्द से बहुत तड़प रही थी , पर अब उसका मेरे चंगुल से छुट पाना बहुत मुस्किल था , वो दर्द से बहुत तड़प रही थी और मेरी कमर को पिटे जा रही थी , उसने मेरी कमर को अपने नाखुनो से बहुत करोचा ताकि मेरी पकड़ से छुट जाये , पर बाकि हिन्दू लडकियों की तरह उसकी भी मेरे आगे एक न चली, अब मेने उसके दोनों हाथो को पूरा साइड मे फैलाके अपने हाथो से दबा लिया, और उसको किस करना छोडके उसके चेहरे के हाव -भाव देखना लगा , वो दर्द से बहुत तिलमिला रही थी, और मेरे सामने गिद्गिदाये जा रही थी की अयाज़ सर प्लीज बहुत दर्द हो रहा हे , बहार निकाल लीजिये , सर मे मर जाउंगी , पर मे आज कहाँ रुकने वाला था, मेने उसको कहा की नेहा डार्लिंग मे तो हिन्दू लडकियों ऐसे ही चोदता हूँ, अभी तो चुदाई सुरु ही हुयी हे आगे -२ देखो तुमको कैसे पेलता हूँ, मादरचोद बहुत तडपाया हैं तूने ऐसे ही नहीं छोड़ सकता तेरेको , अभी तो तेरी गांड भी मरूँगा मे, मेरे मुह से अपने लिए गाली सुनकर वो एक दम शॉक हो गयी और रिक्वेस्ट करने लगी की प्लीज सर मुजको छोड दो मे आपकी हर बात मनुगी , अब बाते करते हुए खाफी टाइम बर्बाद हो गया था और मे जल्दी-२ जल्दी उसकी छुट का भोसदा बनाना चाहता था , इस्क्लिये मे अपना लुंड उसकी छुट मे ही रखे हुए अपने उसकी टाँगे छोड़ी करके उसकी टांगो के बिच मे घुटने मोड़कर बैठ गया (कसम से क्या खुबसूरत नजारा था एक 21 साल की जवान हिन्दू कन्या अपने से 9 साल बड़े मुस्लिम मर्द के सामने अपनी टांगे फेलाए लेती हुयी थी और उसकी कुंवारी छुट मे २.5 इंच मोटा मुस्लिम लोडा उसकी बचेदानी के मुह तक दस्तक दे रहा था ), उसके हाथ साइड मे दबाये हुये ही मेने अपना लोडा बहार की और खिंचा , उसको लगा की मे निकलने वाला हूँ , तो वो थोड़ी शांत हुयी , और मेने अपना लुंड लगबग पूरा बहार निकलके एक जोरका झटका मारके पूरा का पूरा उसके अंडर ठेल दिया , उसकी बहुत जोर से चीख निकली (आये मम्मी मार डाला ……), पर मेने उसकी चीख की कोई परवाह न करते हुयी दोबरा से पूरा निकला और फिर से पूरा अंडर घुसेड दिया , वो बहुत तड़प रही थी और छुटने की पूरी कोसिस कर रही थी , पर उसकी हर कोसिस नाकाम थी, मे लम्बे लम्बे धक्के मरे जा रहा था और हर धक्के के सात उसकी चीख कमरे मे गुन्झ जाती थी ,दर्द के मरे उसका बुरा हाल था और उसकी आँखों से लगातार आंसू बहा रहे थे , पर मे लगातार लम्बे -लम्बे स्ट्रोक मरे जा रहा था, कुछ समय बाद उसकी चीखे बंद हो गयी पर अभी भी हर धक्के के सात उसकी हिचकी निकल जाती थी , अब वो थोड़ी नार्मल हो गयी थी और अपने आंसू पूछने लगी थी, मेने धक्के मारने रोककर उसको किस किया और पूछा की नेहा डार्लिंग कैसी हो , तो उसने सुबकते हुए बोली की सर आपने तो मेरे जान ही निकल दी थी, मेने पुचा अब कैसा लग रह हे तो वो बोली की अब थोडा ठीख हे|

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13 Comments

  1. jisko meri didi ko chodna hai wo muje kik par message kare

    vibhavvaidya

  2. Sali ab dekh itne dino ki bhadas kaise nikalta hoon. Ab tu meri rand baan hi gayi,aajse tu meri rand hai, is lund ki rand hai. Aaj mera lund lega tujhe chodke poori khushi dega. Tayyar ho jaa meri jaan pehli baar apni chut chudwake ladki se aurat banne.

  3. Ye story meri jesi he ase hi aslam ne muje kiya tha.

  4. Rupali ap bhi apni story pic ke 7 post karna tha

  5. Rupali mujhe mail karsakti ho apki story 😉

  6. Mail id do Rupali me mail karunga apko

  7. Vaishali Katiyar May 18, 2016 at 12:33 pm

    mera bf afroz ne bhi mujhe aese choda tha ragad ke, rula rula ke

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