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मुस्लिम लन्ड की तड़फ 2

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सभी मुस्लिम मालिको को मेरी चूत का सलाम ।
जैसा की आप सभी जानते है की मैं पूरी तरह से मुस्लिम लण्ड लेने के लिए तैयार थी लेकिन मुस्लिम पेंटर था की मेरे इतना सुंदर होने के बावजूद भी मुझे कोई भाव नही दे रहा था । मैं हाथ जोड़ कर मुस्लिम लण्ड की भीख मांग रही थी पर उस पर कोई असर नहीं हो रहा था ।
मेरे मुस्लिम मालिक ने मेरे अंदर की रंडी को बहार निकलने का काम कम्पलीट कर दिया था और इस बार पहले से भी कहीं बहतर किया था ।

शायद उसे भी पूरा आईडिया हो चूका था की मुझे कैसे अपने बस में करना है । और मेरा मुस्लिम मालिक वैसे ही कर के मुझे कंटोरल कर रहा था ।
मेरा मुस्लिम मालिक मुझे जलील करते हुए पूछता है : क्या चाहिए आपको मैडम,मेरा सर शर्म से झुक गया और उसके लंड की तरफ इशारा किया ।
इससे पहले की मुस्लिम मालिक कुछ बोलते पूनम चिल्ला उठी,हरामजादी कुतिया छिनाल रंडी की औलाद तेरे मुंह में जुबान नहीं है क्या ? मैं सकपका गयी और अपनी नजरे मरे शर्म के झुका ली,तभी
मेरे मुस्लिम मालिक ने मुझे हतप्रभ करते हुए अपना लंड वापिस अंदर करते हुए कहा चल पूनम अंदर चलते है। मैं ये देख कर तड़फ उठी और एकदम से बोली

हमालिक मुझे आपका लंड चाहिए मेरे मुस्लिम मालिक आप इसे अंदर क्यों डाल रहे हो । प्लीज ये मुझे दे दो, मैं गिड़गड़ा उठी मेरा मुस्लिम मालिक मुझे तड़पता देख कर खुश था । और वो मुझे और अधिक तड़पाना चाहता था ।
मेरे मुस्लिम मालिक बोले, मैडम,जब मैंने आप से पूछा था तब तो आप चुप रही,अब क्या हो गया?तुमसे अच्छी तो मेरी ये पूनम कुतिया है जो कम से कम मेरी हर बात को समझती तो है और तेरी तरह नाटक भी नहीं करती । मेरे मुस्लिम मालिक मेरे सामने ही मेरे से कहीं कम सुंदर मेरी पड़ोसन की तारीफ कर रहे थे । सही मायने में तो इस बात के बाद वैसे तो मुझे मेरे मुस्लिम मालिक को जाने देना चाहिए था । पर मुझ पर सेक्स का नशा सवार था और मुझे किसी भी तरह लंड चाहिए था ।

मैं बोली मालिक मैं भी तो अपने आपको चोदने दे रही हूँ मेरे मुस्लिम मालिक मैं तो आपके लिए सबकुछ करने को तैयार हूँ ।पर मेरे मुस्लिम मालिक ने मुझे पूरी तरह इग्नोर कर दिया ।मुझे अब किसी भी तरह मेरे मुस्लिम मालिक को मनाना था । की वो अब मेरी प्यास बुझा दे ।आज तक मैंने जो चाहा वो पाया था मुझे अपनी सुंदरता और अमीरी पर बहुत घमंड था पर आज मैं खुद को असहाय महसूस कर रही थी। मानो उसको लिए ये सब चीजे बेकार हो मेरी जिस जवानी को देखने तक के लिए लोग तरसते थे वो उसके सामने बेशर्म होकर नंगी पड़ी थी और मुस्लिम मालिक थे की उनको इसका कोई असर ही नहीं हो रहा था ।

मैं बेबस होकर बोल उठी प्लीज , मेरे मुस्लिम मालिक मुझे अब मत तड़पाओ । मुझे इस तरह अधूरा छोड़ कर मत जाओ । मैं बेशर्म होकर बोली आपने लंड की प्यास जगा दी है आप मेरी प्यास बुझा दो मैं बार बार एक ही बात दोहराये जा रही थी ।काफी देर से चुप बैठी पूनम इस बार प्यार से बोल उठी मेरी प्यारी भाभी ये मुस्लिम मालिक लोग है,इनके लंड बेशकीमती है ,और इनका वीर्य अमृत है । ये हम हिन्दू रंडियो को इतनी आसानी से नहीं मिलते ।ये तेरे नामर्द पति की लूली नहीं है , कुतिया की तरह भीख मांग मुस्लिम मालिक से क्या पता वो तुम पर रहम कर दे और तुझे ये अमृत नसीब हो जाये ।मैं जल्दी से कुतिया की तरह बैठ गयी और मेरे मुस्लिम मालिक से अपनी सारी शर्म छोड़ कर बोली मालिक मैं आपसे भीख मांगती हूँ मुझे अपना बेशकीमती लंड भीख में दे दो । अपनी मैडम को भीख दे दो मेरे मुस्लिम मालिक । मुझे अपनी कुतिया बना लो । मैं आपकी रंडी हूँ मालिक प्लीज आप मेरी प्यास बुझा दो । अपनी इस कुतिया पर रहम करो आप अपना लंड इस कुतिया को दे दो आपकी कुतिया आपकी रंडी आपसे आपके लंड की भीख मांगती है ।
मेरे मुँह में ये सारे शब्द खुद ब खुद ही बहार आये जा रहे थे बिना सोचे किसी की भी परवाह किया बिना मैं उससे लन्ड की भीख मांगने लगी ।
बाकी कहानी अगले पार्ट में

4 thoughts on “मुस्लिम लन्ड की तड़फ 2

  1. ye sach h ki jab musalman hamari bahano ko chodate h to hamari hindu bahan unki Randi ,kutiya aur jane kya kya banane ko redy ho jati .bus chut me musalman ka lund chahiye hamari bahano ko.meri didi to married h fir bhi ek 40 sal k musalman se fasi h.

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