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एक बोतल शराब और चखना के लिए अपनी बहन को मुस्लिम दोस्त से चुदवाया

हेल्लो दोस्तों, मैं आनंद आप सभी का interfifthxxx में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से interfifthxxx का नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

मैं आपको जो घटना सुनाने जा रहा हूँ वो मेरे ग्रेजुएशन की घटना है। ये बात आज से १ साल पहले ही है। मेरी संगत मोहल्ले के कुछ आवारा मुस्लिम लड़कों से हो गयी थी। मुझे शराब पीने का बुरा चस्का लग गया था। दोस्तों, धीरे धीरे मैं अपनी सारी पॉकेट मनी शराब पर खर्च करने लगा। मेरे एक दोस्त जावेद ने मुझे शराब पीना सिखाया था। धीरे धीरे मेरी रोज पीने की आदत हो गयी थी। मुझे महीने के ३ हजार पॉकेट मनी मिलती थी जो मैं शराब में खर्च कर देता था। और कुछ दिनों बाद तो ऐसा हो गया की बिना पिए मेरा काम भी नही चलता था। मेरा जिगरी दोस्त जावेद बड़े बाप की औलाद था। उसके पापा के पास ५० ट्रक थे जो यू पी से मध्य प्रदेश, राजस्थान और दूसरे जिलों से सीमेंट, मौरम और सरिया लाते थे। इसलिए जावेद के पापा को अंधी कमाई होती थी।

वो अपने पापा के जेब से रोज हजार रूपए चुरा लेता था और शाम को हम दोनों महंगी मॉडल शॉप में बैठकर इंग्लिश शराब पीते थे। हम दोनों व्हिस्की, रम, वाइन, बिअर, सब कुछ पीते थे। धीरे धीरे ऐसा हो गया की मुझे सुबह चाय की जगह शराब पीने की आदत हो गयी। जावेद अक्सर मेरे घर आता था। मेरी 17 साल की जवान और बेहद खूबसूरत बहन स्वाति उसे चाय लाकर देती थी। स्वाति घर में हमेशा जींस टॉप और शॉर्ट्स पहनकर रहती थी। स्वाति के दूध 32” के थे, और बहुत भरे हुए चुचचे थे उसके। स्वाति बहुत गोरी और छरहरे बदन वाली मस्त लड़की थी। मेरा दोस्त जावेद मेरी जवान बहन को तिरछी नजरो से ताड़ता रहता था। मुझे ये बात पता थी की वो स्वाति को पसंद करता है और उसे कसकर चोदना चाहता है। एक दिन मेरा शराब पीने का बड़ा मन था। तलब मुझे लगी हुई थी और मेरे पास पैसे भी नही थे। अपनी सारी पॉकेट मनी मैं पहले ही खर्च कर चुका था। अब एक ही चारा था की जावेद मुझे पैसे दे।

“भाई जावेद…..शराब की बड़ी तलब लगी है.. पीया जाए???” मैंने उससे पूछा

“यार आनंद….दारु की तलब तो मुझे भी लगी है पर मेरे पास पैसे नही है!” जावेद बोला

“यार अपने बाप की जेब से छप्पन कर दो!!” मैंने कहा

“भाई आनंद …मेरे बाप को शक हो गया है की मैं उसकी जेब से पैसे निकाल लेता हूँ। इसलिए अब वो पैंट या शर्ट की जेब में पैसे नही रखते है और तिजोरी में रखते है और ताला मार देते है!!” जावेद बोला

“ओह्ह धत्त!!!” मैंने कहा। दोस्तों मुझे शराब की तलब बहुत जादा लगी हुई थी। मुझे हर हालत में बोतल चाहिए थी। मुझे बड़ा खराब महसूस हो रहा था। मैंने अपना पर्स निकाला और ४ बार अच्छे से चेक किया की कहीं कुछ पैसे निकल आये पर मेरी किमस्त ही फूटी थी। एक भी पैसा नही निकला। मैं शराब पीने के लिए पागल हो रहा था। लग रहा था की अगर मुझे दारु नही मिली तो मैं मर जाऊँगा।

“भाई जावेद…..कैसे भी करके मुझे शराब पिला दे यार, वरना मैं मर जाऊंगा…प्लीस यार। मैं तेरे हाथ जोड़ता हूँ!!” मैंने अपने दोस्त जावेद से कहा। वो मेरी मजबूरी को समझ गया था। वो मुस्कुराने लगा।

“आनंद!! मैं तेरे लिए पैसो का इंतजाम कर सकता हूँ….पर एक शर्त है!!” जावेद मुस्कुराकर बोला

“बोल यार…..मैं एक बोतल शराब के लिए तेरी हर शर्त मानने को तैयार हूँ!!” मैंने कहा

“भाई आनंद……मुझे तेरी जवान और खूबसूरत बहन स्वाति बहुत अच्छी लगती है। अगर तू मुझे उसकी रसीली हिन्दु चूत दिलवादे तो मैं तेरे लिए पैसो का इंतजाम कर सकता हूँ” जावेद बोला

“बहनचोद…..तेरा दिमाग तो खराब है। जा अपनी माँ को जाकर चोद ले। ऐसी गंदी बात करता है। तुझे शर्म नही आती है!!” मैंने उसे डांटते हुए कहा

“ओए गांडू….जब तू हर शाम मेरे साथ बैठकर मेरी मुफ्त की दारु पीता था तब तुझे शर्म नही आई???” जावेद बोला

“बेटा……इस दुनिया में मुफ्त में कुछ भी नही मिलता है। हर चीज की एक कीमत होती है!!” जावेद बोला

मेरा मुंह लटक गया। क्यूंकि उसकी बात सच थी। मैंने आजतक उसके लिए कुछ नही किया है। बस उसकी फ्री की शराब ही मैंने पी है। जैसे जैसे वक़्त गुजरता जा रहा था। मुझे लग रहा था की अगर मुझे शराब नही पिली तो मैं मर जाऊँगा। मुझे ऐसा ही लग रहा था।

“ठीक है जावेद….चल मेरे घर चल। मैं तुझे अपनी जवान बहन की हिन्दु चूत दिलवाता हूँ!!” मैंने कहा

जावेद को लेकर मैंने अपने घर आ गया। मेरी माँ पड़ोस में कसाई मट्टणवाले चुदवाने गयी हुई थी। मेरी जवान गजब की खूबसूरत बहन घर पर अकेली थी और घर पर कोई नही था। मैंने स्वाति को चाय बनाने को कह दिया। कुछ देर में वो सबके लिए चाय बनाकर ले आई। फिर मैंने उससे एक ग्लास पानी जावेद के लिए लाने को कह दिया। और जल्दी से स्वाति के चाय के कप में मैंने कुछ बेहोशी वाली गोलियां मिलाकर चम्मच से चला दी। हम तीनो सोफे पर बैठकर चाय पीने लगे और मेरी खूबसूरत बहन चाय पीते पीते बेहोश हो गयी। स्वाति ने एक हल्का हरे रंग का टॉप और जींस पहन रखी थी। मैंने उसे गोद में उठा लिया और अपने बेडरूम में ले आया और बिस्तर पर लिटा दिया।

“ले जावेद!!….मेरी बहन को जी भरकर तू चोद ले, पर मुझे शराब के लिए पैसे दे देना!!” मैं किसी शराबी की तरह कहा

मैं अपनी खूबसूरत बहन को चुदते हुए देखता चाहता था। इसलिए मैं वही कुर्सी पर बैठ गया। मेरा दोस्त जावेद आज तो बहुत खुश हो गया था। कितने दिनों से वो मेरी खूबसूरत बहन को चोदना चाहता था। आज जावेद का सपना पूरा होने वाला था। उसने अपनी टी शर्ट उतार दी। फिर अपनी जींस की लेदर बेल्ट को वो खोलने लगा। फिर उसने अपनी जींस को निकाल दिया, फिर उसने अपना अंडरविअर भी निकाल दिया। मैं उसकी बेताबी साफ साफ देख पा रहा था। आज मेरा दोस्त जावेद मेरी बहन को रगड़कर चोदना चाहता था। वो स्वाति पर लेट गया और उसके रसीले होठ चूसने लगा। स्वाति बहुत खूबसूरत और जवान माल थी। कितने ही लड़के उससे दोस्ती करना चाहते थे और उसको चोदना पेलना चाहते थे पर आज ये हसीन मौक़ा सिर्फ और सिर्फ जावेद को मिला था।

स्वाति पूरी तरह से बोहोश नही हुआ थी। वो आधी बेहोश थी। जावेद ने उसे दोनों हाथो से पकड़कर बाहों में भर लिया था और उसके रसीले होठ चूस रहा था। स्वाति के होठ बहुत ताजे और गुलाबी थे। जावेद बार बार उसके होठ चूस रहा था और मजा ले रहा था। वो मेरी बहन के ताजे गुलाबी होठो से अपना ८” का मुस्लिम लौड़ा भी चुसवाना चाहता था। स्वाति नशे में आ गयी थी। उसे कुछ पता नही चल रहा था की उसके साथ क्या हो रहा है। वो नही जान पा रही थी की मेरा दोस्त उसके रसीले होठ चूस रहा था और आज उसे रगड़कर चोदने वाला था। जावेद बड़ी देर तक स्वाति के होठ चूसता रहा, फिर उसने उसके टॉप और जींस को निकाल दिया। स्वाति ने नीले रंग की ब्रा और पेंटी पहन रखी थी। गोरे चिकने जिस्म पर नीली रंग की ब्रा और पैंटी बहुत फब रही थी। फिर जावेद ने वो भी निकाल दी और मेरे ही घर में मेरी बहन मेरे दोस्त के सामने नंगी हो गयी। अब जावेद और स्वाति दोनों नंगे हो चुके थे। जावेद की आँखों में मैं काम की अग्नि को जलते और भड़कते हुए देख रहा था। वो स्वाति पर लेट गया और उसके दूध को हाथ में लेकर दबाने लगा। मेरी बहन स्वाति के मम्मे बेहद नर्म, मुलायम, बड़े बड़े और भरे हुए थे। जावेद का चेहरा बता रहा था की आज उसके हाथ कोई अलादीन का खजाना लग गया है। मेरी जवान बहन को देखकर जावेद का मुस्लिम लौड़ा खड़ा हो गया था। उसने अपने हाथ स्वाति के बूब्स पर रख दिया और जोर जोर से दबाने लगा। स्वाति नशे में थी, पर वो समझी की उसका बॉयफ्रेंड उसके दूध दबा रहा है। इसलिए उसने जावेद को दोनों हाथो से पकड़ लिया और कसकर अपने सीने से चिपका लिया। जावेद को बहुत मजा आया। वो तेज तेज मेरी बहन के 32” के बूब्स दबाने लगा। फिर मुंह लगाकर पीने लगा।

“यार आनंद…..मैंने आजतक कई हसीन हिन्दु लौंडिया चोदी है, पर तेरी बहन यार बहुत सुंदर है। इसके जैसी छमिया मैने आजतक नही देखी!!” जावेद बोला

मुझे ये सुनकर बहुत अच्छा लगा। फिर वो मेरी बहन स्वाति के दूध को पीने लगा। वो मुंह चिडा चिडाकर स्वाति के मम्मो को चूस रहा था जैसे उसे कोई मीठा आम चूसने को मिल गया है। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने अपनी जींस खोल ली और आपणी 2″ की लुल्ली को हाथ में लेकर मुठ मारने लगा। जावेद बड़ी देर तक स्वाति के गोल गोल दूध मुंह में लेकर पीता रहा। स्वाति का गोरा जिस्म किसी हीरे की तरह चमक रहा था। उसकी छातियाँ दुधिया और भरी हुई थी जो अपने रूप रंग से जावेद का कत्ल कर रही थी। स्वाति का छरहरा बदन बहुत ही सेक्सी और मादक लग रहा था। उसके बालों खुले हुए थे और बहुत काले और लम्बे बाल थे मेरी बहन के। खुले बालों में वो जावेद को और सेक्सी और चुदासी लग रही थी। स्वाति का चेहरा लम्बा था और नैन नक्श बहुत तीखे और सुंदर थे। वो सच में बहुत सुंदर और गजब की माल थी। गले में माता दुर्गादेवी का लौकेट था। और हात मे हिन्दु रक्षा धागा बंधा था। मेरा दोस्त पागलों की तरह उसकी भरी हुई चूचियां पी रहा था। ये सब देखकर मेरा भी मूड ख़राब हो गया और मैं तेज तेज मुठ मारने लगा।

उसके बाद जावेद स्वाति के जिस्म के नीचे वाले भाग पर आ गया। और उसके पतले और सेक्सी पेट को चूमने लगा। दोस्तों, ये सब देखकर तो मेरा दिमाग ही खराब हो गया । जावेद स्वाति के पेट, और नाभि को चूस रहा था। छरहरे जिस्म वाली मेरी बहन बहुत ही सेक्सी लग रही थी। जावेद बड़ी देर तक स्वाति की सेक्सी नाभि को चूसता रहा।फिर वो उसके पेडू को पीने लगा। धीरे धीरे जावेद मेरी बहन की हिन्दु फुद्दी पर आ गया। स्वाति की हिन्दु चूत के जब उसे दर्शन हुए तो ऐसा लगा की उसे आज माता दुर्गादेवी के दर्शन हो गए है। कुछ देर तक वो स्वाति के कुवारे भोसड़े का दीदार करता रहा। स्वाति का भोसड़ा बहुत ही सुंदर था। जब वो खुद इतनी सुंदर और सेक्सी थी तो उसकी हिन्दु चूत खूबसूरत क्यूँ नही होती।

फिर मेरा दोस्त जावेद लेट गया और स्वाति के दोनों पैर खोलकर उसकी हिन्दु बुर पीने लगा। उसे बहुत मजा मिल रहा था।“आऊ….. आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह….सी सी सी सी.. हा हा हा..” स्वाति आवाजे निकाल रही थी। वो सिर्फ आधी बेहोश हुई थी। जावेद को जोश चढ़ गया और वो और जोर जोर से स्वाति की हिन्दु बुर पीने लगा। जावेद को तो आज स्वर्ग ही मिल गया था। कितने सालों से उसका बस एक ही ख्वाब था की एक दिन मेरी बहन की बुर जीभ लगाकर चुसे और आज उसका ये ख्वाब पूरा हो गया था। मेरा आमिर दोस्त किसी कुत्ते की तरह अपनी जीभ हिला हिलाकर स्वाति की हिन्दु बुर चाट रहा था।

उसके बाद जावेद ने अब स्वाति के दोनों पैरों को खोल दिया और अपना ८” का मोटा मुस्लिम उसके हिन्दु चूत के दाने पर रखकर उपर नीचे करने लगा और जल्दी जल्दी घिसने लगा।“….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ. हमममम अहह्ह्ह्हह.. अई…अई….अई……” स्वाति चिल्लाने लगी क्यूंकि वो आधा ही बेहोश हुई थी। जावेद कई मिनटों तक अपने मोटे मुसल जैसे लौड़े से मेरी बहन के हिन्दु चूत के दाने को घिसता और छेड़ता रहा। फिर उसने एक जोर का धक्का दिया और उसका ८” मुस्लिम लंड स्वाति के भोसड़े में उतर गया और उसकी सील टूट गयी।“….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ. हमममम अहह्ह्ह्हह.. अई…अई….अई……” स्वाति चिल्लाई।

जावेद का मोटा मुस्लिम लंड मेरी बहन की रसीली हिन्दु चूत में अंदर घुस चुका था। वो धीरे धीरे मेरी बहन को चोदने लगा। स्वाति समझी की उसका बॉयफ्रेंड उससे प्यार कर रहा है इसलिए उसने जावेद को बाहों में भर लिया और उसके चेहरे को चूमने लगी। वो अभी भी नशे में थी और चाहकर भी अपनी आँखें नही खोल पा रही थी। स्वाति की कुवारी हिन्दु चूत को जावेद धीरे धीरे चोद रहा था और उसे बहुत मजा मिल रहा था। जावेद का लौड़ा ३ इंच मोटा था। मेरी बहन की हिन्दु चूत तो जैसे फटी जा रही थी। जावेद धीरे धीरे अपनी रफ्तार बढ़ाने लगा और मेरी खूबसूरत बहन को पेलने लगा। उसका लौड़ा पूरा ८” अंदर तक स्वाति के भोसड़े में उतर रहा था। ये सब देखकर मुझे बहुत मजा मिला। स्वाति “…..ही ही ही ही ही…..अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. उ उ उ..” की आवाजे निकाल रही थी। कुछ देर बाद जावेद मेरी बहन स्वाति के दूध पीते पीते उसे पेलना और बजाने लगा। जावेद का लौड़ा बड़ी जल्दी जल्दी स्वाति के भोसड़े में अंदर बाहर होने लगा। मेरी बहन चुद रही थी और मजे मार रही थी। आज उसकी सील टूट गयी थी और अब उसका कुवारापन खत्म हो गया था। मेरी बहन की कसी हिन्दु चूत आज फट चुकी थी।

इसी तरह जावेद मेरी बहन को लेटकर १ घंटे तक पेलता रहा और बजाता रहा। उसने मेरी बहन को २ बार मेरे सामने ही चोद लिया। उसके बाद उसने मुझे ५०० का हरा हरा नोट दिया और हम दोनों साथ में बैठकर एक बोतल विस्की और १०० गर्म काजू और थोड़ी नमकीन खरीदी और साथ बैठकर शराब पी। अगले दिन मेरी बहन जान गयी की मैंने उसे अपने दोस्त जावेद से चुदवा दिया था। पर स्वाति ने कुछ नही कहा। सायद वो भी जावेद को पसंद करने लगी थी। अब जब पैसो की जरूरत होती है, मैंने अपनी जवान बहन को जावेद से चुदवा देता हूँ और पैसे लेकर शराब पी लेता हूँ। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स दे।

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