Best VPN

में मेरी मा और करीम पार्ट 4

दोस्तो आज लाया हूं पार्ट 4,तुम लोग जादा रेस्पॉन्स नहीं दे रहे हो ये ग़लत बात है
चलो तो शुरू करते है अगला भाग

मैने घर जाने को इसलिए बोला क्योंकि में जानता था कि सुधिया मेरे रहते मा को फसाने में दिक्कत आएगी,और अगर में उनके बीच नहीं होगा तो मुझे भी पता चलेगा कि मा और सुधिया में क्या बात चीत होती है
में सुधिया काकी के घर के पास चला गया और नजर रखने लगा कि कब सुधिया काकी घर से निकलेगी
कुछ देर बाद सुधिया काकी नघर से निकली,आज तो मुझे सुधिया काकी की गांड़ भी अच्छी लग रही थी,सुधिया की गांड़ चलते हुए हिल रही है,लेकिन मुझे ये सोच कर दिल बड़ी तसल्ली हुई कि सुधिया काकी को में बहुत जल्दी ही चोदुगा क्योंकि ये सुधिया और करीम के प्लान में था और मुझे उनका प्लान पता था
थोड़ी देर बाद सुधिया काकी अपने खेत में बनी कुटिया पर पहुंच गई
में पीछे से कुटिया की तरफ आया और पीछे की दीवार पर बैन छेद से अंदर क्या हो रहा है वो देखने लगा
मा – आ गई पता नहीं कहा कहा अपना मुंह काला करवाके आयी है
सुधिया – मुझे ऐसे बदनाम मत किया करो ,अब मेरा पति मुझे चोद नहीं पाता तो में कहीं तो जायगी आग शांत करवाने
मा – इज्जत नाम की भी चीज होती है
सुधिया – भाद में गई इज्जत ,जब शरीर की आग जलाई है तो कुछ नहीं दिखता
मा – कुछ तो शर्म किया कर
सुधिया – शर्म वर्म गई तेल लेने और में तो बोलती हूं की तू भी शर्म छोड़ और अपनी जवानी के मज़े ले,क्योंकि इस उम्र में चुदाई का मज़ा ही कुछ और होता है
मा – तू तो उस हरिया से चुदवा कर मज़े ले रही है और मुझे भी बोल रही है
सुधिया – आज के 2 साल पहले तूने मुझे और हरिया की चुदाई देखी थी तब से तूने मुझे तेरे इस गदराय शरीर को हाथ भी नहीं लगाने दिया,नहीं तो हम दोनों एक दूसरे के शरीर की आग को ठंडा कर लेते थे
मा – तो तुझे क्या जरूरत पड़ी थी हरिया से चुदवाने की
सुधिया – असली मज़ा तो असली लंड में ही है ,उसका 7 इंच का लन्ड लेने में बहुत मज़ा आता है
मा – तू तो चुदवाए जा,अब मेरी मालिश कर दे,कल से शरीर अकड़ रखा है और मा ये कहकर खाट पर लेट गई
सुधिया – आज 2 सालो बाद आग जल उठी
मा – ऐसा कुछ नहीं है ,वो तो मेरा बेटा जिद कर रहा था इसलिए तुझे बुलाया नहीं तो तुज जैसी को तो में हाथ भी ना लगाने दू
सुधिया – बस एक बार तू किसी मर्द से चुड़के देख ,फिर अगर तू लंड लेने इधर उधर नहीं भागी तो बोलना
मा – लंड तुझे ही मुबारक
सुधिया – चल अब पेट के बल लेट,तुझे तो पता है ना में पीछे से मालिश शुरू करती हूं
फिर मा पेट के बल लेट जाती है
मा की गांड़ का घागरे के ऊपर उभार को देख कर दिल जोर जोर से धड़कने लगा,
सुधिया ने मा का घाघरा पिडलियो तक उचा किया और वह तेल लगाकर मा के पैरो की मालिश करने लगी
मा – आह सुधिया मज़ा आ गया और जोर से कर ना
सुधिया – तुझे मेरी नहीं किसी मर्द की जरूरत है जो तेरे शरीर की सारी नशे खोल दे
मा — मर्द की छोड़ तू जोर से कर ना
सुधिया – तू भी ना ,तेरा इतना गदराया शरीर है ,और तू किसी को मज़े नहीं दे सकती,कोई तेरी इस गदराए शरीर को पाने के लिए अपनी जान भी दे दे
मा – तू फिर शुरू हो गई,
सुधिया फिर मा के घागरे को जांघ तक चड़ा कर मा की चिकनी जांघों की मालिश करने लगी
सुधिया – तू क्यों आग में जल रही है,सच कह रही हूं बहुत मज़ा आता है ,अगर में मर्द होती तो कब की तेरा बलात्कार चुकी होती
मा – तू रहने दे ,तू मुझे मरवा कर ही छोड़ेगी
सुधिया – अपने गाव में ऐसे बहुत सारे भरोसेमंद लोग है जिसपर तू भरोसा कर सकती है लेकिन
मा – लेकिन क्या
सुधिया – लेकिन सच ये है कि बहुत काम लोग है जो तेरा ये गदराया शरीर संभाल सकते है

सुधिया बहुत चालबाज थी उससे पता था कि किस तरह किसी औरत के अंदर चुदाई की इच्छा जताई जाती है
मा अपनी तारीफ सुनकर खुश हो जाती है
मा ऐसा क्या है इस शरीर में
सुधिया – मेरी मधु रानी ,तेरा ये शरीर ही तो सब कुछ है,क्या मस्त शरीर है ,एक दम चिकनी जांघें ,सपाट पेट,सुडौल गांड ,एक दम गदराया हुआ शरीर है
मा – अच्छा
सुधिया – तेरा ये शरीर तो इतना गदराया है कि जादा तर लोग तो तुझे संभाल ही नहीं सकते,मेरी नजर में तो बस एक ही है जो तेरा ये भारी संभाल सकता है
मा – अच्छा कों है वो
सुधिया – उसका तो इतना बड़ा लंड है कि जितना तेरे पति था उसके दोगुने से भी लंबा और मोटा
मा विचलित हो गई
सुधिया अब मा के कमर पर तेल लगा कर मालिश करने लगी
मा – बता कों है वो
सुधिया – वो तो इतना दमदार है कि हर चूत की चटनी बना दे
सुधिया मा की सताने कोई कमी नहीं चोद रही थी,सुधिया मा को उकसा रही थी
मा – बता ना
सुधिया – में क्यों बताऊ जब तू उससे चुदना ही नहीं चाहती
इधर मेरा हाल खराब था ,मा की तेल में चिकनी जांघे और कमर को देखकर मेरा लन्ड फटने आ गया था
मा – वो तो बाद की बात है ,पहले बता वो कों है जिसका इतना बड़ा लंड है
सुधिया मा की हालत पर बहुत खुश हो रही थी,फिर सुधिया ने मा का घाघरा गांड से नीचे करने लगी,और घागरे को घटनी के नीचे तक ला दिया
मा की इतनी सुडौल गांड पहेली बार नंगी देखकर मेरा पानी निकल गया,इतनी मस्त गांड तो मैने सपने भी नहीं सोची थी
सुधिया क्या गांड है तेरी मधु,इस गांड के लिए तो एक बड़ा लंड ही चाहिए जो इस कदर चोदें की इस गांड की सारी हेकड़ी निकाल जाए
मा – तू बता नहीं रही कों है वो
सुधिया मा की सुडौल गांड पर तेल डालने लगी,फिर गांड के हिस्से को पकड़ कर दबाते हुए मालिश करने लगी
मा – तू बता रही है या नहीं
सुधिया – अब तुझे चुदना ही नहीं है तो नाम जान कर क्या करेगी
मा – काम से कम इतना तो पता होना चाहिए की ऐशा कों है जिसका इतना बड़ा लंड है
सुधिया मा की सुडौल गांड को जोर जोर से मसलने लगी
फिर सुधिया मा की गांड़ की बड़ी बड़ी फाको को विपरीत दिशा में फैला कर गांड की गहरी दरार में छुपा छोटा सा गांड का छेद देखने लगी
सुधिया – क्या गांड का छेद है मधु देवी तेरा,काश में मर्द होती तो तेरी इस गांड को अभी चोद देती,तेरी इस गांड के छेद के दर्शन होना ही बहुत बड़ी बात है,में अभी भी कह रही हूं,मेरे लिए एक बार चुदकर देख तुझे अपनी जवानी का मज़ा आ जाएगा
मा – हा में जानती हूं सब मेरी गान्ड के पीछे पड़े है
सुधिया – सब को पीछे पड़ने से,तू बस किसी एक से चुदवा ले जो तुझे पूरी तरह मज़े दे सके,तेरी इस गांड को देख कर तो अछो अछो का पानी निकाल जाएं,और मेरी नजर में तो एक ही है जो तेरा इतना गदराया शरीर संभाल सकता है और तेरी बहुत रगड़ रगड़ के चुदाई कर सकता है
फिर सुधिया ने गांड के छेद पर तेल की कुछ बूंदे दाली और उंगलियों से उससे फैलाने लगी मधु देवी अपने गांड के छेद पर सुधिया की उंगलियों पड़ने से एक सरसराहट दौड़ने लगी,फिर सुधिया ने एक उंगली को ठीक गांड के छेद के ऊपर रख कर जोर लगाया और तेल की चिकनाई होने के कारण सुधिया की उंगली मधु देवी की गांड़ में उतर गई
मा – आह सुधिया थोड़ा आराम से
सुधिया – उफ्फ कितनी तंग छेद है ,एक उंगली भी बड़ी मुश्किल से जा रही है

इस साली की तंग गांड को जब करीम अपने मुसलामनी लंड से चोदेगा तब में इसकी हालत का मज़ा लूंगी,और करीम तेरे तो मज़े है की तुझे इतनी मस्त हिन्दू औरत की तंग कुंवारी गांड चोदने को मिलेगी

सुधिया अपनी उंगली हो अंदर बाहर करने लगी जिससे मधु देवी को भी मज़ा आने लगा
सुधिया – क्या पति ने कभी गांड नहीं मारी
मा – क्या बताऊं सुधिया,एक बार कोशिश की थी ,लेकिन लंड घुस नहीं सका फिर बड़ी मुश्किलों के बाद लंड का टोपा अंदर ही गया था कि उनके लंड ने जवाब दे दिया,तब से उन्होंने गांड के बारे में सोचा ही नहीं
सुधिया – ये अपने पति ,साले कुछ काम तो करते नहीं है बस दारू पीकर सोते रहते है , सारा काम हम करते है फिर भी हमारी आग को शांत नहीं करते ,इसलिए इसलिए लुगाइयां बाहर मुंह मरती है और उनके नाक के नीचे से कोई मर्द उन्हें चोद जाता है और वो बस अपने नशे में मस्त रहते है
मा – हा ऐसी बहुत सी औरते है ,एक तो मेरी मालिश कर रही है
सुधिया – तू क्या जाने चुदाई का सुख क्या होता है एक बार किसी मर्द से चुद कर देख , नानी की याद नहीं आई तो बोलना
मा – उस हरामखोर हरिया से ,जो हर कहीं मुंह मारता रहता है
सुधिया – अरे नहीं ,उसका 7 इंच का लन्ड से तो वो तुझे झेल नहीं पाएगा,तेरा शरीर ही इतना गदराया है कि तुझे काम से काम 10 इंच के लंड की जरुरत पड़ेगी,और उसमे इतना दम होना चाहिए कि वो रगड़ रगड़ के बिना रहम दिखाए चोद सके
मा – हरिया नहीं तो और कोन
चल अब पीठ के बल लेट जा और फिर सुधिया ने मा का घाघरा जो जाघो तक था उससे पूरा निकाल दिया और मां पीठ के बल लेट गई,
फिर सुधिया ने मा का ब्लाउज भी खोल दिया ,गाव में और ब्रा और पैंटी काम में नहीं लेती,इसलिए मा पूरी नांगी हो गई
मा को पूरी नंगी देखकर मेरा फिर से पानी निकाल गया
में सोचने लगा कि केवल मां के शरीर को देखकर मेरा 2 बार पानी निकाल गया तो अगर मुझे मा की चुदाई का मोखा मिलता तो भी में मा को तो चोद ही नहीं पाता और फिर एक बेटे की मा के सामने बेज़त्ती हो जाती,सच में मा के गदराए शरीर के लिए तो करीम जैसे का मुसलमानी लंड ही सही रहेगा जो मा के इस गदराए शरीर को रगड़ रगड़ के चोद सके,और फिर उसके जैसा लंड तो पूरे गाव में नहीं है

सुधिया – अगर तू चुदे तो बोल नहीं तो नहीं बताउगी
फिर सुधिया मा को चूचियों पर तेल लगाकर उसे मसलने लगी “” क्या चूचिए है तेरी ,ऊपर वाले ने तुझे बड़ा समय लेकर बनाया होगा ,और तू उस शरीर का मज़ा ही नहीं ले रही,तेरा पति तुझे चोद कर ऊपर चला गया और तू बस अपना जीवन बर्बाद कर रही है
मा – आह सुधिया,चुदवाना तो में चाहती हूं लेकिन गाव में कोई भरोसेमंद नहीं है
सुधिया – अब आ रही है ना सही रास्ते पर ,तुझे मुझ से बोलना चाहिए था ,देख अभी भी एक मर्द है जो गाव से जाने वाला है और फिर कभी वापस नहीं आएगा
मा – अच्छा तो बता ना
सीढ़ियां अब अपना हाथ मा की चूत पर ले गई जिससे बहुत पानी बह रहा था और बहुत बहुत जड़ा गीली हो चुकी थी
सुधिया ने झट से एक उंगली मा की चूत में घुसा दी ,चूत गीली होने के कारण सर्र के सुधिया की उंगली पूरी अंदर घुस गई
मा – आह सुधिया,तू बता ना,आखिर कों है ऐसा
सुधिया अब अपनी दो उंगलयां चूत में घुस दी और तेज़ी से अंदर बाहर करने लगी,कितनी फुली हुई चूत है तेरी मधु ,इसकी तो किसी तड़गे लंड से कुटाई होनी चाहिए
सुधिया – चल बता देती हूं उसका नाम ,लेकिन उसके बाद तुझे उससे चुदना पड़ेगा
मा – ठीक है ,अगर वो हमेशा के लिए जा रहा है तो में उससे चुदने के लिए तैयार हूं
में मन ही मन सोच रहा था कि सुधिया की चालू है ,कैसे एक बार में ही पटा लिया
सुधिया – उसका नाम करीम है
मा – अरे वो मुसलमान वेध
सुधिया – हा
मा – तुझे वहीं मिलता था चुदवाने के लिए
सुधिया – हा ,उससे अच्छा कोई हो नहीं सकता
मा – वो साला तरकी मुसलमान ,में तो उससे अच्छा इंसान मानती थी लेकिन तो बहुत ठरकी निकाला
सुधिया – वो ठरकी नहीं है,तू देख है ऐशा कोई वेध जो मुफ्त में इलाज करता है,वो तो बस लोगों की समस्या सुलझाता है,अब हमारे पति औरतों की आग शांत नहीं कर पाते तो वो उनकी आग शांत करता है ,यही तो उसका काम है ,और मेरी नजर में वो एक सच्चा वेध है

मा – हा ये तो है की वो मुफ्त में इलाज करता है लेकिन दूसरों की पत्नियों को चोदना भी तो सही नहीं
सुधिया – अच्छा ,उनके पति उनकी आग शांत नहीं करते ये सही है लेकिन उनकी पत्नियों दूसरो से चुदवाए ये ग़लत है,ये उनका फ़र्ज़ है कि अगर वो उनकी पत्नियों की आग शांत नहीं कर सकते तो वो बाहर जाएगी ही चुदवाने और इसमें कोई ग़लत नहीं है,और तू क्यों चिंता कर रही है,तेरा तो पति भी नहीं है,और फिर करीम जा भी रहा है तो चुदवाने,अच्छा नहीं लगे तो भी कुछ नहीं बिगड़ेगा

मा -अरे यार लेकिन वो एक मुसलमान है ,में हिन्दू हूं
सुधिया – अरे मधु देवी ,चुदाई में हिन्दू मुस्लिम कहा से आ गए,और मेरी नजर में तो अच्छा ही है कि वो एक मुसलमान है
मा – क्यों
सुधिया – इन मुसलमानों को हिन्दू औरतों को चोदना बहुत पसंद है ,और जो काम पसंद से किए जाते है उसमे मज़ा ही कुछ और होता है,इसलिए तो जो औरते मुसलमानों से चुद जाती है तो फिर उन्हें मुसलमनो से ही चुदना अच्छा लगता है

मा – कुछ गडबड हो गई तो
सुधिया- कुछ नहीं होगा,में बस जैसा बोलु वैसा करती जाना,फिर उनके कटे हुए लंड से जो चुदने में मज़ा आएगा वो हिन्दू लंड में नहीं आएगा
मा – कटा हुआ लंड
सुधिया- हा कटा हुआ लंड ,मुसलमानों के बचपन में ही ही उनके सुपाड़े के ऊपर की चमड़ी काट दी जाती है ,जिनसे इतना लंड और बड़ा और लम्बा हो जाता है और फिर चुदाई के दौरान रगड़ रगड़ के अंदर जाता है,और फिर ये मीट बहुत कहते है तो उनमें चोदने की ताकत भी बहुत होती है,इसलिए तो जो हिन्दू औरत मुसलमनो से चुद जाती है फिर उन्हें हिन्दू लंड से चुदने में मज़ा नहीं आता
और फिर तेरा शरीर ही इतना गदराया है कि अपने गाव में ऐसा कोई हिन्दू मर्द नहीं है जो तेरे शरीर को संभाल सके ,इसलिए बोल रही हूं करीम से चुदवा के, उसके मुसलमानों लंड से चुदने के बाद बता चलेगा कि असली मर्द से चुदना क्या होता है
मा – कितना बड़ा है करीम का लंड

सुधिया – तूने उसका लंड देखा नहीं ,उसका 13 इंच का लोहे जैसा लंड है,जो किसी भी औरत को ऐसा आंनद दे सकता है जिसकी वो कल्पना भी नहीं कर सकती
मा चोकते हुए 13 इंच का लन्ड
सुधिया – हा 13 इंच का लन्ड ,जो तेरे इस गदराए शरीर कें लिए बिल्कुल सही है,और मेरी नजर में करीम के अलवा और कोई भी मर्द तुझे चोदना तो दूर उसका देखते ही पानी निकाल जाएगा
मा – तू सच कह रही है सुधिया
सुधिया – हा में सच कह रही हूं,अगर तुझे विश्वास नहीं आता तो में तुझे दिखा सकती हूं
मा – कैसे
सुधिया – तू उससे दिन में खाने पर बुला ,उसको खूब पानी पिला ,फिर वो जब पेशाब करने जाए तो तू कुटिया में एक छेद से उसका लन्ड देख लेना तुझे खुद विश्वास हो जाएगा कि ,उसका लन्ड कैसा है
मा – तूने कैसे देखा था
सुधिया – एक दिन में दिन में कुछ काम से गई थी करीम की कुटिया में लेकिन वो धोती में सो रहा था ,लेकिन सोते हुए उसकी धोती सरक गई थी जिससे उसका लन्ड बाहर आ गया था,मैने तो उसका लन्ड देखते ही काप गई थी,मैने कभी भी किसी का इतना बड़ा लंड नहीं देखा था,सच में बड़ा भयंकर लंड था ,नींद में भी पूरी तरह अकड़ के खड़ा हुआ था
मा – तू नहीं चुदी उससे
सुधिया – गई थी लेकिन उससे कहा कि उससे तुझे चोदना है ,फिर वो किसी और को चोदेगा
मा – अच्छा साला मेरे पीछे पड़ गया ,अच्छा है ,सुनकर अच्छा लगा कि एक मुसलमान मेरे पीछे पड़ा हुआ है
सुधिया – ये मुसलमान जिसके पीछे पड़ जाते है उससे तो वो हासिल करके ही रहते है फिर रगड़ रगड़ के चोदते है
मा – एक बार पहले लंड देख ले फिर बाद में सोचेंगे
सुधिया – एक बार फेल तू लंड देख ले फिर तेरी इच्छा हो तो चुदवाना नहीं तो मत चुदवाना
मा – में कल ही खाने पर बुलाती हूं उससे,फिर उसका लंड देखती हूं ,अगर जैसा तूने कहा कि उसका 13 इंच का है तो में जरूर चुदुगी उससे
सुधिया – ये हुई ना बात मेरी मधु देवी,चलो अब में चलती हूं ,मुझे बहुत काम है घर पर
मा – ठीक है ,कल शाम को आना ,अपन बात करेंगे
सुधिया – हा जरूर
फिर सुधिया निकाल जाती है और मा अपने कपड़े पहन लेती है
सुधिया जाए समय खुद से बोलती है ,अब जाकर फसी है मधु देवी,कितने सालों से में कोशिश कर रही थी,जी इतने सालो से मेरी बेज़त्ती करती आ रही थी सबका बदला लूंगी बस एक बार तू करीम से चुद जाए,और करीम तो तुझे ऐसे चोदेगा की तू उस चुदाई को जिंदगी भर याद रखेगी की किस मुसलमान से चुदी थी,और मैने भी तेरी गांड का छेद इसलिए जादा चोड़ा नहीं किया कि जब करीम तेरी गांड मारे तो तुझे और दर्द हो,अब बस कुछ दिनों में करीम मधी देवी को चोद देगा और फिर में रामू को भी ले आउगी जिससे करीम मधु देवी को रामू के सामने चोद कर मधु को और जलील करे और उससे शर्म से पानी पानी कर दे,फिर मधु देवी को अपनी रांड बनाओगी
फिर सुधिया अपनी शातिर मुस्कान के साथ घर की ओर निकल जाती है

dirty baato or suggestions ke liye email
[email protected]

Related Post

This post was submitted by a random interfaithxxx reader/fan.
You can also submit any related content to be posted here.

9 Comments

  1. Pehle to shukriya, is kahaani ke liye. Aap ne bahut badiya daastan bayaan ki hain.
    Bas ek hi guzaarish hain. 4 part ho gaye, aapne kaafi suspense diya hain. Maaf kijiye ye xossip nahi hain, 3 part ki kahaani kaafi hoti hain yahaan par. Aane waale part mein Karim aur Madhu ki garam chudaiyaan ka besabri se intezaar hain mujhe.
    Raham kare, aur ab asli kahaani pe wapis aaye.
    Main Plot – Madhu aur Karim pe likhe…detail mein, jitna zaleel kar sakte hain is raand ko utna behtar hain, uska randi mein transformation bhi likhe.
    Secondary Plot – Sudhiya ko baar baar na ghasite, Kahaani madhu aur uske bete ki hain ki nahi? Sudhiya aur Madhu ke bete pe likhe par kisi doosre part mein post kare, to munasiv hoga. Log zyada interest leke parenge.

    Fir se shukriya…aap jaise writer kam hi aate hain. Bahut pasand aayi aapki kahaani.
    Bas Karim ab kisi gande room mein madhu ka randi ki tarah chode to maza aa jayega !!!
    intezaar rahega!

  2. 5 part jaldi post kro

  3. One reason for your grievance is stretching the story beyond certain limit undoubtedly some may find it erotic others may find it unnecessary extension. Secondly most of the readers here find zing in hindu-mus characterisation extension of dialogue of hindu characters at times takes away the zing. These are my views on why you dont get enough compliment now on the parts of original story. Take it in the right spirit and work on it.
    P.S.: I find it erotic and exotic both the way in which you have constructed the whole story

  4. ab aage nahi likhuga,part 4 tak hi padkar maze karo
    is part ko likhne me muje 4-5 ghante lag gaye ,me kyo apna tume barbaad karu
    ab update nahi aayega
    bye

  5. Bro .have sense .. atleast .inke liye aap mere jaise readers ki dil Tod rahe ho .. please update next part please
    . we love to read your story .. you are Damn gud in it .

  6. story bahut hi mst h
    aapki kahani ki jitni tarif ki jaye kam h
    naraz na ho lage raho ham log madhu devi ki chudai ka wait kr rahe h
    agla part post kro naraz mt ho ham aapke 7 h

  7. Plz next part post kijiye hum log sab aap ke support me hai.
    Kisi ek ke liye sab ka dil nhi dukhani chahiye.

  8. Itni hot sexy aur real story ko na jane kyu response nahi mil raha.. mere taraf se to badi wali Haan hai tumhari story k liye.. Is story k kuch parts meri real life se bhi match khate hain isliye ye to mujhe badi acchi lagi.. Main chahti hu k tum age ki story bhi complete karo aur 5va part lao.. agar yaha nahi dene ka mood hai to mujhe mail kar do main padhna chahti hu.. shuru se akhiri tak.. plzz

    gmail, hangout: [email protected]
    kik: deviarti

Leave a comment

Your email address will not be published.


*