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मै मेरी मा और करीम पार्ट 7

दोस्तो में हाजिर हूं अग्ला पार्ट लेकर,उम्मीद है ये पार्ट भी आपको पसंद आएगा और अपना reply jarur de

to shuru karte hai

जैसे ही सुधिया और मा करीम की कुटिया से निकले, में भी वहां से निकल गया और जल्दी से मा के पहुंचने से पहले पहुंच गया
घर आकर मा और मैने खाना खाया
आज में मा के गदराए शरीर को देखे जा रहा था,बड़ी बड़ी कसी हुई चूचियां ,सपाट पेट ,सुडौल गांड, और ये सब देख कर आज मेरा लन्ड नीचे नहीं बैठ रहा था क्योंकि में जानता था कि इस गाव की सबसे गदराए शरीर की औरत जो अपने पति के आलावा किसी को अपने शरीर को हाथ भी नहीं लगाने दिया था कल एक मुसलमान से चुदने वाली थी,और मुझे मज़ा भी इसी बात का आ रहा था कि सामने वाला एक मुसलमान मेरी हिन्दू मा को चोदेगा क्यों की में जानता हूं कि अगर कोई हिन्दू मर्द मेरी मा को चोदता तो वो बेचारा मेरी मा का गदराया शरीर संभाल ही नहीं सकता था जबकि में करीम की ताकत देख चुका हूं वो मेरी मा को बुरी तरह बिना रहम के रगड़ रगड़ के चोदने वाला था

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फिर कुछ देर बाद मा और में दोनों सोने चले गए,मेरी मा ऊपर खाट पर सोती थी जबकि में नीचे जमीन पर सोता था
आज किसी की आंखो में नींद नहीं थी ,में अपनी हिन्दू मा को मुसलमान से चुदते हुए देखना चाहता था और मेरी मा करीम के मुसलमानी लंड को अपनी हिन्दू चूत में लेना चाहती थी
मां बार बार करवट ले रही थी ,जबकि मा का चेहरा दूसरी तरह होता में मा की सुडौल गांड को देखने लगता ,और कल्पना करने लगत की मा को इस सुडौल गांड में जल्दी ही एक बड़ा मुसलामनी लंड होगा और करीम का 13 इंच का लन्ड मां की सुडौल गांड में घुसा हुआ देखने की कल्पना करते करते कब मेरा पानी निकल गया मज़े पता ही नहीं चला,जैसे ही मेरा पानी निकला मेरी भावनाए ख़तम हो गई और में खुद से बोला कैसा बेटा हूं में जो अपनी मा को एक मुस्लमान से चुदवाना चाह रहा है और उसको चुदते देखना चाहता है
तभी मा उठी मैने आंख बंद कर ,मुझे पता चल गया था कि मा मुझे देख रही है की में सो रहा हूं कि नहीं फिर कुछ देर बाद मा उठी और पीछे बने बाड़े में चली गई,मुझे लगा कि शायद मा को पेशाब लगा होगा तो में भी मा को देखने चुपके से पीछे चला गया,मा बाड़े में गई और अपना घाघरा उचा करके अपनी चूत में उंगलियां डाल कर अंदर बाहर करने लगी,मा करीम के मुसलमानी लंड को देख कर पागल हो चुकी थी और मा बहुत गरम थी कि उससे ध्यान ही नहीं की उसका बेटा उससे देख रहा है
मा “” आह करीम ,अपना बड़ा लंड डालकर मुझे चोदो ,और जोर से चोदो,में तुम्हारी रंडी हूं “”
मा के मुंह से ये सब्द सुनकर मेरा लन्ड फिर खड़ा हो गया ,में फिर से मा और करीम की चुदाई की कल्पना करने लगा और जल्दी ही मेरा पानी निकल गया,में मा की सुडौल गांड को दबाना चाहता था लेकिन कहीं कुछ उल्टा ना हो जाए इसलिए वापस आ गया और कुछ देर में मा भी आ गई ,मा थक गई थी इसलिए सो गई और फिर मुझे भी पता नहीं चला कि में कब सो गया
सुबह मुझे मा ने जगाया “”उठ जा रमु बेटे,मामा के यहां नहीं जाना क्या,ये ले मेने खाना बना दिया है ,अब जल्दी से तैयार हो कर निकाल जा जिससे दिन में तुझे जादा परेशानी ना हो””
में मा की करीम से चुदने की लालसा पर मुस्कुरा गया और बोला “हा मा बस निकलता हूं””
कुछ देर में तैयार हो गया और बोला कि में निकल रहा हूं
मा “”ठीक है बेटा और रास्ते में सुधिया काकी का घर पड़ता है उससे बोला देना की मधु ने बुलाया है””

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ठीक है मा ये बोल कर में निकाल गया
में सुधिया काकी के घर गया और देखा तो सुधिया काकी नीचे झुक कर झाड़ू लगा रही थी ,मैने सीधा पीछे जाकर अपना लन्ड सुधिया काकी की गांड़ में फसा कर पीछे से जकड़ लिया
सुधिया काकी घबरा ही गई और जब देखा कि में हूं बोली “क्या हुआ रामू बेटे””
कुछ नहीं सुधिया काकी ,मा ने मुझे मामा के यहां भेज दिया है
सुधिया – तो तू सच में मामा के यहां जा रहा है
मै – नहीं काकी ,जिसकी मा किसी से चुदने वाली हो वो कैसे जा सकता है
सुधिया – बात तो सही है तो तू अपनी मा को करीम से चुदते हुए देखेगा
में – हा काकी,और वैसे भी तुम मा को मुझसे भी तो चुदवाओगी
सुधिया – अभी नहीं चुदवा सकती
मै – तुमने ही तो बोला था
सुधिया -कहा था लेकिन जब करीम का मन भर जाएगा
मै -क्या मतलब
सुधिया – करीम एक मुसलमान है ,वो जब तक तुझे हाथ नहीं लगाने देगा जब तक वो अच्छे से तेरी मा के गदराए शरीर को निचोड़ नहीं लेता
मै – फिर सामने आने से क्या मतलब
सुधिया – इससे तुम दोनों के काम पूरे हो जायेगे
मै – कोंस काम
सुधिया – जब तू अपनी मा को करीम से चुदता हुआ देखेगा तो दोनों की शर्म ख़तम हो जाएगी,जिससे जब करीम का मन भर जाए तो तू अपनी मा को बिना परेशानी के चोद सके
मै – और कब भर जाएगा उसका मन
सुधिया – तब तक वो तेरी मा के चूत और गांड को कई बार रगड़ रगड़ के नहीं मार लेता
मै – तो वो मेरी मा की गांड़ भी मारेगा
सुधिया – अरे रामू वो मुसलमान है,और मुसलमनों को गांड मारना बहुत पसंद होता है,इनके मुस्लिम समाज में मुस्लिम औरतों की गांड़ भी इसलिए बड़ी होती है क्योंकि ये जादा तर गांड ही मारते है और चूत तो तब मारते है जब इन्हें बचा चाहिए होता है,करीम ने जरूर पिछले जन्म में कोई अच्छा काम किया था जिस वजह से उससे मधु देवी जैसी औरत की गांड़ मारने को मिल रही है वो भी कुवारी गांड जिसके सारे मुसलमान सपने देखते है
मैं – कुंवारी गांड??
सुधिया -अरे बेटा,तेरी मा हिन्दू है,और हिन्दुओं में कोई गांड नहीं मारता,अगर तेरी मा मुस्लिम होती तो ना जाने कितने मुसलमान लोग तेरी मा की गांड़ मार मार के भोसड़ा बना देते,क्योंकि इन मुस्लिमो के खून में ही चुदाई भारी होती है और ये जल्दी बच्चा भी नहीं चाहते तो ये सिर्फ गांड मारते है जिसे बच्चा होने कोई खतरा भी हो को चुदाई का शौक भी पूरा जाए,और जब उस औरत से उनका मन भर जाता है तो फिर ये उसकी चूत की गहराई में अपना बीज डालकर उससे गर्णवती कर देते है
मै- क्या सारे मुसलमान चुदाई के भूके होते है
सुधिया -तुझे इसका कारण बताओ हूं
मै – बताओ
सुधिया -11 साल की उम्र में तो इनके लंड के ऊपर की चमड़ी हटा देते है जिससे इनके लंड का सुपाड़ा पे कोई चमड़ी नहीं रहती फिर वो रगड़ खा खा कर इनका सुपाड़ा बहुत सक्त हो जाता है जिससे ये लंबी चुदाई कर सकते है

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और फिर 13 साल में तो ये अपनी मा को चोद लेते है ,इनकी मा ही इन्हें चोदना सिकाती है,फिर एक दो साल मा खूब अच्छे से अपने बेटे को चोदना सिकाती है उसके बाद ये अपने आस पास की औरतों को चोदना शुरू करते है,फिर 18 साल तक होते होते ये अपने समाज की कई औरतों को चोद चोद कर शेर बन जाते है,इनके समाज में बहुत एकता है ये सब मिल जुल कर रहते है ,सब एक दूसरे की औरतों की चुदाई करते है,क्योंकि इनका एक औरत से में नहीं भरता तो सब एक दूसरे की औरतों को चोदते रहते है ,
और 18 साल बाद ये हिन्दू औरतों को चोदने निकलते है जहां ये एक शेर की भांति हिन्दू गायो का शिकार करते है ,और हिन्दू गाय ऐसे मुसलमानी शेरो को पाकर मस्त हो जाती है ,और फिर ये कुछ दिन ये खूब उस हिन्दू गाय का मज़ा लेते है फिर जब मैं भर जाता है तो इसके पेट में अपना बच्चा देकर फिर से हिन्दू गायो के शिकार पे निकाल जाते है
मै – तो ये बस हिन्दू औरतों को ही चोदते रहते है
सुधिया- हा बेटा, इन मुसलामनो को हिन्दू औरतों को चोदने में बड़ा मज़ा आता है
मै – तो ये सिर्फ हिन्दू औरतों को ही चोदते है या फिर लड़कियों को भी
सुधिया – ये मुसलमान तो किसी को भी नहीं छोड़ते ,सब को चोद देते है ,कुंवारी कमसिन लड़की मिल जाए तो उसकी चूत फाड़ देते है लेकिन इनको असली मज़ा तो धार्मिक और सुशील ,पतिवर्ता हिन्दू औरतों को चोदने में ही आता है ये उसको बहुत जलिल करके चोदते है
और मधु देवी तो सोने पे सुहागा है,एक तो वो बहुत धार्मिक है है ऊपर से सुशील और पतिवर्ता भी है जिसने अभी तक किसी और मर्द को अपने गदराए शरीर को छुने भी नहीं दिया ,करीम तो सांड जैसे तेरी हिन्दू मा की चूत और गांड फाड़ेगा,में तो कह रही हूं ,तू सच में मामा के यहां चला जा क्योंकि करीम तो रगड़ रगड़ के मधु देवी को चोदने वाला है ,और वो बिल्कुल भी रहम नहीं करेगा,तेरी मा की हालत खराब हो जाएगी
मै- नहीं में नहीं जाउगा,में मा को करीम से चुदते हुए देखुगा,और फिर तुम जिस तरह मुसलामनो का गुणगान कर रही हो मैं भी में देखूंगा ही कि कैसे वो मेरी मी हालत खराब करता है
सुधिया – जैसी तेरी मर्जी,फिर मत भूलना की मैने बताया नहीं जब वो करीम से रहम की भिक मांग रही होगी ,और करीम बिना रहम के चोद रहा होगा तू तू कुछ भी मत बोलना
में – ठीक है,में कुछ नहीं कहूंगा,लेकिन अब जल्दी से मा के पास जाओ,मुझे भी इंतजार नहीं हो रहा कि कब करीम मा को चोदेगा
सुधिया – हा बस अभी निकाल रही हूं,बस ये कुछ सिंदूर , नथ,पायजेब ले लू, मगलसुत्र तो उससे के पास होगा
में – इसको क्या जरूरत
सुधिया – तू इं मुसलामनो को नहीं जानता,ये हिन्दू औरतों को सुहागन के रूप पे चोदते है,आज करीम तेरी मा को सुहागन बनाकर चोदेगा
में – आज तो में पहली बार मा को सुहागन के रूप में देखुगा,बहुत अच्छी लगती होगी ना
सुधिया – तेरी मा को सुहागन के रूप पे देखकर लोगों को पानी निकाल जाए,पूरे गाव में कोई नहीं है जो तेरी मा के कपड़े उतारने तक भी टिक पाए,केवल एक मुस्लमान ही है करीम जो इंता लंबा टिक पाए और रगड़ रगड़ के हालात भी भी खराब कर देगा
मै – तभी तो में भी यही चाहता हूं कि कोई दमदार मर्द मेरी मा को बुरी तरह चोदे ,लेकिन मेरे मन में क्या था ये सुधिया काकी को थोड़ी पता था कि में तो शुरू से ही अपनी हिन्दू मा को करीम से चुदवाना चाहता था और में मेरी मा और करीम की चुदाई देखकर अपना लन्ड हिलाना चाहता हूं
सुधिया – चिंता मत कर करीम जितना दमदार मर्द कोई नहीं है,लेकिन में फिर बोल रही हूं कि करीम बहुत जादा जलील करेगा जैसे वो तेरी मा को अपना वीर्य पिलाएगा और अपनी गांड़ भी चटवाएगा

में जानता था कि करीम मा को वीर्य पिलाएगा और अपनी गांड़ भी चटवाएगा लेकिन फिर में अनजान बनकर सुधिया से बोला “” छी ये तो बहुत गन्दा काम है”
सुधिया – ये तो कुछ भी नहीं, हो सकता है वो हिन्दुओं को गाली दे,तेरे पापा को भी बुरा भला कहे ,और तेरी मा को रंडी जैसे बर्ताव करे
में – तो सारे मुसलमान ऐसे ही होते है क्या
सुधिया – हा सारे ऐसे ही होते है,ये हिन्दू के आत्यचर का बदला उनकी बहू बेटियों को चोद कर लेते हैं ,और अपना गुस्सा बेचारियों पर निकलते है जैसे जबरदस्ती वीर्य पिलाना अपनी गांड चटवाना
मै – लेकिन में फिर भी मा और करीम की चुदाई देखना चाहूंगा चाहे करीम कुछ भी करे
सुधिया – ठीक है तो फिर में तेरी मा को लेकर कुटिया की तरफ निकलते है
में – में भी आ जाऊंगा चुपके से ,और कुटिया के पिचे छीप कर देखूंगा
सुधिया – तो क्या इतने दिनों बाहर की खड़ा रहेगा
में – नहीं तुम कुछ जुगाड़ कर लेना कि में भी अंदर आ जाऊं
सुधिया – लेकिन करीम तुझे तेरी मा को चोदने नहीं देगा,और सभी मुसलमानों की ये इच्छा भी होती है कि वो किसी की मा को उसके बेटे या बेटी के सामने चोदे ,और तेरे अंदर आने से तो और जादा भयंकर चुदाई करेगा
मै – काम से काम चुदाई देखने के लिए बाहर तो खड़ा नहीं रहना पड़ेगा ,जब तक वो मेरी मा को चोदेगा तब तक में तुम्हे चोद लूंगा
सुधिया मेरे लन्ड को मेरी धोती के ऊपर से पकड़ कर बोली”” अपने इस छोटे से लंड से तुम करीम जैसे मुसलमान का सामना करो गे””
में – नहीं नहीं मेरी इतनी कहा औकात की में करीम जैसे मुसलमान से मुकाबला कर सकु वो भी जब मेरा लन्ड उसकी लंड को तुलना में बच्चा सा हो
सुधिया – हा फिर ठीक है,एक बार जब मधु देवी पूरी तरह करीम की रंडी बन जाए फिर तुझे बुला लूंगी लेकिन आज शायद पूरा दिन युही बाहर ही खड़ा रहना पड़ेगा,
में – कोई बात नहीं ,मा की चुदाई देखने के लिए कई दिनों तक खड़ा रह सकता हूं
सुधिया – नहीं नहीं मेरे होते हुए तू बाहर कैसे रहेगा,बस आज आज दिन में बाहर खड़ा हो ले
में – लेकिन वह तो एक ही खाट है ,हम चार लोग कैसे रहेंगे
सुधिया – अबे तू मालिक की तरह नहीं जा रहा वहा,हम सब उसके गुलाम की तरह रहेंगे वाहा,केवल वो खाट पर सोएगा और वो ही कपड़े पहने गा ,हम सब नंगे ही जमीन पर सोएंगे,और तू जादा मत भूलना नहीं तो वो तेरी भी गांड मार सकता है,उसके लन्ड में इतना दम है कि बिना थुक्क के भी वो तेरी गांड फाड़ दे,और अगर बिना थूक के तेरी गांड मारी तो तू कई दिनों तक चल नहीं पाएगा और ढंग से ट्टटी भी नहीं जा पायेगा इसलिए तुझे भी बोल रही हूं कि एक गुलाम की तरह जाना वहां,तू कुछ मत बोलना ,,वो जो कहे वो बस करते जाना,जब उसका मन बाहर जाएगा तब वो तुझे तेरी मा को चोदने देगा,ठीक है, समझ में आ गई बात
में – आ गई ,
सुधिया – देख लेना ,मैने चेतावनी दे दी है,चाहे कुछ भी हो जाए ,तेरी मा रोए गिड़गिड़ाए ,लेकिन ना उसकी मदद करनी है ना करीम के खिलाफ कुछ बोलना है ,बस उसकी बात माननी है
में – में समझ गया सुधिया काकी
सुधिया – ठीक है में निकलती हूं ,तू थोड़ा बाद में आना
में – ठीक है काकी

फिर सुधिया सिन्दूर , नथ, पायेजब लेकर निकल जाती है
आज में पहली बार अपनी मा को सुहागन के रूप में देखुगा, और एक मुस्लमान से चुदते हुए देखूंगा मेरी दोनों इच्छाएं एक साथ पूरी हो रही थी,बेचारा मेरे लन्ड की सोच सोच कर ही हालात पतली हो गई थी ,बार बार झड़ रहा था

में सुधिया काकी के घर ही इंतजार करने लगा,उधर सुधिया काकी मां के पास पहुंच गई
अंदर जाते ही काकी ने मा की चूत को घागरे के ऊपर से ही मुठ्ठी पे पकड़ लिया ,मा की चूत बहुत गीली थी जो कि एक मुसलमान लंड लेने लिए तड़प रही थी और इस वजह से बार बार पानी छोड़ रही थी
सुधिया – और मेरी मधु रंडी , मुसलमान की रंडी बनने की तैयार हो
मा कुछ नहीं बोली बस अपना सिर नीचे झुका लिया
सुधिया – अरे मधु रंडी ,मुसलमान की रंडी बनने जा रही हो ,ये शर्म वर्म छोड़ो और सुधिया काकी कस के मा की चूत को घागरे के ऊपर से ही दबा लेती है ,मा के मुंह से दर्द की वजह से हल्की सी चीख “” आह ” निकाल जाती है
मा – क्या कर रही हो सुधिया
सुधिया – बोल में मुसलमान करीम की रंडी हूं
मा – ठीक है बाबा बोलती हूं “”में करीम की रंडी हूं”
सुधिया – नहीं ,मुसलमान करीम की रंडी बोल
मा – ठीक है “में मुसलमान करीम की रंडी हूं”
सुधिया – ये हुई ना बात,अब तू अपना मगलसुत्र लेले,और नए घाघरा ब्लाउस पहन ले
मा – क्यों , मगलसुत्र और नए कपड़ों की क्या जरूरत आ गई
सुधिया – मुसलामनी लंड के मजे लेने है तो इन चीजों की जरूरत पड़ेगी
मा – कैसे
सुधिया – मुसलमानों को हिन्दू औरतों को सुहागन बनाकर चोदने में बहुत मज़ा आता है,और एक तरह से ये हिन्दू औरतों के लिए सुहागरात ही होती है क्योंकि वो इतना बड़ा लंड वो पहेली बार ले रही होती है और अपनी सुहागरात से भी जादा मज़ा यहां आता है
मा – अच्छा ये बात है,ठीक है निकाल लेती हूं,लेकिन में वही कुटिया में ही पहनूंगी
सुधिया- ठीक है करीम की रंडी ,अब चले
मा – ठीक है
फिर मा और सुधिया निकाल जाते है
कुछ समय बाद दोनों कुटिया में पहुंच जाते है,फिर वहां सुधिया मा से कहती है कि तुम यहां तैयार हो जाओ में करीम को बुला लाती हूं
मा – ठीक है
सुधिया – एक दम मस्त तैयार होगा,जैसे अपनी शादी के दिन हुई थी,मांग में सिंदूर ,नाक में नथ,कान में बाली,और माथे पे बिंदी,और अपना मगलसुत्र जरूर पहन लेना
मा – तुम तो ऐसे बोल रही हो जैसे मेरी शादी हो
सुधिया – जब कोई हिन्दू औरत किसी मुसलमान से चुदती है तो वो उसकी पहली ही सुहागरात होती है ,तुम्हे पता चल जाएगा जब तुम करीम से चुदोगी
मा – अच्छा बाबा,चल अब जल्दी से बुला ले करीम को,अब और इंतजार नहीं होता
सुधिया- मा मेरी रण्डी,में जानती हूं तू बड़ी तड़प रही है अपनी हिन्दू चूत में मुसलमान का लन्ड लेने के लिए,बस अभी जाती हूं ,जब तक तू तैयार हो ले
मा – जल्दी जा
फिर सुधिया निकाल जाती है,उससे बीच में भी वह पहुंच जाता हूं और सुधिया को निकलते देख लेता हूं तो में भी उसी के पीछे निकल पड़ता हूं
कुछ दूरी पे में सुधिया के पास पहुंच जाता हूं
सुधिया – तू कब आया,
में – बस अभी अभी आया ही हूं, अब कहा जा रही हो ,करीम को बुलाने
सुधिया – हा ,चल तू भी साथ चल,अब उससे बात देते है की ती भी हमारे साथ ही है
मै- हा चलो
चलते चलते में सुधिया की गांड़ को देख रहा था इस बात का पता सुधिया काकी को चल जाता है तो वो बोलती है,क्या गांड देख रहा है ,देखनी है तो इस गाव की सबसे मस्त गांड को देख जो की तेरी मा की है
मा – अब देखने से क्या फायदा ,वो गांड मुझे तो जब तक नहीं मिलेगी जब तक वो करीम का मन नहीं भरा जाता,तब तक तुम्हारी गांड से काम चलाना पड़ेगा,और ये कहकर में हल्के से सुधिया की गांड़ दबा लेता हूं
सुधिया – इतना भी उतावला मत हो,आज रात को हम सब साथ में चुदाई करेगे ,करीम तेरी मा को चोदेगा और तू मुझे चोद लेना
में – मज़ा आ जाएगा,पूरी रात हम सब चुदाई करेगे
सुधिया इस बात पर हस जाती है और बोलती है पूरी रात तो चुदाई केवल करीम ही करेगा हम लोग तो बस देखेगे की कैसे वो मधु देवी को रगड़ रहा होगा क्योंकि तेरे में इतना दम नहीं की रात भर चोद सके
इस बात पर मुझे थोड़ा बुरा लगा,लेकिन फिर में चुप हो गया क्योंकि शायद सुधिया सही कह रही थी
फिर जल्दी ही हम करीम के यहां पहुंच जाते है
करीम अंदर तैयार ही बैठा था,करीम ने एक गंदा सा कुर्ता जो घुटनों तक आ रहा था जो कभी सफेद था लेकिन आज वो हल्का बुरे रंग का दिखाई दे रहा था और पजामा का कलर भी कुछ वैसा ही था ,लेकिन करीम की सफेद दाढ़ी च्चमक रही थी और सिर पे एक टोपी पहन रखी थी, यू कही तो एक भीकारी लग रहा था लेकिन कोन कह सकता था कि ये आज इस गाव की सबसे मस्त और गदराई औरत को चोदने वाला था
करीम सुधिया के साथ मुझे देख कर थोड़ा निराश सा हो गया लेकिन इससे बीच सुधिया बोल पड़ी “” चिंता मत करो करीम,ये रामू भी अपने साथ ही है,इसी कोई दिक्कत नहीं है कि तुम इसी मा को चोदो लेकिन बाद में इसे भी एक मोखा चाहिए कि ये भी अपनी मा चोद सके””
करीम खुश हो गया और बोला “” बस इतनी सी बात,बस एक बार में तेरी मा को चोद लूं फिर तुझे भी चुदवा दूंगा,””लेकिन जब तक मेरा मन नहीं भरता तुझे नहीं चोदने दूंगा , बोल मंजूर
में – हा मंजूर है
करीम – लेकिन जब में तेरी मा को चोदुगा तो तू कहा रहेगा
में – सुधिया बोल रही है कि आज दिन में बाहर खड़ा होकर ही चुपके से में तुम्हारी चुदाई देखूंगा और रात को मुझे अंदर बुला लेगी
करीम – रात का क्यों इंतज़ार कर रहा है,बस कुछ घंटो में ही में तुम्हे अंदर बुला लूंगा,बस एक बार अपना लंड तेरी मा की चूत में घुस जाए फिर तो तो किसी चीज की मना नहीं करेगी
और सुधिया तुम तो मेरे लिए एक फरिश्ता हो ,पता नहीं मैने कोनसा पुण्य किया था कि की अल्लाह ने तुम्हे एक फरिश्ते के रूप में मेरे पास भेज दिया ,और मुझे उस औरत तक पहुंचाया जिससे देखकर में पागल हो गया था और सपने में भी उससे ही देखता था और फिर मुझे उससे बेटे के सामने चोदने का मोखा भी दे रही हो जो मेरी साली से इच्छा थी
सुधिया – अरे करीम तुम मुझे शर्मिंदा कर रहे हो
करीम – नहीं बिल्कुल नहीं,आज में करीम एक मुसलमान तुझे वादा करना है कि में कभी भी तुम्हारी बात का माना नहीं करेगा चाहे तो तू मेरी जान भी मांग ले तो वो भी दे दूंगा
सुधिया – सच में
करीम – ये एक मुस्लमान का वादा है सुधिया

फिर हम लोग हमारी कुटिया की ओर निकल गए

में करीम का लन्ड देखा जो उसके पजामे के उभार से से पता चल रहा था कि वो भी कितना उत्सुक है मेरी मा को चोदने के लिए
और आज मेरी मा की हालत बहुत बुरी होने वाली थी और आज पूरे गाव के हिन्दू मर्दों की हार होने वाली थी कि इतने सालो से जो कोई भी मेरी मा को हासिल नहीं कर सका वो एक मुसलमान हासिल करने वाला था और बहुत रगड़ रगड़ के चोदने वाला था जिसका सपना गाव के हर हिन्दू मर्द ने देखा था

अगला पार्ट जल्दी ही आएगा apna replay jarur de

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12 thoughts on “मै मेरी मा और करीम पार्ट 7

  1. Hello Hindu Malkin or mere Muslim maliko m aaj se aapka kutta hu aap Jo kahoge m both karunga .aap kahoge to Devi ki mrti love lund see lagau lunga .latring kha lunga .msg me on Kik @mayank300monu

  2. Agli post me madhu karim se nikah kare aur islam dharam qubool kare. Vo uske saath roj non veg aur beef khaye. Vo burkha pehnke ghume . Unke bahut se muslim bache ho. Vo hindu devi devatao ko gaali de aur allah ko maane.

  3. vaise mene ek nayi story likhi hai short story hai jisme ek hindu maa ek musalim bache ko kam samjati hai lekin jab wo chodne pe aata hai to uski halat patli ho jaati hai,lekin yaha ke admin usse post hi nahi kar rahe

  4. yaha ka admin faltu faltu chize post kar dena hai lekin meri kai ghanto ki mehnat karke likhi hui story ko ignore karta hai,tumhara kya jata hai ,sab kuch post kiya karo
    sach me is site ka admin sahi nahi hai

    kam se kam reason to batao
    [email protected]

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