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माँ बहन की चुदाई अपने ही दोस्त और उसके अब्बू से Part 1

दोस्तों मेरा नाम दीपक शुक्ला है। मैं कानपुर का रहने वाला हूँ। मैं आप लोगों को अपने जीवन की सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ। वैसे तो आप लोगों ने ऐसी बहुत सी सच्ची कहानियां पढ़ी होगी जिसे पढ़ कर आप लोगों को बहुत मज़ा आया होगा। मैं आप लोगों को अपने जीवन की अनचाही कहानी बताने जा रहा हूँ। उम्मीद करता हूँ की मेरे जीवन की सच्ची कहानी पढ़ कर भी आप लोगों को मज़ा आएगा। इस कहानी में मैं आप लोगों को बताऊंगा कि कैसे मेरे ही एक मुस्लिम दोस्त ने मेरी बड़ी बहन प्रिया दीदी की जवानी के मज़े लिए और फिर मेरी मदद से मेरी छोटी बहन रिया और मेरी माँ रश्मी शुक्ला के मज़े लिए और अपने कुछ दोस्तों को भी मज़े दिलवाए।

पहले मैं आप लोगों को अपने और अपने परिवार के बारे में बता दूँ। हम घर में 4 लोग है। मेरी बड़ी बहन प्रिया शुक्ला उम्र उस समय 21 साल रही होगी और वो एक कॉलेज से M.A. कर रही थी। मैं भी उसी कॉलेज से B.A. कर रहा था और मेरी उम्र 19 साल थी। मेरी छोटी बहन रिया शुक्ला 17 साल की थी और वो 12th क्लास में थी। मेरे पापा सऊदी में पैसा कमाने गए थे और वही दूसरी शादी कर के अपना एक अलग घर बसा लिया था और हम लोगों से अब उन्हें कोई मतलब नहीं रह गया था। मेरी मम्मी रश्मि शुकला जो इंग्लिश से M.A. थी और घर का ख़र्च चलाने के लिए एक स्कूल में पढ़ाती थी और उनकी उम्र उस समय 40 साल रही होगी।

वैसे मैं पढ़ने में अच्छा था। लेकिन जब से मैंने कॉलेज में एडमिशन लिया और मेरे दोस्त बदले थे तब से मेरा मन पढाई में कम और लौंडियाबाजी में ज्यादा ध्यान देने लगा, क्या करे वैसे वो उम्र होती ही ऐसी है और मेरे नए दोस्त भी ऐसे ही थे। हम 5 दोस्त थे। हम लोगो से लड़कियां बहुत ही कम बात करती थी क्योंकि उन्हें मालूम था कि हम लोग एक नंबर के लोफड है और अक्सर छेड़खानी करते रहते है। हम दोस्तों में एक लड़का था जिसका नाम फरहान था। उसके पापा एक पावर फुल नेता थे और बहुत ज्यादा पैसे वाले थे। जिसकी वजह से सब लोग फरहान से डरते थे कोई भी फरहान और हम लोगो को कुछ भी नहीं बोलता था। हम लोग भी फरहान की सारी बाते मानते थे। मैं गर्व से बोलता था की मैं फरहान का दोस्त दूँ। लेकिन मैं ये नहीं जनता था की यही फरहान आगे चल कर मेरी बहनो और मम्मी को रंडियों की तरह चोदेगा और दूसरों से भी चुदवायेगा।
हम दोस्तों में मैं, फरहान, साबिर, विजय और पंकज थे। बाद में मुझे छोड़ कर इन सब ने मेरी दोनों बहनो और मम्मी की इज्जत लूट कर मज़े लिए।
साबिर के अब्बा फरहान के अब्बा का काम सँभालते थे । विजय का बाप पुलिस में था और जाति से चमार था और पंकज का बाप एक जमादार था। मैं, विजय और पंकज तीनी फरहान और सबीर की सभी बाते मानते थे

मैं और प्रिया दीदी एक साथ बाइक से कॉलेज जाते थे। कॉलेज पहुंच कर दीदी अपनी क्लास में चली जाती और मैं अपने दोस्तों के साथ लौंडियाबाजी और लोफडई में लग जाता। एक दिन हम लोग कैंटीन में बैठे थे। मैंने देखा की मेरी प्रिया दीदी अपनी एक सहेली के साथ आ रही है। वैसे प्रिया दीदी को मेरे दोस्तों के बारे में सब मालूम था। उन्होंने मुझे मना भी किया था पर मैंने उनके कहने पर ध्यान नहीं देता था। मैंने प्रिया दीदी को अनदेखा किया और अपने दोस्तों से बात करने में लगा रहा। तभी मेरा ध्यान फरहान की तरफ गया, वो हमारी बातो का ज्यादा जवाब नहीं दे रहा था। फरहान ठीक मेरे सामने बैठा था और मेरे पीछे बैठी मेरी प्रिया दीदी को ज्यादा देख रहा था। मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो प्रिया दीदी का चेहरा फरहान के सामने था फिर मैंने फरहान की तरह देखा वो दोनों एक दूसरे को देख रहे थे। वैसे तो मैं दूसरी लड़कियों को लाइन मरता और उन्हें छेड़ता भी था पर फरहान का इस तरह मेरी प्रिया दीदी को देखना मुझे पसंद नहीं आया। मैंने इसे अनदेखा कर दिया और फरहान से बोला की – हम लोग बाते कर रहे है और पता नहीं तुम क्या सोच रहे हो? मेरी इस बात को सभी दोस्त समझ गए।

विजय बोला- छोड़ यार फरहान ! जिसे तू देख रहा है वो वो इसकी बहन है।
फरहान बोला- हाँ अपने दोस्त की बहन है इसलिए केवल देख रहा हूँ, कुछ बोल या कर नहीं रहा हूँ, नहीं तो अब तक न जाने क्या क्या कर चूका होता। फिर मुझसे बोला की यार तेरी बहन बड़ी अच्छी और सुन्दर है।
इस बात पर मुझे बहुत गुस्सा आया और मैं फरहान से बोला की मेरी बहन ऐसी-वैसी नहीं है जो किसी भी ऐरे-गैरे के हाँथ लग जाये। अपना चेहरा देख आईने में फिर ऐसी बात करना। वैसे भी हम लोग पंडित है, वो तुझे बिलकुल भी भाव नहीं देगी।
इस बात पर सभी हसने लगे और साबिर बोला – तू हिन्दू, मुसलमान, पंडित, चमार, जमादार छोड़। हम लोगो में सिर्फ तू ही पंडित है और तेरी ही दो-दो बहने है वो भी एकदम मस्त माल। वो तो तू अपना दोस्त है, नहीं तो फरहान भाई न जाने कब का इन्हे रंडियों की तरह चोद चूका होता।
इस पर पंकज बोला- केवल फरहान ही नहीं बल्कि हम सब लोग तेरी बहनो की जवानी का मज़ा ले चुके होते। वैसे पंडित लड़कियां बहुत हॉट & सेक्सी होती है। उनकी बुर बहुत मस्त होती है, उनकी बुर लेने में बहुत मज़ा आता है। साली एकदम चिपक कर अपनी बुर देती है। वो गरिमा याद है ! कैसे चिपक कर अपनी बुर मरा रही थी, उछल-उछल कर पूरा लण्ड अंदर ले रही थी। वो भी पंडित थी। वो तिवारी थी और तू शुक्ला। तेरी बहन तो उससे भी ज्यादा मज़ा देगी। इसलिए बकवास बंद कर और समोसा खा। कोई तेरी बहन को नहीं छेड़ रहा है। सब हंसने लगे।
काश मैं उस समय चुप हो गया होता तो शायद बात वही ख़त्म हो जाती, लेकिन वो बोलते है न की “विनाश काले विपरीत बुद्धी” और मुझे उस समय बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन कैंटीन में होने की वजह से मैं धीरे से बोला – भोसडीवालों हम पंडित के घरों की लड़कियां तुम मुसलमान, चमार, जमादार के घर की लड़कियों की तरह कहीं भी मुहं मारते नहीं फिरती है। तुम लोग किसी लड़की के साथ जबरदस्ती के अलावा कुछ नहीं कर सकते। भाड़ में जाये ये समोसा और मैंने समोसे की प्लेट विजय की तरफ धकेल दी।
इस पर सब मेरी तरफ देखने लगे। मैं गुस्से से लाल हो रहा था।

साबिर फरहान से बोला- फरहान भाई हमारी बेज्जती तो चल जाती पर समोसे की बेज्जती बदास्त नहीं हो रही, भाई ये नहीं हो सकता। अब तुम कुछ करो या आज से समोसा खाना छोड़ दो।
फरहान ने एक गहरी सांस ली और मुझसे बोला- देख दीपक अभी तक मैं इस बात को और नहीं बढ़ाना चाहता था पर तूने अब लिमिट क्रॉस कर दी। अब मुझे कुछ करना ही पड़ेगा।

सब दोस्त फरहान से सहमत थे। मुझे लगा की अब ये लोग कही मेरी प्रिया दीदी का रपे करने की प्लानिंग करेंगे। मैं बहुत दर गया, लेकिन मुझे मालूम था की अगर मैं इनकी मर्दानगी को उठा दिया तो ये लोग मेरी बहन का रपे नहीं करेंगे बल्कि उसे पटाने की कोशिश करेंगे और मुझे अपनी बहन पर पूरा विश्वास था की वो इनमे से किसी के हाँथ नहीं लगेगी।
मैं तुरंत बोला- बहचोदो! अगर असली मर्द हो तो जबरदस्ती मत करना, दम है तो ऐसे पटा के दिखा सकते हो तो बोलो।
मेरी ये बात सुन कर सब एकदम सीरियस हो गए। फरहान ने एक गहरी सांस ली और मुझसे बोला- चल ठीक है। हम तेरी बहन को पटा कर चोदेंगे, फिर उसके बाद वो हमारी हो जाएगी और हम जो चाहे उसके साथ करे, जहाँ चाहे जैसे चाहे वैसे करेंगे। तू हमें मना नहीं करेगा। तू मुझे जीजा जी बोलेगा और हमारे लण्ड की पप्पी लगा। बोल मंज़ूर है ?
मैंने कहा- अगर तुम लोग मेरी बहन को नहीं पटा पाये तो ?

फरहान बोला- अगर हम तेरी बहन को नहीं पटा पाए तो हम लोग रोज़ तुझसे अपनी गांड मरवाएंगे और तेरे लण्ड की पप्पी लेंगे।
मुझे हंसी आ गई और मुझे लगा की मेरी लॉटरी निकल गयी क्योंकि मेरी प्रिया दीदी बहुत सीधी थी और आज तक उनका किसी लड़के के साथ कोई चक्कर भी नहीं था। वो गर्ल्स स्कूल में पढ़ती थी और अब मेरे साथ कॉलेज आती-जाती है। इसलिए मैंने बिना कुछ सोचे तुरंत मुस्कुराते हुए बोला- चल ठीक है। मुझे ये शर्त मंजूर है, पर इस बात का कोई गवाह भी होना चाहिए नहीं तो तुम लोग अपनी बात से मुकर गए तो ?
फरहान बोला- मैं तो नहीं मुकुरुगा, पर तेरा भरोसा नहीं। छोटू और लकी गवाह के लिए कैसे रहेंगे ?
छोटू उसी कैंटीन में चाय देता था और लकी कैंटीन का मालिक था।
मैं बोला- टाइम लिमिट भी सेट करो।
फरहान बोला- एक महीना।
मैं बोला- ठीक है।

फरहान बोला- तो बुलाऊ छोटू और लकी को ?
मैं बोला- हाँ ठीक है बुलाओ।
तभी साबिर बोला- फरहान भाई सब कुछ तो ठीक है पर इसने जो समोसे की बेज्जती की है उसका क्या ?
फरहान बोला- यार अब हम समोसा तभी खाएंगे जब इसकी बहन नंगी हो कर समोसा बनाएगी और नंगी ही हमें अपने हांथो से समोसा खिलाएगी।
साबिर बोला- ये हुयी न बात। चल अब बुला छोटू और लकी को।
फरहान छोटू को बुलाता है और कहता है – छोटू जा अपने मालिक लकी को बुला के ला।
छोटू- क्यों फहराएं भाई ? कोई गलती हो गयी क्या ?
फरहान बोला- तू अपना ज्यादा दिमाग न चला। तेरी लॉटरी खुलने वाली है। जा अपने मालिक लकी को बुला के ला।
मैं छोटू से उन लोगों को चिढ़ाने के लिए बोला- साथ में एक प्लेट समोसा भी ले आना।
थोड़ी ही देर में छोटू और लकी दोनों आ गए और छोटू ने एक समोसे की प्लेट मुझे दे दी, और मैं समोसा खाते हुए लकी से बोला- यार लकी तेरे समोसे बहुत अच्छे है, पुरे कानपुर में ऐसे समोसे नहीं मिलेंगे।
फरहान मुझसे बोला- चुप साले भोसड़ी के।

लकी बोला- जी फरहान भाई। मुझे क्यों बुलाया आपने।
फरहान बोला- यार लकी हम लोगो में एक शर्त लगी है और हम चाहते है की तू और छोटू इस शर्त में जज बनो।
लकी बोला- इसमें मेरा क्या फायदा होगा ? कुछ फीस मिले तो ठीक है या कम से कम शर्त का एक हिस्सा तो हमारा भी होना चाहिए।
फरहान बोला- एक हिस्सा नहीं ! पूरा मिलेगा। बस तुम दोनों जज बनने के लिए तैयार हो जाओ।
छोटू बोला- भईया जी शर्त तो बताइए फिर देखते है।

फरहान मेरी बहन प्रिया दीदी की तरह इशारा करते हुए बोला- वो जो नीले सूट से मस्त लड़की बैठी है गोरी सी।
लकी और छोटू मेरी तरफ देखने लगे और मैं उन दोनों को अनदेखा करते हुए समोसा खा रहा था।
लकी बोला- वो तो दीपक भाई की बहन प्रिया है।

फरहान बोला- हाँ तूने सही पहचाना वो इस भोसडीवाले की बहन प्रिया है, तो शर्त ये है की हम इसकी बहन को एक महीने में पटा कर हम सब चोदेंगे। अगर वो चुद गयी तो दीपक हमें जीजा जी बोलेगा और रोज हमारे लण्ड की पप्पी लगा।
मैं बोला- अगर नहीं पटा पाए तो ?
फरहान बोला- अगर हम एक महीने में इसकी बहन को नहीं पटा पाए तो दीपक का जब भी मन करेगा ये हमारी गांड मरेगा और हम इसके लण्ड की पप्पी लेंगे।

लकी बोला- वैसे दीपक भईया आपका जिगर बहुत बड़ा है जो ऐसी शर्त लगा ली। वैसे फरहान भाई इसमें मुझे क्या मिलेगा या मेरा क्या फायदा होगा ?
फरहान बोला- तुझे और छोटू को भी इसकी बहन प्रिया की चूत दे देंगे और अगर हम शर्त हार गए तो तुम लोग भी हमारी गांड मर लेना।
लकी बोला- सॉरी दीपक भईया पर मैं तो यही चाहूंगा की आप ये शर्त हार जाओ।
और सब हंसने लगे, फिर लकी फरहान से बोला की मुझे आपकी गांड नहीं चाहिए बस आप प्रिया की चूत दिला देना।
छोटू बोला- फरहान भाई मेरा लौड़ा तो अभी से प्रिया दीदी की गोरी, चिकनी और मस्त चूत के बारे में सोच कर खड़ा हो रहा है।
वो सब हंसने लगे।

फरहान बोला- छोटू सब्र कर, सब्र का फल मीठा होता है।
मैं बोला- साले छोटू ज्यादा खयाली पुलाव मत पकाओ। जब मैं इन भोसडीवालों की गांड मरूंगा तब इसने चेहरे देखना। तब इनको समझ में आएगा की कैसी शर्त लगायी है।

मुझे अपनी बहन पर पूरा विश्वास था की वो किसी से नहीं पटेगी और मैं ये शर्त जीत जाऊंगा।
लकी हँसते हुए छोटू से बोला- छोटू जा सबके लिए गरम-गरम समोसा ले कर आ, वो भी दही-चटनी के साथ।
फरहान बोला- लकी अब समोसा रहने दे। समोसा तो अब हम तब खाएंगे जब इसकी बहन नंगी हो कर स्पेसल समोसा बनाएगी और नंगी ही अपने हांथो से हमें खिलाएगी। तू पकौड़े माँगा ले।

छोटू बोला- ओह! तो बात यहाँ तक पहुँच गयी है, फिर तो अब प्रिया दीदी के कपडे पक्का उतरेंगे। पर फरहान भईया हम भी वो स्पेसल समोसा खाना चाहेंगे। और वो हँसता हुआ पकौड़े लेने चला गया।
तभी लकी बोला- फरहान भाई वो चिड़िया तो इधर ही आ रही है।
मुझे फिर से बहुत गुस्सा आने लगा पर मैं कुछ नहीं बोला। सब लोग शांत थे। तभी पीछे से मुझे प्रिया दीदी की आवाज़ सुनाई दी – “दीपक तुम कब से यहाँ बैठे हो, किसी क्लास में भी चले जाया करो। अब क्लास में जाओ। सारा दिन आवारा गर्दी करते रहते हो ”
मैं बोला- ठीक है जा रहा हूँ दीदी। मुझे अपनी क्लास की चिंता है। दिन भर टोका-टाकी मत किया करो। समोसा खा लूँ फिर जाता हूँ।
प्रिया दीदी बोली – तुम बस दिन भर समोसा ही खाते रहना। और इतना बोल कर प्रिया दीदी वहां से चली गयी।
प्रिया दीदी के जाते ही साबिर बोला- हाय ! डार्लिंग अब तो तू ही हम सब को समोसा बना के खिलाया करेगी।
सब हंसने लगे।

फरहान बोला- साली की गांड और कमर कितनी मटकती है। इसकी बुर मारने में बहुत मज़ा आएगा।
लकी बोला- सब तो ठीक है ! यार प्रिया माल तो बहुत तगड़ा है पर उसकी चूची कुछ छोटी है।
साबिर बोला- कोई बात नहीं यार, हम उसकी चूची मसल-मसल के बड़ी कर देंगे।
मुझे बहुत गुस्सा आ रही थी। मैं बोला- तुम लोग अपनी बकवास जारी रखो। मैं जा रहा हूँ।
फरहान बोला- ठीक है भोसडीके तू जा और हम सब प्लानिंग करते है तेरी मस्त हिन्दू बहन को रंडी बनाने की। और सब हंसने लगे।
मैं उस दिन कॉलेज के बाद शाम को अपनी प्रिया दीदी को ले कर घर आ गया। मैं ऐसी शर्त से काफी परेशान था और डर भी लग रहा था लेकिन मुझे अपनी प्रिया दीदी पर यकीन भी था। शर्त के बारे में सोचते-सोचते मेरा ध्यान प्रिय दीदी के सीने पर गया और लकी की बात मेरे दिमाग में आई – “यार प्रिया माल तो बहुत तगड़ा है पर उसकी चूची कुछ छोटी है। सच में अब मुझे भी प्रिया दीदी की चूची उनकी उम्र की दूसरी लड़कियों से काफी छोटी थी। इसमें मुझे एक बात समझ में आ गयी की मेरी प्रिया दीदी का आज तक किसी लड़के से पटी नहीं और न ही उन्होंने खुद कोई गलत काम किया है। यानि की प्रिया दीदी के किसी से फसने के चांस बहुत कम थे। ये सोचते-सोचते मैं सोने चला गया।
अगले एक-दो हफ्ते आराम और अच्छे से निकल गए। बीच-बीच में छोटू कभी-कभी पूछ लेता था की भईया शर्त का क्या हुआ ? फरहान और दूसरे लोग बोल देते की शर्त कौन सी शर्त और मैं छोटू से बोलता की इन लोगो की गांड मैं ही मरूंगा।

एक दिन कैंटीन में सिर्फ हम चार लोग ही बैठे थे, फरहान नहीं आया। मैंने साबिर से पूछा की आज फरहान कहाँ चला गया।
साबिर बोला- फरहान आ रहा था पर रस्ते में स्वेता बुला के ले गयी। वो फरहान को कोई गुड न्यूज़ देना चाहती थी।
मैं बोला- कौन स्वेता और कैसी गुड न्यूज़ ? वो गुड न्यूज़ हमारे सामने भी बता सकती थी। ऐसी कौन सी गुड न्यूज़ है जो हमारे सामने नहीं बताई जा सकती।
साबिर बोला- तेरी प्रिया दीदी की सीनियर स्वेता और गुड न्यूज़ तो फरहान के आने के बाद ही पता चलेगी।
फरहान करीब चार घंटे बाद आया। उसके चेहरे पर मुस्कान थी और उसके बाद मैं कभी भी दिल से मुस्कुरा नहीं पाया। फरहान ने मेरी बहन को जीत लिया था, उसने मेरी बहन को एक लड़की की तरह नहीं बल्कि एक रंडी की तरह जीता था। इसके बाद फरहान जो-जो बोलता गया मेरी बहन करती रही। फरहान ने वो सब कुछ किया जो मैंने सपने में भी उसके बारे में कभी सोच भी नहीं सकता था।
दोस्तों मैं आप लोगो को स्वेता के बारे में कुछ बता दूँ। वो मेरी प्रिया दीदी सीनियर थी। वो पढ़ने में अच्छी नहीं थी पर हमेशा टॉप आती थी। एक बार फरहान और उसके दोस्तों ने स्वेता को उसके बॉय फ्रेंड के साथ गार्डन में पकड़ा था और उसके बाद सब ने अपना हाँथ साफ़ किया था। स्वेता को उसके बॉय फ्रेंड के सामने ही सब ने उसे खूब चोदा था। उसके बाद फरहान ने स्वेता को अपनी रंडी बना कर कई बार चोदा और दूसरों से भी चुदवाया। फरहान ने अपने अब्बू को भी स्वेता की जवानी और उसके जिस्म का मज़ा दिलवाया था जिसके कारण फरहान के अब्बू ने यूनिवर्सिटी वालो से बोल कर स्वेता को टॉप करवाया था। जिस टाइम साबिर ने मुझे ये बताया था की फरहान को स्वेता बुला के ले गयी है उस टाइम तक मैंने सोचा भी नहीं था की मेरी बहनो का भी यही हाल होने वाला है, बल्कि उससे भी ज्यादा और गन्दा। अब जल्दी ही मेरी दोनों बहने और मम्मी फरहान के हाँथ की कठपुतली होने वही थी। इन सब का जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ मैं था।

लगभग चार घंटे बाद फरहान आया और वो बहुत खुश लग रहा था।
मैंने विजय से पूछा की – आज फरहान बहुत खुश लग रहा है। लगता है स्वेता ने फरहान को कोई नहीं चिड़िया दी है।
विजय बोला- हाँ यार लगता तो कुछ ऐसा ही है।
तब तक फरहान हमारे पास आ गया और मुझे बोला- और साले साहब क्या हाल-चाल है ?
मैं एकदम से चौक गया और मेरे दिमाग में तुरंत यही बात आई की क्या मैं शर्त हार गया और ये बात सही थी की मैं शर्त हार चूका था। मैं इन सबका साला बन चूका था और मेरी बहन इन सबकी रंडी बनने के लिए तैयार हो गयी थी।
पंकज बोला- क्या बोल रहा है भाई ! क्या इसकी बहन प्रिया फस गयी ?
फरहान मेरी तरह देख कर मुस्कुराते हुए बोला- हाँ फस गयी। साली को अपना लौड़ा चुसवा के आ रहा हूँ। आल्हा कसम बहुत मज़ा आया। बस उसकी चूत पर झांटे बहुत ज्यादा है इसलिए उसे चोदा नहीं, नहीं तो आज ही उसे चोद कर उसकी बुर का भोसड़ा बना देता।
ये बात सुन कर छोटू और लकी भी वही आ गए।
फरहान आगे बोला- साली एकदम कड़क माल है, एकदम हॉट और सेक्सी। एकदम कसी हुयी चूची, उठी हुयी गांड और सबसे बड़ी बात की अभी तक साली की बुर सील पैक है।

फरहान की ये बाते सुन कर सभी चौक गए और एक साथ बोल पड़े – क्या बात कर रहे हो गुरु ! साली अभी तक सील बंद है ?
छोटू अपना लौड़ा मसलते हुए बोला- फरहान भाई क्या आप सच बोल रहे हो ! मुझे भी उस साली के मज़े दिलवाना भाई।
लकी सब को बीच में टोकते हुए बोला- क्यों दीपक भाई की गांड फाड़ रहे हो ? कोई साबुत हो तो बताओ।
मैं भी दबी आवाज़ में बोला- हाँ कोई साबुत हो तो बात करो, नहीं तो मैं जा रहा हूँ। और मैं उठ कर खड़ा हो गया।
फरहान ने मेरा हाँथ पकड़ लिया और बोला- अबे साले तुझे साबुत चाहिए ! रुक अभी सबूत सुनाता भी हूँ और दिखता भी हूँ। जब तक तेरी बहन ने कपडे पहने थे तब तक की वॉयस रिकॉर्डिंग है और जब तेरी बहन ने अपने कपडे उतारना शुरू किये और जब तक उसने दुबारा अपने कपडे नहीं पहने तब तक की वीडियो रिकॉर्डिंग भी बनायीं है। अगर तुझे और साबुत चाहिए तो ये ले अपनी बहन के कपडे।
फरहान ने अपने बैग से एक समीज़, ब्रा और पैंटी निकाल कर मेरी तरह फेंका।
ये मेरी प्रिया दीदी की ही समीज़, ब्रा और पैंटी थी, मैं इन कपड़ो को अच्छे से पहचानता था।
फिर फरहान मुझसे बोला- भोसडीके तेरी सीधी-साधी बहन आज पुरे कॉलेज में बिना ब्रा, पैंटी और समीज़ के और दुप्पटे में बिना सेफ्टी पिन लगाए घूम रही है। एकदम रंडी की तरह। जा कर देख ले।
ये सुन कर और अपनी बहन के ये कपडे देख कर मेरे हाँथ-पैर ठंडे पड़ गए। मैं कुछ बोल नहीं पाया।
छोटू जो उस कैंटीन में बर्तन धोने और सबकी झूठी प्लेट साफ़ करने वाले ने मेरी आँखों के सामने मेरी बहन की पैंटी उठाई और अपने मुंह से लगा कर सूंघने लगा और बोला- लगता है चूत में भी सेंट लगाती है।
छोटू की ये बात सुन कर सब हंसने लगे।
पंकज ने मेरी प्रिया दीदी की ब्रा उठाई और उसे देखते हुए बोला- साली की चूची अभी छोटी है, लगता है अब हमें ही बड़ी करनी पड़ेगी।
सब फिर से हंसने लगे।
छोटू अभी भी मेरी बहन की पैंटी को अपनी नाक में लगा कर सूंघ रहा था। मैं खड़े हो कर सब देख रहा था पर अब मैं कुछ कर नहीं सकता था।
साबिर बोला- यार इन पंडित लोगो के साथ सबसे बड़ी परेशानी यही है की खुद की माँ-बहन बाहर रंडियों की तरह चुदवाती रहेंगी और ये लोग दूसरे की लड़कियों पर मुंह मारते रहते है और बोलते है की हम पंडितों की लड़कियां बहुत सीधी और शरीफ होती है।
ये सुन कर सब हंसने लगे और मेरी आँखों में आंसू आने लगे, पर मैं कुछ बोल नहीं पा रहा था।
फरहान ने मेरा हाँथ पकड़ कर मुझे कुर्सी पर बैठाया और बोला- देख यार रो क्यों रहा है ! कल को जब तेरी बहन की शादी होगी तो भी कोई उसे चोदेगा। बस अभी फर्क इतना है की वो शादी से पहले चुद रही है और जब तेरी बहन को अपनी बुर देने में कोई प्रॉब्लम नहीं है तो तुझे क्यों कोई प्रॉब्लम हो रही है। आज तक मैंने और तूने कितनी लड़कियों को चोदा है। वो भी तो किसी की बहन थी और किसी की माँ बनेंगी। ये सब छोड़ और रोना बंद कर। अब तू भी अपनी बहन और माँ की चुदाई के मज़े ले। तू ये पंडित, चमार, जमादार, मुसलमान छोड़ इन सबसे कुछ नहीं होता। लड़की के पास चूत होती है और उन्हें लण्ड चाहिए फिर वो लण्ड चाहे किसी का भी हो। तू यहाँ रो रहा है और वहां जा के देख तेरी बहन बिना कपड़ों के कितनी खुश है। अगर हमने तेरी बहन और माँ को चोदा तो इसमें तेरा भी फायदा होगा।
मैंने फरहान की तरफ आंसू भरी आँखों से देखा और बोला- इसमें मेरा क्या फायदा होगा ?
फरहान बोला- तुझे मालुम है की तेरी बहन प्रिया क्यों चुदने के लिए तैयार हुयी।
मैं रोते हुए बोला- नहीं ! मुझे नहीं मालुम।
फरहान मुस्कुराया और बोला- एग्जाम में 1st आने के लिए, क्लास में टॉप करने के लिए। अगर तेरी बहन अपने लिए मुझसे और मेरे अब्बू से यहाँ तक की एक गन्दी प्लेट धोने वाले छोटू से चुदने के लिए तैयार है तो सोच अपने भाई के लिए वो क्या कुछ नहीं करेगी।
मुझे फरहान की ये बात अच्छी लगी और मेरे चेहरे पर हलकी सी मुस्कान आ गयी जिसे देख कर सब लोग हूटिंग करने लगे। जिससे मेरा डर और शर्म थोड़ी काम हुयी। मुझे अच्छा भी लगा और मैंने सोचा की सच में अगर वो अपने नंबर बढ़वाने के लिए ये सब कर सकती है तो मेरे लिए भी करेगी और अच्छे नंबर और 1st आने में मेरा ही फायदा है। उसे कल किसी न किसी से चुदना ही है। अगर प्रिया दीदी मेरे दोस्त फरहान और उसके अब्बू से चुद जाये और मेरा फायदा हो तो इसमें क्या बुराई है। खैर मैं कुछ बोला नहीं सिर्फ हल्का सा मुस्कुरा दिया।
फरहान बोला- यही नहीं मेरे साले साहब, अगर तेरी बहन के साथ-साथ तेरी माँ भी हमसे चुदवाने लगी तो सोच तुझे कितनी आज़ादी मिल जाएगी। जब चाहो जहां चाहो जाओ, जो तेरा मन करे वो करो, कोई रोकेगा नहीं, पैसे देने में भी वो कभी आना-कानी नहीं करेगी, पूरी आज़ादी ही आज़ादी। क्यों सही बोल रहा हूँ न मैं ?
अब मुझे भी थोड़ा-थोड़ा अच्छा लगने लगा था। मैं अपने आंसू पोछते हुए और हल्का सा मुस्कुराते हुए बोला- हाँ ठीक है भाई, पर मेरी छोटी बहन रिया का क्या करोगे ?
फिर से सब ने हूटिंग की और मेरा साथ दिया। साथ देते भी क्यों नहीं, उन्हें मेरे घर की लड़कियां जो मिल रही थी फ़ोकट में। मैं समझ गया था की अब मेरी छोटी बहन रिया भी ज्यादा दिन बच नहीं पायेगी। इसलिए मैंने उसके बारे में भी पूछ लिया। मैंने एक गहरी साँस ली और देखा की छोटू अभी भी मेरी प्रिया दीदी की पैंटी सूंघ कर अपना लण्ड मसल रहा है। मैंने मुस्कुराते हुए तुरंत उसके हाँथ से पैंटी ले ली और बोला- साले पंडित लड़की मिली नहीं की अपना कमीनापन शुरू कर दिया।
सब लोग हंसने लगे और लकी छोटू के कंधे पर हाँथ रखते हुए बोला- कोई बात नहीं छोटू अब तुझे पैंटी नहीं सूंघनी पड़ेगी अब तो पण्डिताइन को चोदने की तैयारी कर ले।

सब लोग फिर हसने लगे और मैं भी उन सब के साथ हंस दिया।
मैंने पंकज के हाँथ से अपनी बहन की ब्रा भी ले ली और समीज़ जो की अभी भी टेबल पर पड़ी थी उसे भी ले कर अपने बैग में रख ली।
साबिर बोला- यार दीपक एक बार हम सब को अपनी माँ की बुर दिला दे फिर तेरी बहन को जॉकी की कट वाली पैंटी और नेट वाली ब्रा पहनाएंगे।
फरहान बोला- क्यों इसकी माँ को चोदने के बाद क्यों ? अभी क्यों नहीं ?
साबिर बोला- भाई अभी पैसे कौन देगा ? इसका बाप। वो तो इसकी माँ और बहनो को हमसे चुदने के लिए छोड़ गया है। अब इसकी माँ हमसे चुदेगी और हमें पैसे भी देगी। तभी तो इन्हे फैशन कराऊंगा। इसकी माँ कमाती भी है।
सब हसने लगे और मैं बोला- अब मेरी माँ और दोनों बहने तुम लोगो की अमानत है। जो करना हो करो पर मैं कुछ नहीं करुगा। मैं सिर्फ देखूंगा और मज़े लूंगा।
फरहान बोला- ठीक है। हम रोज तेरी माँ और बहनो की चूत मारेंगे और देख कर मज़े लेना।
साबिर बोला- मैं तो इसकी माँ को चोद कर एक बच्चा भी पैदा करवाऊंगा।
सब लोग फिर से हंसने लगे और मैं भी इनके साथ हंस दिया। अब मुझे अपने दोस्तों की बाते ख़राब नहीं लग रही थी और न ही मुझे अब गुस्सा आ रहा था।
इस बीच लकी फरहान से बोला- अच्छा चल भाई अब प्रिया का ऑडियो और वीडियो तो दिखा। मैं भी तो देखू अपनी होने वाली रंडी को।
मुझे छोड़ कर सभी लोग फरहान से यही बोलने लगे।
फरहान बोला- ठीक है। लेकिन अपनी होने वाली प्रिया रांड की एक छोटी सी शर्त है।
विजय बोला- यही ना की ये बात किसी को पता न चले। हमें मंजूर है। आखिर अपने जिगरी दोस्त की बहन है कोई सड़क पर चलती रंडी तो है नहीं ।
सब हसने लगे मैं भी थोड़ा मुस्कुरा दिया।
फरहान बोला- हाँ ये तो है पर एक प्रॉब्लम और है। प्रिया के 2-3 दिन में पीरियड्स शुरू होने वाले है। वो बोली है की वो सबके सामने चुदने के लिए तैयार है, पर जब उसकी सील टूटेगी तो सिर्फ एक ही उसकी सील तोड़ेगा और जब तक उसकी चूत का दर्द खत्म नहीं हो जाता तब तक कोई उसे चुदाई के लिए नहीं बोलेगा।
साबिर बोला- मादरचोद रांड के नखरे बहुत है। कब तक छिनार की चूत में दर्द रहेगा ?
फरहान बोला- सील टूटने के 2-3 दिन तो उसकी चूत में दर्द रहेगा, फिर उसके बाद उसकी चूत खून देने लगेगी यानि की उसके पीरियड्स शुरू हो जायेंगे। लगभग एक हफ्ता लगेगा उसे नार्मल होने में और तुम लोग उसके बाद ही उसकी चूत मार पाओगे।
छोटू बोला- इतना लम्बा बयाना क्यों ले ले लिया भईया जी ? आप तो कल ही उस छिनार के मज़े ले लोगे और हम लोग इतने दिन इंतजेर करें छिनार के लिए।
साबिर बोला- हाँ यार इतना लम्बा बयाना क्यों लिया ? अब जब तक मेरा लण्ड इसकी रंडी बहन की बुर नहीं मारेगा तब तक मेरे लण्ड को चैन नहीं मिलेगा।
फरहान बोला- यार अपने दोस्त की बहन है, कोई सड़क चलती छिनार नहीं है। वैसे भी अब वो रांड कहाँ भाग के जाएगी ! पीरियड्स में चुदाई के अलावा सब कुछ करेगी। लण्ड चूसेगी, अपनी चूची दबवएगी, चूची पिलाएगी बस अपनी बुर में नहीं डलवा पायेगी। इतना तो सब्र कर लो दोस्तों।
पंकज बोला- चल ठीक है कोई बात नहीं। इसकी बहन नहीं तो इसकी माँ को चोदेंगे। अब दीपक हमारे लिए इतना तो कर ही सकता है। क्यों दीपक हमें अपनी माँ की चूत दिलाएगा न ?
मैं थोड़ा मुस्कुराते हुए बोला- हाँ ठीक है, जैसा तुम लोगो को सही लगे।
सब ने हाँ में सर हिल दिया। सबके मन में मेरी बहन और माँ को चोदने की कसक साफ़ दिख रही थी।
छोटू बोला- फरहान भाई अब जल्दी से दिखा दो मेरी पंडिताइन की चूत-चूची और क्या बात हुयी उस रंडी से ये भी सुना दो।
पंकज, विजय, साबिर और लकी सब फरहान से दिखाने और सुनाने के लिए बोलने लगे।
फरहान बोला- ठीक है। बस एक बात और है। दीपक तू अपनी बहन की समीज़, ब्रा और पैंटी छोटू को दे दे। मैंने तेरी बहन से बोला है है कॉलेज बंद होने के बाद वो अपने ये कपडे छोटू से ले लेना और आज तेरे भाई दीपक को इस बारे में कुछ नहीं बताएँगे। इसलिए तू ये ऑडियो और वीडियो देखने के बाद यहाँ से चले जाना। जब तेरी बहन छोटू से अपने ये कपडे लेने आएगी तब हम लोग उसके साथ थोड़ा मज़ा लेंगे और उसको कपडे पहना कर आएंगे।
मैंने हाँ में सर हिला दिया और अपने बैग से अपनी प्रिया दीदी की समीज़, ब्रा और पैंटी निकाल कर छोटू को दे दी। छोटू वो कपडे ले कर खुश हो गया और उसने मेरी प्रिया दीदी की ब्रा-पैंटी अपनी गंदे से कच्चे के अंदर डाल लिया और समीज़ को हाँथ में पकडे रहा और बोला- भाई अब जल्दी से शुरू करिये।
फरहान ने अपनी जेब से मोबाइल निकाला और सब को चुप रहने को बोला। सब चुप हो गए।
फरहान ने सबसे पहले ऑडियो शुरू किया जिसमे उसकी और प्रिया दीदी के बीच की बात-चीत रिकॉर्ड थी।
अब मैं जो लिखने जा रहा हु वो उस ऑडियो रिकॉर्डिंग में थी। –
प्रिया दीदी- अस्सलाम -वालेकुम फरहान जी।
फरहान- वालेकुम-अस्सलाम। तू तो अपने दोस्त दीपक की बहन है न !
(मैं प्रिया दीदी की आवाज़ पहचान गया था की ये सच में मेरी प्रिया दीदी ही है)
प्रिया दीदी- जी हाँ। मुझे स्वेता मैडम ने सब बता दिया है। मैं सब करने के लिए तैयार हूँ पर एग्जाम में आप मेरे नंबर बढ़ावा देंगे न।
फरहान- हाँ। तू उसकी चिंता न कर। पूछ ले जितनी लड़कियों को चोदा है वो सब फर्स्ट क्लास पास हुयी है। तू उसकी टेंशन मत ले। तू बस ये सोच की हमें कैसे-कैसे मज़े देगी।
प्रिया दीदी- मुझे बस एक बात का और डर है।
फरहान- किस बात का डर है ? बोल।
प्रिया दीदी – जी इस बात का दीपक को पता न चले तो अच्छा रहेगा।
फरहान- ऐसा नहीं हो सकता। उसे इस बारे में पता तो चल ही जायेगा। अगर मैं नहीं बताऊंगा तो कोई और उसे इस बारे में बताएगा। उसे भी पता चलने दे। पता चल भी गया तो क्या करेगा ? वो अपनी बहन के बारे में किसी से कुछ नहीं बोलेगा।
प्रिया दीदी- अगर दीपक ने घर में बता दिया तो मेरा कॉलेज आना बंद हो जायेगा।
फरहान- बहन की लौड़ी तू दीपक की चिंता मत कर मैं उसे समझा दूंगा। एक रण्डी के चक्कर में मैं अपने दोस्तों के साथ गद्दारी नहीं करूँगा साली छिनार। चुदवाना है तो चुदवा नहीं तो जा कर पढाई कर। शायद पास हो जाये।
प्रिया दीदी कुछ सोच कर बोली- ठीक है। आप दीपक को समझा देना और मैं आपके साथ और आपके सभी दोस्तों के साथ बस कुछ करने के लिए तैयार हूँ।
फरहान- ऐसे नहीं बहन की लौड़ी। बोल की मैं आपकी और आपके दोस्तों की पालतू कुतिया और सड़क छाप रंडी बनने को तैयार हूँ। आप लोग जहाँ बोलेंगे, जैसा बोलेंगे वहां अपनी चूत मरवाऊंगी।
स्वेता और प्रिया दीदी के हसने की आवाज़ आती है और फिर प्रिया दीदी बोलती है- ठीक है फरहान जी। मैं आपकी और आपके सभी दोस्तों की पालतू कुतिया और सड़क छाप रंडी बनने के लिए तैयार हूँ। आप लोग जहाँ बोलेंगे, जैसा बोलेंगे वहां अपनी चूत मरवाऊंगी।
फिर से स्वेता और प्रिया दीदी के हसने की आवाज़ आती है और स्वेता प्रिया दीदी से बोलती है- तू तो एकदम से आगे ही भाग रही है। लगता है की तुझे काम से नहीं अपनी चूत की आग से ज्यादा मतलब है।
प्रिया दीदी- जब रंडी बनने की सोच लिया है तो अब शर्म कैसे। जितना ओपन रहूंगी उतना अच्छा रहेगा, और मेरा काम तो अब फरहान जी करा ही देंगे।
फरहान- तू तो एकदम परफेक्ट रंडी लग रही है। वैसे तुझे बता दूँ की तुझे लकी और छोटू से भी चुदवाना पड़ेगा।
प्रिया दीदी- कौन लकी और छोटू ? वो कैंटीन वाले ?
फरहान- हाँ कैंटीन वाले। बहन की लौड़ी कोई प्रॉब्लम है क्या ?
प्रिया दीदी- नहीं। कोई प्रॉब्लम नहीं फरहान जी। जब रंडी बनने जा रही हूँ तो कैसी शर्म। अब छोटू क्या, क्या सब्ब्जी वाला, क्या होटल वाला, मैं तो अब जमादार और भिखारियों के लिए भी तैयार हूँ। लकी और छोटू तो आप लोगों के साथ के है, पर छोटू का खड़ा भी होता है ?
स्वेता बोली- तू तो एकदम रंडी हो गयी है अभी से।
फरहान- अच्छा है अभी से रंडी बन जाये। इसके लिए भी अच्छा है और हमारे लिए भी। साली छिनार तू छोटू की चिंता न कर। उसका लौड़ा इतना बड़ा है की तेरी चूत के लिए वो अकेला ही काफी है।
प्रिया दीदी और स्वेता की हलकी सी हसने की आवाज़ आती है।
फरहान- समझी नयी नवेली छिनार। रंडी किसी की उम्र और लौड़े के बारे में नहीं पूछती। जिसका लौड़ा खड़ा होता है वही रंडी की बुर मारने आता है।
फरहान ऑडियो बीच में रोकता है और बोलता है की ये बात उसने प्रिया दीदी की चूची को मसल कर बोली थी।
छोटू बोलता है- भाई आपने बड़ी अच्छी और सही बात बोली।
पंकज बोला- यार ऑडियो बीच में न रोक। बाद में बता देना। अभी क्यों मज़ा किरकिरा कर रहा है। मेरा तो अभी से लौड़ा खड़ा हो गया है उस छिनार की बुर मारने के लिए।
फरहान बोला- यार साले साहब को भी तो पता चलना चाहिए की क्या हो रहा था। क्यों साले साहब ?
मैं भी थोड़ा उत्तेजित हो गया था और मुझे मालूम था की मैं अब कुछ नहीं कर सकता इसलिए मैं भी बोला- हाँ सही है जीजा जी आप सब कुछ बताते रहो। मैंने पहली बार किसी को जीजा बोल था।
सब लोगो ने हूटिंग की और बोले ये हुयी न बात।
फरहान ने फिर से ऑडियो रिकॉर्डिंग शुरू की-
प्रिया दीदी- सॉरी मालिक। गलती हो गयी। अब कभी ऐसा नहीं पूछुँगी। वैसे आप से एक विनती है। आप मेरी एक बात और मान लीजिए।
फरहान- हाँ बोल। मैं उनमे से नहीं हूँ जो अपनी रखैल की बात नहीं सुनते।
प्रिया दीदी- मुझे मालूम है की आप लोग 3-4 लड़के मिल कर एक लड़की को चोदते है। मुझे इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है, पर मैं चाहती हूँ की जब मेरी पहली बार सील टूटे तो सिर्फ आप अकेले ही मुझे चोदे और जब तक मैं पूरी तरह से ठीक न हो जाऊ तब तक कोई दूसरा लड़का मुझे सेक्स के लिए न बोले। सेक्स के अलावा आप लोग जो बोलेंगे मैं वो करुँगी और दूसरी बात की अगले हफ्ते से मेरे पीरियड्स शुरू होने वाले है इसलिए मुझे थोड़ा दर्द रहेगा और नार्मल होने में थोड़ा टाइम लगेगा। इसलिए तब तक कोई मुझसे सेक्स के लिए न बोले। मेरी ये दो बाते मान लीजिए। फरहान- चल ठीक है रांड। मैं तेरी ये दोनों बाते मान लेता हूँ। आखिर तू मेरे दोस्त की बहन है पर मेरी भी एक शर्त है की तुझसे जो भी करने को बोला जायेगा तू वो करेगी और कभी मना नहीं करेगी। अगर कोई तुझसे बस में या बीच सड़क पर अपना लौड़ा चूसने को बोलेगा तो तू चूसेगी। अगर तेरा कोई व्रत या उपवास चल रहा होगा फिर भी कोई तुझसे अपना मूत या थूक पीने को बोलता है तो मना नहीं करेगी। अगर कोई तुझसे नंगी हो कर पूजा करने को बोलेगा तो तू वो भी करेगी। कभी किसी काम के लिए मना नहीं करेगी। एक बात और की तू हिन्दू और पंडित है और हम लोग मुसलमान, चमार, जमादार, तुझे बहुत बेज्जत करेंगे। अगर तुझे ये सब मंजूर है तो मुझे भी तेरी बाते मंजूर है।
प्रिया दीदी- मुझे मालूम है। स्वेता मैडम ने मुझे ये सब बता दिया है। मुझे आपकी सारी बाते मंजूर है।
फरहान- तो तू अब पूरी रंडी बनने के लिए तैयार है ?
प्रिया दीदी- जी हाँ। तभी तो स्वेता मैडम को आपके पास भेजा था।
फरहान- तो जब रंडी बनने जा रही है तो रंडियों की तरह कपडे पहना कर बुरचोदी।
प्रिया दीदी- वो क्या कुछ अलग कपडे पहनती है ?
फरहान- मेरे कहने का मतलब है की जैसे जीन्स-टॉप, स्कर्ट-शर्ट कुछ मॉडर्न कपडे पहना कर।
प्रिया दीदी- ये सब कपडे बहुत महंगे आते है और मेरे पास इतने पैसे नहीं है जो ऐसे कपडे खरीद सकूँ।
फरहान- चल तू चुदवाना शुरू कर। पैसे तो तुझसे हम कमवा लगे रंडी बना के। वैसे सलवार-सूट पहनती है तो थोड़ा हॉट पहना कर, इसमें कुछ दिखता ही नहीं, न तेरी चूची, न तेरी पीठ और न ही तेरी गांड का उभार और ऊपर से तू दुपट्टा डाल लेती है और इतने में प्रिया दीदी की आवाज़ आती है- आई फट जायेगा। पिन लगी है फरहान जी। स्वेता और प्रिया दीदी के हसने की आवाज़ आती है।
फरहान यहाँ पर रिकॉडिंग रोक कर बताता है की की मैंने प्रिया का दुपट्टा खींचा था। कुतिया ने दुपट्टे में सेफ्टी पिन लगायी थी।
फरहान फिर ऑडियो शुरू करता है –
प्रिया दीदी- जी हटा रही हूँ। खिंचीये नहीं, फट जायेगा।
फरहान- अब तू ये पिन-विन न लगाना। कॉलेज के लौंडो को कुछ तो दिखने दे बुरचोदी। वैसे भी अब तू रंडी है।
फरहान, स्वेता और प्रिया दीदी के हंसने की आवाज़ आती है और यहाँ भी सब हसने लगते है। मैं भी उन सबके साथ थोड़ा मुस्कुरा देता हूँ।
प्रिया दीदी- ये लीजिए हटा दिया। जो देखना है देख लीजिए।
फरहान- साली तेरी चूची बहुत छोटी है। क्या साइज है इनका ? कभी किसी ने दबाया नहीं क्या ? तू भी नहीं दबती क्या ?
यहाँ पर फरहान हम सब को बताता है की- मैंने कुतिया की चूची मसली थी। छोटी चूची है पर एकदम कड़क और मस्त है।
फरहान फिर रिकॉर्डिंग आगे सुनाता है-
प्रिया दीदी- नहीं आज तक किसी ने नहीं दबाई। मैं भी इनको नहीं दबाती।
फरहान- क्यों माँ की लौड़ी ? साइज क्या है इनका ?
प्रिया दीदी- जी मम्मी मना करती है और साइज 30 की है।
फरहान- साली तू 20 की हो गयी है और चूची अभी केवल 30 की है। तेरी मम्मी क्यों मना करती है और क्या-क्या मना करती है ?
प्रिया दीदी- जी मम्मी बोलती है की चूची दबाने से निप्पल फ़ैल जाते है और इनका शेप ख़राब हो जाता है। ये ढीली हो जाती है और लटकने लगती है। मम्मी ने नीचे उंगली करने से भी मना किया है। बोलती है की इन्फेक्शन हो जाता है और साथ में चेहरे पर दाने निकल आते है।
फरहान- बहुत अच्छा सिखाया है तेरी माँ ने। हमारे लिए एकदम परफेक्ट रंडी तैयार की है। अब ऊपर क्लास में चल, तेरी नंगी वीडियो बनाऊंगा, कहीं तू फुर्र न हो जाये।
प्रिया दीदी हसने लगती है और बोलती है- चलिए आपको जैसी वीडियो बनानी है बना लीजिए। वैसे अब मैं फुर्र नहीं होने वाली।
स्वेता और प्रिया दीदी दोनों के हसने की आवाज़ आती है।
फरहान- स्वेता अब तू जा। मैं इस छिनार का फीगर और इसका नंगा जिस्म देख कर आता हूँ। ये ले अपना दुपट्टा। अब कभी पिन लगा कर न आना रांड और चल ऊपर क्लास में।
प्रिया दीदी- जी ठीक है अब कभी पिन नहीं लगाउंगी, जी चलिए।
फरहान यहाँ से ऑडियो बंद कर देता है और बोलता है – बस यही तक ऑडियो है, अब मैं तुम लोगो को प्रिया रांड की वीडियो दिखाता हूँ।
सब लोग एक साथ बोलते है- हाँ यार अब जल्दी से वीडियो भी दिखा। ऑडियो सुन कर ही इतना मज़ा आया की हम सब के लौड़े खड़े हो गए।
ऑडियो सुन कर मुझे भी थोड़ा मज़ा आया। सच बोलूं तो मेरा लौड़ा भी थोड़ा गरम हो गया था।
छोटू बोला- फरहान भाई अंदर करमे में चाहिए। वहां उस छिनार का वीडियो दिखाओ। मैं वीडियो देख कर अपना लौड़ा हिलाऊँगा।
छोटू की बात सुन कर सब हसने लगे। मुझे भी थोड़ी हंसी आ गयी और मैं छोटू से बोला- बहनचोद तुझे बहुत मज़ा आ रहा है।
छोटू बोला- बहन तेरी चुदने जा रही है और तू मुझे बहनचोद बोल रहा है। वैसे तेरी बहन है ही इतनी मस्त माल की किसी का भी लौड़ा खड़ा हो जाये उसे चोदने के लिए।
सब फिर से हसने लगे।
फरहान बोला- चल ठीक है। चल अंदर रूम में चलते है, वही वीडियो देखना और अपना लौड़ा हिलना। क्यों दीपक क्या तू भी अपनी बहन की नंगी वीडियो देखेगा ? तुझे कोई प्रॉब्लम तो नहीं ?

मैं बोला- नहीं जीजा जी। मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं। चलिए अंदर रूम में ही चलते है। यहाँ बहुत लोग आते-जाते है।
फिर हम सब लोग वहां से उठ पर कैंटीन के एक रूम में चले गए और उस रूम को अंदर से बंद कर लिया। हम सब लोग कुर्सी पर बैठ गए और फरहान ने मोबाइल में वीडियो चला कर सामने मेज़ पर रख दिया।
अब मैं आप लोगो को वो बताता हूँ जो मैंने उस वीडियो में देखा। वीडियो जहाँ से शुरू होती है वहां पर मेरी प्रिया दीदी आगे चल रही है और फरहान प्रिया दीदी के पीछे से वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा है। प्रिया दीदी एक क्लास के अंदर जाती है और फरहान भी उस क्लास में अंदर आ जाता है। वो क्लास पूरी खाली थी।
फरहान के अंदर आते ही प्रिया दीदी मुस्कुरा के पूछती है- दरवाज़ा बंद कर दूँ ?
फरहान- खुल रहने दे मुझे क्या रांड। नंगी तुझे होना है, मुझे नहीं।
प्रिया दीदी मुस्कुराते हुए क्लास का दरवाज़ा बंद करती है और बोलती है- जी मुझे लगा की शायद आपके दोस्त भी आएंगे।
फरहान- साली छिनार उनसे मिलने की बड़ी जल्दी है। (और फरहान प्रिया दीदी का दुपट्टा खींच लेता है)
फरहान- देख कुछ भी नहीं दिख रहा। न चूची, न गर्दन।
प्रिया दीदी- जी पहले कपडे तो उतारने दीजिये। फिर सब दिखेगा। (प्रिया दीदी के चेहरे पर मुस्कराहट साफ़ दिख रही थी, वो काफी खुश लग रही थी)
मुझे भी अच्छा लगा की मेरी प्रिया दीदी खुश है।
फरहान- रांड कपडे बाद में उतारना, पहले अपने बालों की चोटी खोल। ऐसे बन के आती है की खड़ा लौड़ा भी बैठ जाये। बाल खोल अपने छिनार।
प्रिया दीदी हसने लगी और बोली- जी दुबारा बाल बांधने में काफी टाइम लग जायेगा।
फरहान- आज दिनभर अपने बाल खुले रख। जब घर जाना तब अपने बाल बांध लेना और अपने कपडे कैंटीन में जा कर छोटू से ले लेना कुतिया।
प्रिया दीदी हंसते हुए बोली- क्यों आज मुझे दिनभर कॉलेज में नंगी ही रखेंगे क्या ? और प्रिया दीदी अपने बालों की चोटी खोलने लगती है।
फरहान- सिर्फ आज नहीं, अब से तू कॉलेज में नंगी ही रहेगी मादरचोद। और फरहान हसने लगता है।
प्रिया दीदी अपने बाल खोल देती है और फिर बोलती है- हाँ खोल दिए। अब क्या उतारू ?
फरहान- चल अब अपना कुर्ता उतार छिनार।
प्रिया दीदी अपना कुर्ता उतरती है और बगल में रखी मेज़ पर अपना कुर्ता रख देती है। प्रिया दीदी ने कुर्ते के अंदर सफ़ेद समीज़ पहनी थी।
फरहान- बहन की लौड़ी ये क्या है ! चूची तो है ही नहीं और इन्हे ऐसे छुपा के रखा है। जैसे अंदर कोई हीरा छुपाया हो। इसे भी उतार साली।
फरहान ने ये बात प्रिया दीदी की समीज़ के ऊपर से उनकी चूची दबाते हुए बोली थी।
प्रिया दीदी हँसते हुए बोली- जी हीरा नहीं है पर हीरे से कम भी नहीं है। और अपनी समीज़ उतार कर मेज़ पर रख दी।
प्रिया दीदी ने समीज़ के अंदर पिंक ब्रा पहनी थी। अब मेरी प्रिया दीदी ब्रा और सलवार में फरहान के सामने खडी थी।
फरहान- सुभान-अल्लाह ! क्या जिस्म है तेरा।
यहाँ भी सबके मुंह से वाव ! क्या बात है ! सुभान-अल्लाह निकल जाता है।
फरहान यहाँ पर वीडियो रोक देता है और सब से पूछता है की- कैसी लगी ?
छोटू- मस्त माल है भईया जी। फिगर कितना सेक्सी है छिनार का।
छोटू ने अपना लण्ड अपने कच्छे से बाहर निकाल लिया और उसे मसलने लगा।
विजय बोला- क्या बोलू भाई ! क्या मस्त चीज़ है साली।
विजय भी अपने लण्ड को पैंट के ऊपर से ही मसलने लगा।
फरहान बोला- रुको अभी बोलना।
फरहान फिर से वीडियो शुरू करता है।
प्रिया दीदी- जी क्या हुआ ? (दीदी मुस्कुराते हुए आँख मारती है)
फरहान- कुछ नहीं बहन की लौड़ी। चल अपनी ब्रा उतार।
प्रिया दीदी मुस्कुराते हुए अपने दोनों हाँथ अपने पीछे पीठ पर ले जाती है और अपनी ब्रा का हुक खोल कर अपनी ब्रा को अपने कंधो से अलग करती है फिर ब्रा उतार कर मेज़ पर रख देती है।
प्रिया दीदी की चूची देख कर सबके मुंह में पानी आ गया और लार टपकने लगी। सच में मेरी प्रिया दीदी की क्या मस्त चूची थी। चूची छोटी थी पर एकदम टाइट और गोल थी। प्रिया दीदी की चूची बिलकुल भी लटक नहीं रही थी और अपनी जगह पर संतरे जैसी थी। मेरी प्रिया दीदी की चूची दूध जैसी गोरी थी और उन पर भूरे रंग के छोटे-छोटे निप्पल बहुत मस्त लग रहे थे। प्रिया दीदी के गले में सीने तक चूची के बीच में काले धागे में दुर्गा जी का लॉकेट और गोल्ड की चेन उनकी चूची को और सुन्दर बना रहे थे। मेरी प्रिया दीदी को ऐसे नंगा देख कर सबके लौड़े खड़े हो गए। मैंने भी पहली बार अपनी प्रिया दीदी को ऐसे देखा था और उत्तेजना से मेरा लौड़ा भी खड़ा हो गया।
आगे रिकॉर्डिंग में –

प्रिया दीदी मुस्कुराते हुए बोली- क्या हुआ फरहान जी! मेरी चूची अच्छी है न! मैं सुन्दर लग रही हूँ न!
फरहान- हाँ माँ की लौड़ी बहुत अच्छी चूची है। अब अपनी सलवार उतार।
प्रिया दीदी मुस्कुराते हुए अपनी सलवार का नाडा खोल कर ढीला किया और फिर अपनी सलवार को फैला दिया जिससे दीदी की सलवार सरक कर नीचे ज़मीन पर गिर गयी। प्रिया दीदी बगल में रखी मेज़ पर बैठ कर अपने एक-एक पैर उठा कर अपनी सलवार अपने पैरों से निकाल दी और सलवार को मेज़ पर रख कर फिर से खडी हो गयी। प्रिया दीदी ने नीले रंग की पैंटी पहनी थी। पैंटी में मेरी प्रिया दीदी की फूली हुयी बुर साफ़ पता चल रही थी|
यहाँ पर फरहान वीडियो रोक देता है और इधर मैं देखता हूँ की पंकज और साबिर अपने लौड़े को पैंट से बाहर निकाल कर हाँथ से ऊपर-नीचे कर रहे थे। उन दोनों के लण्ड एकदम गंदे और काले थे। मैं सोचने लगा की ये कितनी बेरहमी से मेरी चाँद सी गोरी बहन को चोदेंगे। मेरा हाँथ भी मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लौड़े पर आ गया था और मैं भी पैंट के ऊपर से ही अपने लौड़े को मसलने लगा।
ये देख कर सब हसने लगे और फरहान बोला- ये हुयी न बात! क्यों साले साहब मज़ा आ रहा है ?
मैं मुस्कुराते हुए बोला- हाँ जीजा जी।

End of Part 1

10 thoughts on “माँ बहन की चुदाई अपने ही दोस्त और उसके अब्बू से Part 1

  1. Nice Story. Ye log sex main bade aggressive hote hain. Meri shadi 54 saal ke muslim se huwee. Lekin suhaagraat main usne muzhe 3 ghante tak choda aur upar muzhe pregnant karne ki soch raha han

  2. Maja aa gaya story padh ke
    Meri sexy jawan behen mujhse duri bana ke rakhti hai ummeed hai usko bhi koi aisa tagda muslim lund mil jaye to shayad mujhe bhi mauka mile

  3. BHAI MAST STORY HAI AUR PART JALDI BHEJO RAHA NAHI JA RAHA AUR PURI STORY ME WRAT RAKH KE NANGI PUJA KARTE HUYE CHUDAI JARUR LIKHNA VISTAR SE KAHANI BAHUT HI MAST HAI

  4. Nice story. Muslims ke bistar me hi humara asli jannat hai. yeh baat hume bhulni nehi chahie. ok age ki kahani janna chahti hu. next part post koro. thanx to all .

  5. Sudha Didi muje ye smjh nhi aata ki firoz uncle mummy ko beef kyu khilate h or shraab cigarettes kyu pilate h reply plz

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